सीहोर (गुजरात) के रामटेकरी इलाके में सीताराम नाम से मशहूर रिटायर टीचर रामजीभाई मकवाना पिछले 40 सालों से अपनी पत्नी के साथ मिलकर पक्षियों की सेवा कर रहे हैं। उनका बनाया पक्षी तीर्थ किसी अभ्यारण्य से कम नहीं।
'डीहाइड्रेशन' की पुरानी तकनीक को इस्तेमाल करके हैदराबाद के अनुभव भटनागर ने अपना स्टार्टअप, Zilli's शुरू किया है। जिसके अंतर्गत वह प्राकृतिक, प्रेज़रवेटिव-फ्री और रेडी टू कुक प्रोडक्ट्स बना रहे हैं।
राजस्थान के नागौर जिला स्थित सिरसूं गाँव में रहनेवाले 50 वर्षीय रेंवत सिंह राठौड़ के खेत में 2000 से भी ज्यादा पेड़-पौधे हैं। उन्होंने एक खेजड़ी के पेड़ पर ट्रीहाउस भी बनाया है।
उत्तर प्रदेश के अब्दुल करीम को बचपन से ही पारंपरिक पढ़ाई पसंद नहीं थी। अब, उन्होंने ऐसे डिवाइस बनाए हैं, जिनसे गाँववालों की ज़िंदगी बहुत आसान हो गई है।