संबलपुर की संतोषीनी मिश्रा 74 की उम्र में भी शहर की कई शादियों और समारोहों में केटरिंग सर्विस का काम करती हैं। वह अपनी कैटरिंग एजेंसी के माध्यम से कइयों को रोजगार भी दे रही हैं।
78 वर्षीया राधा डागा, ‘त्रिगुणी ईज़ ईट्स’ नाम से पैकेज्ड फ़ूड कंपनी चलाती हैं। तक़रीबन 10 साल पहले रिटायरमेंट की उम्र में उन्होंने अपने खाना बनाने के शौक के कारण इस बिज़नेस की शुरुआत की थी।
आजकल लोग अपनी जरूरत का सारा सामान मंगाने के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म का सहारा ले रहे हैं। ऐसे में आप गुजरात की नैना लिया की तरह ऑनलाइन रिसेलर बनकर घर बैठे कमा सकते हैं अच्छा मुनाफा।
दिल्ली में पली-बढ़ी, श्री सिस्टर्स- तरु श्री, अक्षया श्री और ध्वनि श्री, साथ मिलकर 'Silpakarman' नामक ब्रांड चला रही हैं, जिसके अंतर्गत वह बांस के बने मग, कप, फ्लास्क, डेकॉर और फर्नीचर आदि के साथ अब Bamboo Tea भी बना रही हैं।
भोपाल, मध्य प्रदेश की रहने वाली एक सफल महिला किसान, प्रतिभा तिवारी ने, न सिर्फ किसानों को जैविक खेती से जोड़ा, बल्कि उनकी उपज खरीदकर अपनी फ़ूड कंपनी 'भूमिशा ऑर्गेनिक्स' की भी नींव रखी, जिससे वह लाखों कमा रही हैं।
कुन्नूर में रहने वाली 68 वर्षीया तारा जयप्रकाश पिछले कई सालों से बुनाई और क्रोशिया का काम कर रही हैं। तारा कुशन कवर, शॉल, बेबी सेट, टिश्यू बॉक्स व बेडशीट जैसी चीजें बनाकर शहर में आयोजित होने वाले मेलों में या सीधा ग्राहकों को बेचती हैं।
वाराणसी की शिखा शाह, पुरानी-बेकार चीजों से नयी और खूबसूरत चीजें बनाकर scrap business, Scrapshala चला रही हैं,, जिससे उनकी हर साल, 10 लाख रुपये की आमदनी हो रही है।
भठिंडा, पंजाब की बलविंदर कौर ने सिर्फ 10 हज़ार रुपये में अपना फूड स्टार्टअप- ज़ेबरा स्मार्ट फूड्स शुरू किया था और आज वह इससे हर महीने एक लाख रुपये कमा रहीं हैं।