Powered by

Latest Stories

HomeTags List अच्छी ख़बरें

अच्छी ख़बरें

नौकरी छोड़ बने किसान! बिना मिट्टी उगा रहे सब्जियां, लगा चुके हैं 1000 हाइड्रोपोनिक सेटअप

By प्रीति टौंक

राजकोट के 30 वर्षीय रसिक नकुम ने साल 2013 में टीचर की नौकरी के साथ-साथ हाइड्रोपोनिक तरीके से सब्जियां उगाना शुरू किया था। वहीं, पिछले चार सालों से वह नौकरी छोड़कर एक कृषि एक्सपर्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। पढ़ें, कैसे हुआ यह सब मुमकिन।

70 की उम्र में बागवानी करके जवां हैं यह रिटायर्ड इंजीनियर, घर पर लगाए 8000 पौधे

By प्रीति टौंक

नवसारी (गुजरात) के डूंगरी गांव में बना, रिटायर्ड इंजीनियर सुरेशचंद्र पटेल का घर किसी फार्म हाउस से कम नहीं है। उनका पूरा परिवार साथ मिलकर 8000 से ज्यादा पौधों की देखभाल करता है।

माँ से 5000 उधार लेकर शुरू किया काम, हाथों से बने ब्यूटी प्रोडक्ट्स ने हज़ारों ग्राहकों के बीच दिलाई पहचान

By प्रीति टौंक

रायपुर की राखी श्रीवास्तव VIU naturals नाम से 45 तरह के हैंडमेड नेचुरल प्रोडक्ट्स बनाकर बेच रही हैं और इसके जरिए लाखों रुपये भी कमा रही हैं। लेकिन एक समय पर उनके पास इस बिज़नेस को शुरू करने तक के पैसे नहीं थे।

बारिश के पानी से करते हैं बोरवेल रिचार्ज, सालभर पड़ोसियों को भी नहीं होती पानी की किल्लत

By प्रीति टौंक

करीबन 10 साल पहले, मुंबई के चेतन सूरेंजी के इलाके में बना बोरवेल अक्सर गर्मियों में सूख जाया करता था, जिससे पानी की बड़ी समस्या रहती थी। लेकिन बारिश का पानी बचाने के उनके प्रयासों से आज उनके साथ-साथ, उनके पड़ोसियों को भी सालभर पानी की दिक्कत नहीं होती।

बारिश का मौसम सब्जीयां उगाने के लिए होता है सबसे सही, करें इन पांच सब्जियों से शुरुआत

By प्रीति टौंक

गार्डनिंग एक्सपर्ट की मानें, तो बारिश के मौसम में फूल के साथ हर तरह की सब्जियां आसानी से उग जाती हैं। जानें किन सब्जियों को लगा सकते हैं आसानी से।

70 किस्म के टमाटर उगते हैं बेंगलुरु की इस छत पर, आलू-प्याज़ के अलावा कुछ नहीं आता बाज़ार से

By प्रीति टौंक

बेंगलूरु की प्रतिमा अदिगा पेशे से शेफ हैं और जब से उन्हें बाहर मिलने वाली सब्जियों के केमिकल के बारे में पता चला, तब से उन्होंने घर पर सब्जियां उगाना शुरू कर दिया। आज वह खुद के साथ-साथ शहर के 170 लोगों को गार्डनिंग सिखा रही हैं।

हर दिन 50 तोते और कई दूसरे पक्षी आते हैं पुणे के इस घर में, जनिए वहां ऐसा क्या है खास

By प्रीति टौंक

मिलिए पिछले सात सालों से पुणे में रह रहीं राधिका सोनवणे से, जिनके घर की छोटी सी बालकनी में पिछले तीन सालों में ढेरों तोते और पक्षी आने लगे। जानें ऐसा क्या करती हैं वह इन पक्षियों के लिए?

द बेटर इंडिया की कहानी का असर, सत्यप्रकाश के बिज़नेस से जुड़ना चाह रहे देशभर से दिव्यांगजन

By प्रीति टौंक

बनारस के रहनेवाले 25 वर्षीय सत्यप्रकाश मालवीय नेत्रहीन होते हुए भी अपने घर से मसालों का बिज़नेस चलाते हैं। द बेटर इंडिया हिंदी पर उनकी कहानी पढ़ने के बाद, उन्हें देश भर से दिव्यांगजनों ने सम्पर्क किया और कई लोग उनसे जुड़कर काम भी करना चाहते हैं।

खेल-खेल में बच्चे सीखें गणित इसलिए टीचर ने अपनाई नई तरकीब, बनाया बेहतरीन मैथ्स पार्क 

By प्रीति टौंक

ज्यादातर बच्चों को गणित विषय मुश्किल लगता है, लेकिन अगर बचपन में ही यह डर निकल जाए तो बच्चे ख़ुशी ख़ुशी गणित पढ़ते हैं। इसी सोच के साथ ओडिशा के एक छोटे से गाँव पुझरीपाली गांव के टीचर सुभाष चंद्र साहू ने एक मैथ्स पार्क बनाया है।

मेहंदी लगाने वाली से वर्ल्ड फेमस आर्टिस्ट तक का सफर, बिहार की सिन्नी की कहानी

By प्रीति टौंक

बिहार के बेगूसराय की रहनेवाली सिन्नी सोश्या, पटना में एक आर्ट स्टूडियो चलाती हैं और इसके जरिए 15 और लोगों को रोजगार भी दिया है। कभी डॉक्टर बनने का सपना देखनेवाली सिन्नी ने अपने हुनर को ही अपनी पहचान बना ली है।