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पिता किसान, पैरों से दिव्यांग पर भारत के लिए ले आए क्रिकेट वर्ल्ड कप!

By मानबी कटोच

महाराष्ट्र के जेजुरी शहर के पास बसे एक छोटे से गाँव नाज़रे सुपे से आने वाले कुणाल ने 2011 में पहली बार क्रिकेट की गेंद देखी थी।

कभी दिन के रु. 50 के लिए करते थे मजदूरी, आज किसानी से साल का टर्नओवर हुआ 50 लाख!

By मानबी कटोच

द बेटर इंडिया के माध्यम से किसान गंसू महतो सभी किसानों से अनुरोध करते हैं कि यदि उन्हें किसानी में कोई भी समस्या हो, तो वे बेझिझक गंसू जी को फोन कर सकते हैं या उनसे मिलने उनके घर जा सकते है।

'अच्छे बच्चे बॉक्सिंग नहीं करते', कहकर पिता ने रोक दिया था प्रशिक्षण; आज बेटी ने गोल्ड जीत कर किया नाम रौशन!

By मानबी कटोच

एशियाई खेलों में गोल्ड जीतने वाली हरयाणा की पूजा रानी के पिता उनकी बॉक्सिंग के ख़िलाफ़ थे. पर इस भारतीय खिलाड़ी ने चुपके से प्रशिक्षण किया और भारत का नाम रौशन किया.

राजस्थान में उगाये सेब और अनार; 1.25 एकड़ खेत से कमाए 25 लाख!

By मानबी कटोच

अक्सर माना जाता है कि सेब जैसे फल हिमाचल या कश्मीर जैसे ठंडे इलाकों में ही उगते हैं। पर शेखावती फार्म में आजकल एक सेब का पेड़ चर्चा का विषय बना हुआ है।

आरपीएफ के कांस्टेबल राणा ने 2 लोगों और 3 बच्चों की जान बचाने के लिए, दी अपने प्राणों की आहुति!

By मानबी कटोच

51 वर्षीय कांस्टेबल जगबीर सिंह राणा ने 21 अप्रैल 2019 की शाम एक दंपति और तीन बच्चों की जान बचाने के लिए अपनी जान की आहुति दे दी।

'मेरे पिया गए रंगून' - बॉलीवुड की पहली सुर-सम्राज्ञी शमशाद बेगम की दास्ताँ!

By मानबी कटोच

चालीस के दशक के शुरू होते-होते, शमशाद बेगम की आवाज़ का जादू बॉलीवुड पर छाने लगा और वे मुंबई आकर बस गयीं। उन्होंने ६००० से अधिक गाने गाये

मजबूरी में की थी दर्शनशास्त्र की पढ़ाई; पर इसी विषय ने डॉ. राधाकृष्णन को बनाया एक बेहतरीन शिक्षक

By मानबी कटोच

फिलोसोफी में उनकी रूचि इतनी बढ़ी, कि आगे चलकर उन्होंने केवल यह विषय पढ़ाया ही नहीं बल्कि इस पर आधारित कई किताबें भी लिखी। उनकी पहली किताब का नाम था ‘द फिलोसोफी ऑफ़ रवींद्रनाथ टैगोर’।

ड्राईवर पिता ने देखा था एक सपना, बेटे ने IIM-अहमदाबाद में दाख़िला पाकर किया उसे पूरा!

By मानबी कटोच

गुजरात के आनंद शहर में रहने वाले हितेश सिंह को भारत के बेहतरीन कॉलेजों में से एक, IIM Ahmedabad में एडमिशन मिल गयी है।

अर्जन सिंह : मात्र 19 वर्ष की आयु में बने थे भारतीय वायु सेना में पायलट, 31 साल में चलाये 60 से भी ज़्यादा एयरक्राफ्ट!

By मानबी कटोच

19 साल की छोटी सी उम्र में पायलट ऑफिसर के रूप में वे वायु सेना में दाखिल हुए थे। और 1965 के युद्ध में उन्होंने देश के पहले वायु सेनाध्यक्ष के रूप में भारतीय वायु सेना का नेतृत्व किया। उनके इस सफ़र में उन्होंने ऐसे-ऐसे कारनामे कर दिखाए थे, जिनके लिए वे सदियों तक याद किये जायेंगे!