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न सड़क, न बिजली, फिर भी सीखा प्लास्टिक से प्रोडक्ट बनाना, दिया कई महिलाओं को रोज़गार

By अर्चना दूबे

काजीरंगा (असम) के छोटे से गाँव (बोसागांव) में रहने वाली रूपज्योति गोगोई, प्लास्टिक को रीयूज़ करके उससे बैग्स बनाती हैं।

गाँव का इको फ्रेंडली स्टार्टअप, पातालकोट के सुकनसी से खरीदिए पत्तों से बनी कटोरियाँ

By प्रीति टौंक

छिंदवाड़ा (मध्यप्रदेश) के पातालकोट निवासी, सुकनसी भारती ने अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने और पर्यावरण को बचाने के उदेश्य से, पत्तों से कटोरी (दौना) बनाना सीखा। आज वह, आस-पास के गावों और होटलों में अपने दौने बेच रहे हैं।

पहाड़ों में नहीं, बेंगलुरु शहर की अपनी बालकनी में उगा रहे हैं सेब, जानिए कैसे

By अर्चना दूबे

57 वर्षीय कॉन्सेप्ट आर्टिस्ट और फोटोग्राफर विवेक विलासिनी, बेंगलुरु स्थित अपने घर की बालकनी में ही सेब और एवाकाडो जैसे फल उगा रहे हैं।

Video: मिलिए डोर अलार्म सिस्टम, प्लांट वॉटरिंग सिस्टम जैसे डिवाइस बनानेवाले अब्दुल से

By अर्चना दूबे

उत्तर प्रदेश के अब्दुल करीम को बचपन से ही पारंपरिक पढ़ाई पसंद नहीं थी। अब, उन्होंने ऐसे डिवाइस बनाए हैं, जिनसे गाँववालों की ज़िंदगी बहुत आसान हो गई है।

9 To 9 की IT नौकरी छोड़कर, ऑनलाइन सीखा Mandala Art और शुरू कर दिया अपना बिज़नेस

By प्रीति टौंक

31 वर्षीय बकुल खेतकडे एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, उन्होंने अपनी IT नौकरी से ब्रेक लिया और शौक के लिए Mandala Art बनाना सीखा। आज उनकी वही कला, उनका काम बन चुकी है, जिसे वह बड़ी ख़ुशी से कर रही हैं।

Real Life Sherni: मिलिए काले हिरणों को बचाने वाली IFS अफ़सर से

By अर्चना दूबे

भारतीय वन सेवा की अधिकारी कल्पना के और एम गीताजंलि ने काले हिरणों को बचाने के उपाय खोजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपने दो साल के कार्यकाल में, इन दोनों अधिकारियों ने काले हिरण के संरक्षण के लिए कई पहल किए। उनके प्रयासों को आईएफएस एसोसिएशन ने भी मान्यता दी थी।

ई-स्कूटर चलाना चाहते हैं? दिल्ली में अब सिर्फ 950 रुपये/हफ्ते में किराए पर लें EV

By प्रीति टौंक

IIM-कलकत्ता से MBA ग्रेजुएट आशीष अग्रवाल ने, दिल्ली के प्रदूषण को कम करने और बिना ज्यादा पूंजी लगाए, लोगों को EV मुहैया कराने (E Scooter On Rent) के उदेश्य से VA-YU की शुरुआत की है।

रेगिस्तान की तपती धूप में एक नज़ारा ऐसा भी, गरीब बच्चियों के लिए बना सस्टेनेबल स्कूल

By अर्चना दूबे

Rajkumari Ratnavati Girls School को न्यूयॉर्क की डायना केलॉग ने डिज़ाइन किया है। राजस्थान में महिला साक्षरता दर महज 32% है। ऐसे में जैसलमेर के कनोई गाँव का यह स्कूल लड़कियों को एक नई उमंग दे रहा है।

एक छोटे-से बदलाव ने बदली किस्मत, आज यह किसान कमा रहा है सालाना 35 लाख रुपये

By प्रीति टौंक

पहले जहां पारंपरिक खेती से घर का गुजारा मुश्किल से चलता था, वहीं आज अपनी मेहनत और कुछ नए प्रयासों की बदौलत लाखों कमा रहे हैं, महाराष्ट्र के प्रगतिशील किसान तुकाराम गुंजल।