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न पांव में जूते, न खेलने को ग्राउंड फिर भी खेली ऐसी क्रिकेट कि सचिन तेंदुलकर भी हो गए कायल

Sachin Tendulkar praised 14 YO Mumal Mehar

बाड़मेर के शेरपुरा कानासर की रहनेवाली 14 साल की बच्ची मूमल मेहर ने ऐसा क्रिकेट खेला कि मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर भी उनके कायल हो गए।

बाड़मेर के शेरपुरा कानासर की रहनेवाली 14 साल की बच्ची ने ऐसा क्रिकेट खेला कि मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर भी उनके कायल हो गए। न पांव में जूते, न ढंग का ग्राउंड फिर भी बड़ी खूबसूरती और विश्वास के साथ बैटिंग कर रहीं 14 साल मूमल मेहर की वीडियो किसी के हाथ लगी और उसने मूमल के टैलेंट को सही मंच दिलाने के लिए वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दी, जो काफी वायरल हो रही है।

इस वीडियो में मूमल एक के बाद एक बेहतरीन शॉट लगाती नज़र आ रही हैं। उनके लाजवाब शॉट्स देखकर हर कोई हैरान है। शेरपुर कानासर के किसान मठार खान की बेटी मूमल मेहर के घर की आर्थिक हालत काफी खराब है। खेलने के लिए उनके पास जूते तक नहीं हैं, लेकिन आत्मविश्वास, लगन और जज़्बा पूरा है।

मूमल को क्रिकेट से इतना प्यार है कि उन्होंने कभी अपने पांवों में जूतें, शानदार ग्राउंड और सुविधाओं की परवाह नहीं की। उन्हें जहां बैट मिल जाता है, वह वहीं क्रिकेट खेलना शुरू कर देती हैं और साथ शुरू हो जाती है शानदार शॉट्स की बरसात भी, फिर चाहे सामने गांव का कितना ही बड़ा बॉलर क्यों न हो।

WPL से खुलेंगे मूमल मेहर जैसी खिलाड़ियों के लिए नए अवसरों के द्वार

Mumal Mehar
Mumal Mehar

मूमल मेहर के पिता की कमाई इतनी नहीं है कि वह अपनी बेटी को क्रिकेट की अच्छी ट्रेनिंग दिला सकें। मूमल की 6 बहनें और 2 भाई हैं। फिलहाल, मूमल जिस स्कूल में पढ़ती हैं, उसी स्कूल के टीचर रोशन खान उन्हें ट्रेनिंग दे रहे हैं। वह उसे क्रिकेट की बारीकियों के बारे में बताते हैं।

रोज तीन से चार घंटे प्रैक्टिस करवाते हैं। मूमल को खेल के साथ अपनी माँ के कामों में भी हाथ बंटाना पड़ता है। घर की बकरियों को भी चराने ले जाना पड़ता है। मूमल घर से तीन किलोमीटर दूर पैदल स्कूल जाती हैं, क्रिकेट प्रैक्टिस करती हैं और फिर आकर घर के काम भी करती हैं।

मूमल की वीडियो को देख क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन भी खुद को छोटी सी क्रिकेटर मूमल की तारीफ करने से नहीं रोक सके। दरअसल, देश में जल्द ही Women’s Premier League (WPL) शुरू होने वाला है। WPL, महिला क्रिकेट और क्रिकेटर्स के लिए ज्यादा अवसरों के दरवाज़े खोलेगा।

हमारे देश की खिलाड़ियों ने कठिन चुनौतियों से गुजरते हुए महिला क्रिकेट को यहां तक पहुंचाया है। WPL के ज़रिए न सिर्फ क्रिकेटर्स तमाम ज़रूरी संसाधनों से लैस हो सकेंगे, बल्कि मूमल जैसी देश की उभरती प्रतिभाओं में नया उत्साह भरते हुए उनके सामने क्रिकेट को एक आकर्षक और भरोसेमंद करियर के रूप में भी रखा जा सकेगा। 

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