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साढ़े 3 लाख किताबें, 65 केंद्र, और कोशिश एक, मुफ्त में मिले ज़रूरतमंदों को किताबें!

By निशा डागर

"बचपन में अपनी कई सहेलियों को किताबें न होने की वजह से पढ़ाई छोड़ते हुए देखा था। इसलिए हमेशा मेरे मन में यह चाह रही कि मैं ऐसा कुछ करूँ कि कम से कम किताबों के अभाव में कोई पढ़ाई न छोड़े।"- अमिता शर्मा

जानिए कैसे अनोखी तकनीकें अपनाकर फसलों का उत्पादन बढ़ा रहे हैं ये किसान!

By निशा डागर

उत्तर-प्रदेश में राम अभिलाष पटेल ने धान रोपने की नई गोली विधि ईजाद की है तो वहीं पंजाब के प्रभात सिंह ने लीची की दो किस्मों को साथ बो कर सफलता हासिल की है!

कैंसर को हराया, नौकरी छोड़ी और महज़ पांच एकड़ में खिलाये गुलाब, गोभी और ड्रैगन फ्रूट भी!

By साधना शुक्ला

“11 साल हो गए होंगे, जब मुझे कैंसर हो गया था, पीजीआई के डॉक्टरों ने आधा गाल काटकर निकाल दिया, जान तो बच गई, पैसे भी बहुत खर्च हुए लेकिन उसके बाद संभलना बहुत मुश्किल हो गया था। आपरेशन के बाद जब मैं ठीक हुआ तो सबसे पहले ये काम किया कि ऐसी खेती करनी है जिसमें नुकसान न हो।"

#गार्डनगिरी: बेकार पड़ी प्लास्टिक बोतल में लगाएं टमाटर का उल्टा पौधा!

By निशा डागर

बड़े शहरों में अपार्टमेंट्स में रहने वाले लोगों को अंकित 'वर्टीकल गार्डनिंग' करना सिखा रहे हैं, जिससे उन्हें ताजा सब्ज़ियाँ भी मिले और घर में पड़ी बेकार प्लास्टिक की बोतलों का उचित उपयोग भी हो।

यूपी के इस आईएएस ने बाजार से आधी कीमतों पर बनायी टॉप-क्वालिटी पीपीई किट!

‘ऑपरेशन कवच’ नाम की यह पहल लगभग 175 गाँव की महिलाओं को सशक्त बना रही है। सिर्फ यही नहीं भारतीय सेना पहले ही अपने अस्पतालों के लिए बड़ी तादाद में पीपीई किट के लिए इन्हें ऑर्डर दे चुकी है।

उत्तर-प्रदेश: किसान अब पराली जलाते नहीं बल्कि इससे खाद बनाते हैं, जानिए कैसे!

By निशा डागर

मेरठ और गौतम बुद्ध नगर के 85 किसानों के यहाँ पर यह कम्पोस्टिंग यूनिट लगाई गई हैं, जिनकी मदद से अब वे पूरे साल घर का बना खाद और जैविक पेस्टीसाइड उपयोग कर रहे हैं!

मल्टीनेशनल की नौकरी छोड़ी, केंचुआ खाद बेचकर कमाते हैं करोड़ों

उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, उड़ीसा, असम सहित कुल 14 राज्यों में करीब आठ हजार यूनिट स्थापित हैं। इनमें 80 के करीब यूनिट्स अकेले मेरठ जिले में हैं।

‘जल-योद्धा’ के प्रयासों से पुनर्जीवित हुई नदी, 450 तालाब और सैकड़ों गांवों की हुई मदद!

By निशा डागर

सालों के अथक प्रयास के बाद, रमन कांत उत्तर-प्रदेश की काली नदी के उद्गम को पुनर्जीवित करने में सफल रहे हैं। 598 किमी तक बहने वाली इस नदी के किनारे 1200 गाँव और कस्बे बसे हुए हैं!

चित्रकूट के ये कारीगर मुफ्त में बच्चों को सीखा रहें हैं लकड़ी से खिलौने बनाना

“हमें लगा हमारी पीढ़ी के जाने के बाद कोई जानेगा ही नहीं इन खिलौनों के बारे में। हम चाहे जितना भी कम कमा रहे हैं, यह कला है हमारी, ऐसे कैसे ख़त्म होने दें।"

IAS अफसर ने 21 महीनों में 137 जलाशयों को दिया नया जीवन, लखीमपुर को मिला ISO सर्टिफिकेशन

अपने सब डिविशन के लिए 2 प्रमाणपत्र हासिल करने वाले अरुण कुमार लखीमपुर को मॉडल तहसील के रूप में विकसित करने के लिए प्रयासरत हैं।