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पहाड़ी इलाकों के किसानों तक पहुँचाए लोहे के हल, 14 हज़ार पेड़ों को कटने से बचाया!

By द बेटर इंडिया

अब तक किसान लकड़ी से बने हल प्रयोग कर रहे थे। इसके लिए वे पूरे पेड़ को ही काट देते थे क्योंकि पेड़ के नीचे वाले हिस्से का उपयोग वे हल की फाल यानी खेत में खुदाई करने वाले हिस्से को बनाने के लिए करते थे। ऐसे में हर साल बड़ी संख्या में पेड़ हल की फाल बनाने के नाम पर मज़बूरी में काट दिए जाते थे। राज्य के 11 पहाड़ी जिलों में 6 लाख 45 हज़ार किसानों के द्वारा हर साल ढाई लाख पेड़ काटे जा रहे हैं।

वकालत छोड़, ग़रीब किसानों के लिए उगाने लगे बीज; बनाया उत्तर-प्रदेश का पहला बीज-गोदाम!

दर्शनशास्त्र में एमए और एलएलबी करने वाले सुधीर अब तक 35 से ज्यादा फसलों के उन्नत बीज विकसित कर चुके हैं। यूपी का पहला ग्रामीण बीज गोदाम लगाने वाले सुधीर के विकसित किए बीज कई राज्यों के किसान उपयोग कर रहे हैं। कई कृषि संस्थान और कम्पनियांं उनसे बीज खरीदती है। देशभर से किसान खेती सीखने उनके पास आते हैं।

65 वर्ष की उम्र में शुरू की औषधीय खेती; लाखों में है अब मुनाफ़ा!

''जब उन्होंने पहली बार एक एकड़ में पीली सतावरी लगाई तो आसपास के लोगों ने कहा, पंडित जी क्या झाड़ियां उगा रहे हो? कई लोगों को लगा इनकी बर्बादी के दिन आ गए हैं। लेकिन जब फसल कटी तो करीब चार लाख रुपए मिले। बाकी फसलों के मुकाबले ये रकम कई गुना थी।''

कभी दिन के रु. 50 के लिए करते थे मजदूरी, आज किसानी से साल का टर्नओवर हुआ 50 लाख!

By मानबी कटोच

द बेटर इंडिया के माध्यम से किसान गंसू महतो सभी किसानों से अनुरोध करते हैं कि यदि उन्हें किसानी में कोई भी समस्या हो, तो वे बेझिझक गंसू जी को फोन कर सकते हैं या उनसे मिलने उनके घर जा सकते है।

उत्तराखंड : जैविक सब्जियां, मसाले व फूल उगाकर लाखों कमाता है यह किसान; पत्नी ने दिया पूरा साथ

By Sanjay Chauhan

उत्तराखंड : जैविक सब्जियां व फूल उगाकर लाखों में कमाते हैं राका भाई!.सबसे खास बात यह है कि इन सब्जियों के उत्पादन में जैविक खाद और जैविक कीटनाशक का इस्तेमाल किया जाता है।

अपने सस्ते और असरदार आविष्कारों से लाखों किसानों को आत्मनिर्भर बना रहा है 20 साल का यह किसान!

By मानबी कटोच

केवल 20 वर्षीय राजस्थान के किसान नारायण लाल धाकड़ बी. ए तृतीय वर्ष के छात्र हैं! युट्यूब पर उनके चैनल 'आदर्श किसान सेंटर' के 3 लाख से भी ज़्यादा सब्सक्राइबर हैं, जहाँ वे अपने नए आविष्कारों की जानकारी देते हैं!