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अनमोल इंडियंस

Inspiring Indians Stories To Motivate From India. \ भारत के उन प्रेरक नायक नायिकाओं की कहानियां, जो अपने काम से भारत को बेहतर से बेहतरीन बनाने में जुटे हैं!

न पांव में जूते, न खेलने को ग्राउंड फिर भी खेली ऐसी क्रिकेट कि सचिन तेंदुलकर भी हो गए कायल

By अर्चना दूबे

बाड़मेर के शेरपुरा कानासर की रहनेवाली 14 साल की बच्ची मूमल मेहर ने ऐसा क्रिकेट खेला कि मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर भी उनके कायल हो गए।

मजदूर के बेटे से लेकर बालगृह में रह रहे बच्चे तक, ये 6 छात्र NASA में बढ़ाएंगे देश का मान

By अर्चना दूबे

यंग टिंकर एजुकेशनल फाउंडेशन के छह छात्रों को नासा ह्यूमन एक्सप्लोरेशन रोवर चैलेंज (HERC) 2023 में भाग लेने के लिए चुना गया है। यह टीम भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए अप्रैल 2023 में US जाएगी।

यह कार्यक्रम बच्चों के सीखने की क्षमता को सुधारने में 12 राज्यों के शिक्षकों की कर रहा मदद

By अर्चना दूबे

सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन, एक गैर-लाभकारी संगठन है, जो निपुन भारत मिशन के दिशा निर्देशों के अनुसार बच्चों में सीखने की क्षमता का विकास करके, भारतीय स्कूल शिक्षा प्रणाली को बदलने की दिशा में काम कर रहा है।

पति की याद में पत्नी की सेवा, फ्री में चला रहीं एम्बुलेंस, आई सैकड़ों मरीजों के काम

By प्रीति टौंक

मिलिए राजकोट की संगीता हरेश शाह से, जिनके नेक काम के कारण आज शहर के कई ज़रूरतमंद मरीजों को फ्री में एम्बुलेंस सेवा मिल रही है। पढ़ें उनकी कहानी और जानिए क्यों और कैसे हुई इस काम की शुरुआत।

इलाज से लेकर शिक्षा तक, 75 दिव्यांग बच्चों के पिता बनकर उनका ख्याल रखते हैं अनिल

By प्रीति टौंक

एक गरीब माँ को अपने दिव्यांग बच्चे के साथ देखकर, आगरा के अनिल जोसेफ को ऐसे और बच्चों की मदद करने का ख्याल आया। उन्होंने ऐसे गरीब और बेसहारा दिव्यांग बच्चों के लिए एक एनजीओ शुरू करके एक शेल्टर होम बनाया, जो आज 75 विशेष बच्चों का घर बन चुका है।

बायोटॉयलेट से बोरवेल तक, वारली आदिवासियों के जीवन को बदल रहीं यह मुंबईकर, जानिए कैसे?

By प्रीति टौंक

जंगल के बीच, महाराष्ट्र के वारली आदिवासी समाज के हज़ारों परिवारों के जीवन में बुनियादी सुविधाएं लाने के लिए, मुंबई की कैसेंड्रा नाज़रेथ के प्रयासों की बेहतरीन कहानी आपको ज़रूर जाननी चाहिए।

25 सालों से पौधे लगा रहे दिहाड़ी मजदूर कन्नन, कई बार काट दिए गए पेड़ फिर भी नहीं मानी हार

By अर्चना दूबे

पौधारोपण के शौकीन कन्नन के पेड़ कई बार काट दिए गए़, लेकिन नहीं मानी हार। Kannan's planted trees were cut many times, but did not gave up.

मरीज़ों को खाना, एम्बुलेंस व ब्लड बैंक सेवा, सब मुफ्त में देता है शिमला का 'वेला बॉबी'

By प्रीति टौंक

डॉक्टर्स ही नहीं, शिमला के सरबजीत सिंह भी हैं मरीज़ों और ज़रूरतमंदों के मसीहा। वह सालों से शवों के लिए वाहन, पेशेंट्स के लिए एम्बुलेंस सुविधा सहित ब्लड कैंप और मुफ्त में खाना खिलाने जैसी सुविधाएं ज़रूरतमंदों तक पंहुचा रहे हैं।

झुग्गी-झोपड़ी के 5 बच्चों को निःशुल्क पढ़ाने से की थी शुरुआत, आज हैं 150 बच्चों के पिता

ज़िंदगी भर अपने पिता को अपनी स्कूल की फ़ीस भरने के लिए कड़ी मेहनत करते देख, 31 साल के उद्देश्य सचान ने अपना ही नहीं, बल्कि कई गरीब बच्चों का भविष्य बनाने की ठानी और उनको फ्री में पढ़ाना शुरू कर दिया। आज कानपुर के गुरुकुलम में 150 से ज़्यादा बच्चे ख़ुशी से, खेल-कूदकर पढ़ाई करते हैं।

मुंबई के इंजीनियर ने बनाया 'इलेक्ट्रिक सेल्फ ड्राइविंग ट्रैक्टर', किसानों के लिए होगा वरदान

मुंबई बेस्ड इंजीनियर कौस्तुभ ढोंडे और उनका इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर स्टार्टअप AutoNxt Automation आर्टिफिशल इंटेलिजेन्स (AI) और 5G तकनीक से चलने वाले ऑटोनोमस ट्रैक्टर पर काम कर रहा है और 2024 तक इसे लांच करने की तैयारी में है।