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सोलर रूफ़, मियावाकी फॉरेस्ट्स और रीसाइकल्ड बेंच; सब है अहमदाबाद के इस अफ़सर का कमाल

भारतीय रेलवे की ट्रेनों में और स्टेशनों पर स्वच्छता की योजना को नए स्तर पर ले जाने वाले फेडरिक पैरियथ ने न केवल अपनी नौकरी की, बल्कि पर्यावरण के प्रति अपनी ज़िम्मेदारियां भी बखूबी निभाईं। उन्हीं के कारण अहमदाबाद रेलवे स्टेशन का कायाकल्प हो सका और आज यह कई सस्टेनेबल तरीक़ों से काम करता है।

दिव्यांग बेटी को खाना खिलाने के लिए दसवीं पास पिता ने बनाया 'माँ रोबोट'

By प्रीति टौंक

गोवा के रहने वाले 44 वर्षीय बिपिन कदम भले ही केवल 10वीं पास हैं, लेकिन मशीनों से उन्हें इतना लगाव है, जितना शायद किसी इंजीनियर को भी न हो। उन्होंने अपनी दिव्यांग बेटी के लिए खुद की सूझ-बूझ से एक ‘माँ रोबोट’ बनाया है। जानिए कैसे और क्या-क्या काम करती है यह मशीन।

परिवार के विरोध के बावजूद बनीं किसान, अब सालाना कमाती हैं 1 करोड़

By पूजा दास

कर्नाटक की रहने वाली रोजा रेड्डी ने ऑर्गेनिक खेती के लिए अपनी कॉर्पोरेट जॉब छोड़ दी। अपनी बंजर ज़मीन पर ऑर्गेनिक खेती करने का फैसला किया और आज इस क्षेत्र में न केवल महारत हासिल की है, बल्कि हर साल करोड़ रुपये भी कमा रही हैं।

गुरसौरभ ने बनाई ऐसी अनोखी किट जो 20 मिनट में किसी भी साइकिल को बना देती है इलेक्ट्रिक वाहन

By पूजा दास

हरियाणा के हिसार के रहने वाले गुरसौरभ सिंह ने एक बेहद अनोखा आविष्कार किया है। उन्होंने एक ऐसी किट बनाई है जिसकी मदद से केवल 20 मिनट में किसी भी साइकिल को इलेक्ट्रिक वाहन में बदला जा सकता है।

10वीं पास इलेक्ट्रीशियन का कमाल, कई सुविधाओं वाला हॉस्पिटल बेड बना मरीज़ों के लिए वरदान

By प्रीति टौंक

मेटपल्ली (तेलंगाना) के प्रभाकर अल्लादी ‘प्रभात इंडस्ट्रीज़' नाम की एक कंपनी चलाते हैं। हाल ही में उन्होंने अपने बनाए मल्टीपर्पस बेड के लिए पेटेंट हासिल किया है। यह एक ऐसा बेड है जो शौचालय, पुश-बैक सीट, हैंड शॉवर, वॉश बेसिन और स्टोरेज जैसी सुविधाओं के साथ आता है।

अनाथ आश्रम में पले फैज़ल कैसे पहुंचे इंग्लैंड और अपने टी बिज़नेस को देश-विदेश में बनाया ब्रांड

चाय का सफल बिज़नेस चला रहे आलप्पुष़ा (केरला) के रहनेवाले, फैज़ल यूसुफ़ के पिता का कम उम्र में ही निधन हो गया था और उन्हें 12वीं में पढ़ाई छोड़नी पड़ी। इसके बाद, वह अख़बार बांटने का काम करने लगे। कुछ सालों बाद उनके जीवन में एक ऐसा मोड़ आया, जिसने उनकी ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल दी।

निमिष ने बांटी गणपति की 500 अनोखी मूर्तियां, विसर्जन के बाद देती हैं फल और सब्जियां

By द बेटर इंडिया

एमबीए और एमकॉम की पढाई कर बड़ी कोचिंग में कार्यरत, 25 साल के निमिष गौतम ने गणेश चतुर्थी पर अनोखे इको फ्रेंडली गणेश की 500 मूर्तियां बनाकर लोगों को सवा रुपये में बांटी हैं, जिससे आस्था और पर्यावरण दोनों सुरक्षित रहें।

22 साल बाद नौकरी छोड़ गांव लौटे चंद्रशेखर, अब जड़ी-बूटियों की खेती से कमा रहे हैं लाखों

उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में जन्मे चंद्रशेखर पांडे अपनी पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ रोज़गार की तलाश में सपनों की नगरी मुंबई में जा बसे. शहर में वह अपने सभी अरमान पूरे करते हुए तरक्की कर रहे थे, लेकिन इस बीच गांव और अपनी मिट्टी के लिए लगाव भी बढ़ता रहा। जानें 22 साल बाद आख़िर ऐसा क्या हुआ कि नौकरी छोड़कर वह वापस गांव लौट आये.

इस छोटे से डिवाइस ने किया प्रियदर्शन को LPG सिलेंडर और गीले कचरे दोनों से मुक्त

By प्रीति टौंक

पुणे के प्रियदर्शन सहस्त्रबुद्धे ने अपने फ़ूड वेस्ट को उपयोग में लाने के लिए एक बायो गैस डिवाइस, ‘वायु’ बनाया है। इससे वह न सिर्फ़ अपना, बल्कि अपने पड़ोसियों का फ़ूड वेस्ट भी इस्तेमाल में ला रहे हैं और आज उन्हें LPG सिलेंडर ख़रीदने की ज़रुरत ही नहीं पड़ती।

दिव्यांग दोस्त की फरमाइश पर इस मैकेनिक ने बनाई मिनी जीप, अब पूरे पंजाब से मिल रहे ऑर्डर्स

By प्रीति टौंक

मिलिए मनसा (पंजाब) के 66 वर्षीय बब्बर सिंह से, जिन्होंने देश की सबसे छोटी जीप बनाकर न सिर्फ अपने दिव्यांग दोस्त की, बल्कि कई और लोगों की भी मदद की है।