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पशु-पक्षियों को पानी पिलाने के लिए 6 लाख रूपये खर्च कर, 10, 000 गमले बाँट रहे हैं 70 वर्षीय नारायण

By मानबी कटोच

गर्मी से पशु-पक्षियों को बचाने के लिए उन्होंने इस साल करीब 6 लाख रूपये खर्च कर, 10,000 मिट्टी के गमले बांटने का प्राण लिया है और अब तक 9,000 गमले बाँट भी चुके हैं। उनका मानना है कि अगर हर-एक व्यक्ति इन गमलों में रोज़ पानी भरकर रखेगा तो इन गर्मियों में किसी भी पशु-पक्षी को प्यासा नहीं रहना पड़ेगा।

पिता हुए लाचार, तो उच्च-शिक्षित बेटी बन गयी किसान, कर दी अंगूर की खेती से आय दुगनी!

By मानबी कटोच

डेढ़ साल तक एक सॉफ्टवेयर डेवलपर के रूप में काम करने के बाद, उसने 2017 में अपनी नौकरी छोड़ दी और एक बार फिर से खेती संभालने के लिए वापस आ गई।

मात्र तीसरी पास, पद्म श्री हलधर नाग की कोसली कविताएँ बनी पीएचडी अनुसंधान का विषय!

By मानबी कटोच

66 वर्षीय हलधर नाग की कोसली भाषा की कविता पाँच विद्वानों के पीएचडी अनुसंधान का विषय भी है। इसके अलावा, संभलपुर विश्वविद्यालय इनके सभी लेखन कार्य को हलधर ग्रंथाबली -2 नामक एक पुस्तक के रूप में अपने पाठ्यक्रम।

स्त्री वेदना से अनअवगत समाज की सोच को झकझोरती मन्नू भंडारी की कहानी - 'मुक्ति'!

By मानबी कटोच

मृत्यु-मुखी पति की सेवा करती पत्नी की पीड़ा के ज़रिये मन्नू जी ने समाज का वह चेहरा सामने रखा है, जिसमें स्त्री को केवल सेवक के रूप में देखा जाता है और यह भुला दिया जाता है कि वह भी एक मानव है, जिसे पीड़ा होती है, जो थकती भी है और जिसे भूख भी लगती है!

अपना दर्द भूल कर, इस माँ ने केवल अपने बेटे को ही नहीं, बल्कि 71 बधीर बच्चों को बनाया सक्षम!

By मानबी कटोच

सुचिता और श्रीकांत बंसोड की स्वयं सेवी संस्था ‘एकविरा मल्टीपर्पस फाउंडेशन’ से आज 71 बधीर बच्चे नॉर्मल स्कूल में जा चुके हैं और फ़िलहाल यहाँ 55 बच्चों को ट्रेनिंग दी जा रही है।

26 साल की उम्र में 18 पेटेंट्स है इस युवक के नाम, सोनम वांगचुक के साथ मिलकर पढ़ाते हैं बच्चों को

By मानबी कटोच

25 वर्षीय अजिंक्य के नाम भारत में सबसे कम उम्र में सबसे अधिक पेटेंट्स अपने नाम करने का रिकॉर्ड है, जिसके लिए उनका नाम इंडिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड और लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड में दर्ज है।

1200 गाँवों में जाकर लगभग 4 लाख ग़रीब युवाओं को रोज़गार दिला चुकी है यह संस्था!

By मानबी कटोच

अकादमी ने हाल ही में 22 फ़रवरी को उत्तराखंड के देहरादून में अपना 25वां केंद्र खोला है, जिसके ज़रिए वह और युवाओं को प्रशिक्षित कर, साल 2020 तक 1.5 लाख युवाओं को रोज़गार देने के अपने लक्ष्य को पूरा करना चाहती है।