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प्रतिष्ठित ‘इको-ऑस्कर’ सम्मान के फाइनल में पहुंचे ये दो भारतीय स्टार्टअप

ड्यूक ऑफ कैम्ब्रिज विलियम ने पृथ्वी को बचाने की कोशिश कर रहे लोगों को सम्मानित करने के लिए 'इको-ऑस्कर’ पुरस्कार शुरू किया। भारत के दो स्टार्टअप्स 'फूल' व 'खेती' इस अवॉर्ड के फाइनल में पहुंच चुके हैं।

करीब 10,500 की ऊंचाई पर UPI पेमेंट देखकर आनंद महिंद्रा बोले- 'जय हो'

By अर्चना दूबे

उत्तराखंड के माणा गांव में मौजूद भारत की आखिरी चाय की दुकान से आई एक ऐसी तस्वीर, जिसकी तारीफ करने से #AnandMahindra भी खुद को रोक नहीं पाए।

SBI CBO Recruitment 2022: सर्किल बेस्ड ऑफिसर पदों पर निकली वेकेंसी, जानें कैसे करें आवेदन व अंतिम तिथि

By अर्चना दूबे

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के सर्किल बेस्ड ऑफिसर (CBO) के 1,422 पदों के लिए वेकेंसी निकली है, जल्द करें आवेदन।

इन 5 तरीकों से घर पर तैयार करें गार्डन के लिए बेहतरीन पॉटिंग मिक्स

By प्रीति टौंक

पौधों के सही विकास के लिए सबसे ज़रूरी है, अच्छी मिट्टी तैयार करना। तो चलिए जानें एक अच्छी पॉटिंग मिक्स कैसे तैयार की जा सकती है!

नए साल और क्रिसमस की भीड़ से पहले ही नवंबर में घूमें ये पांच जगहें

By प्रीति टौंक

अगर क्रिसमस और नए साल की भीड़ से परे सुकून से बितानी हैं छुट्टियां, तो नवंबर में ही जाएं इन पांच जगहों पर।

Home Decoration Tips: कम बजट में घर पर ही बनाएं सजावट की ये चीज़ें

अगर आप कम ख़र्च में अपने घर को सुन्दर बनाना चाहते हैं, तो फॉलो कीजिये ये बेहतरीन DIY तरीक़े और खुद डेकोरेटिव आइटम्‍स बनाकर दीजिए अपने घर को एक डिफरेंट लुक।

8वीं पास, छोटा गाँव, घूँघट से ढका सिर, पर हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी में सिखा चुकी हैं बिज़नेस के गुर

By प्रीति टौंक

अपने साथ-साथ 30 हजार महिला कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने वाली रूमा देवी, महज आठवीं पास हैं लेकिन उनकी सफलता की कहानी को आज दुनिया सलाम करती है।

बेटा अर्शदीप रोज़ कर सके प्रैक्टिस, इसलिए 13 किमी साइकिल चलाकर साथ ले जाती थीं माँ

By अर्चना दूबे

भारतीय क्रिकेटर अर्शदीप सिंह ने केवल 7 साल की उम्र में पहली बार अपने पिता के सामने गेंदबाजी की थी और आज वह अपने माता-पिता का सिर गर्व से ऊंचा कर रहे हैं।

10 किताबें, जो छात्रों को ज़रूर पढ़नी चाहिए

By अर्चना दूबे

अक्सर हमें लगता है कि छात्रों को अपने सिलेबस की किताबों पर ध्यान देना चाहिए, बाकि किताबें तो एक उम्र के बाद पढ़ी जाती हैं। लेकिन किताबें पढ़ना जीवन को एक सधी हुई दिशा देने के लिए बेहद ज़रूरी है।