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Positive stories of women empowerment, achievements, initiatives, heroes, heroines, farmers, innovations, business and many more from Gujarat, India. भारत के गुजरात से जुड़ीं पॉजिटिव, सकारात्मक कहानियां, अच्छी ख़बरें, आविष्कार से सम्बंधित ख़बरें, अनजाने नायक जो एक बेहतर कल के लिए प्रयासरत हैं. गुजरात की महिलाओं की कहानियां, जिन्होंने बदलाव की नींव रखी। गुजरात के किसानों को प्रेरित करने वाली प्रगतिशील किसानों की ख़बरें। शून्य से शुरू करके शिखर तक पहुँचने वाले लोगों की कहानियां। छोटे व्यवसाय से अपनी किस्मत बदलने वाले लोगों की प्रेरक कथाएं। \ Positive stories of women empowerment, achievements, initiatives, heroes, heroines, farmers, innovations, business and many more from Gujarat, India.

बेटी के झड़ते बालों ने किया प्रेरित, 85 की उम्र में लॉन्च किया 50 जड़ी-बूटियों वाला तेल

गुजरात के रहनेवाले दम्पति राधाकृष्ण और शकुंतला चौधरी ने रिटायरमेंट के बाद, 'केशपल्लव हेयर ऑयल' लॉन्च किया। उनका दावा है कि यह तेल बालों के झड़ने और गंजेपन जैसी समस्याओं को दूर करता है।

4 बुज़ुर्ग, 4 साल और 500 पौधे! हर रोज़ प्यार से सींचकर बना दिया पूरे शहर को हरा-भरा

By प्रीति टौंक

शहरों में बढ़ती गर्मी और घटती हरियाली की शिकायत करने के बजाय, इन दोस्तों ने अपने आस-पास पौधे लगाना शुरू किया। अहमदाबाद के वृक्ष प्रेमी ग्रुप के किरीट दवे, रमेश दवे, तरुण दवे और विक्रम भट्ट ने मिलकर, अबतक 500 से ज्यादा पौधे उगाकर इलाके में फैलाई हरियाली।

प्री बुकिंग से बिकते हैं सूरत के इस खेत में उगे लाल, पीले और सफ़ेद ड्रैगन फ्रूट

By प्रीति टौंक

पेशे से इंजीनियर, सूरत के जशवंत पटेल ने BSNL में नौकरी से रिटायर होने के बाद खेती करना शुरू किया। आज वह ऐसी-ऐसी किस्मों के ड्रैगन फ्रूट उगा रहे हैं, जिनको चखना तो दूर हमने देखा भी न हो।

पैड वाली दादी: 62 की उम्र में खुद जाकर बांटती हैं पैड, रोज़ बनाती हैं 300 ज़रूरतमंदों का खाना

By प्रीति टौंक

मीना मेहता अपनी संस्था मानुनी फाउंडेशन के तहत, पिछले आठ सालों से सड़क के किनारे रह रहीं बच्चियों को हाइजीन किट उपलब्ध कराने का काम कर रही हैं। यही कारण है कि आज वह सूरत की पैड वाली दादी बन गई हैं।

पिता की घाटे की खेती को बदला फायदे के बिज़नेस में, खेत से ही बेचते हैं 22 तरह के प्रोडक्ट्स

By प्रीति टौंक

गुजरात) के ओलपाड तालुका के महेश पटेल इलाके के एक प्रगतिशील किसान हैं। वह तक़रीबन 26 सालों से आर्गेनिक खेती करने के साथ-साथ अपने खेत पर वैल्यू एडिशन करके कई प्रोडक्ट्स भी तैयार कर रहे हैं।

शहर छोड़, आर्किटेक्ट ने गाँव में बनाया पत्थर का घर और ऑफिस, गाँववालों को दिया रोज़गार

By प्रीति टौंक

एग्रीकल्चर और आर्किटेक्चर का बेहतरीन उदाहरण है अहमदाबाद के हिमांशु पटेल का घर। शहर की नौकरी और घर छोड़कर, गाँव में बनाया अपना ईको-फ्रेंडली आशियाना।

Barbie को टक्कर देती हैं, गुजरात की दादी की बनाई गुड़ियां, विदेश से भी मिलते हैं ऑर्डर्स

By प्रीति टौंक

गुजरात में बनी ये ईको-फ्रेंडली गुड़ियां नहीं है किसी बार्बी डॉल से कम, मिलते हैं कई देशों से ऑर्डर्स।

खेल-खेल में बच्चे हल कर सकें गणित के कठिन सवाल, इसलिए इस हिन्दी टीचर ने किए कई अविष्कार

By प्रीति टौंक

भुज (गुजरात) के एक सरकारी स्कूल के शिक्षक, अशोक परमार अपनी कला और रचनात्मकता का उपयोग, बच्चों को गणित पढ़ाने में करते हैं। वह साल 2005 से राज्य के गणित विषय के पुस्तक लेखन का काम कर रहे हैं। उनके इन्हीं प्रयासों के कारण, उन्हें इस साल राष्ट्रीय श्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार भी मिला है।

केला, अनानास और बिच्छु बूटी जैसी फसलों के कचरे से बनाया इको फ्रेंडली कपड़ा

By निशा डागर

अहमदाबाद में रहने वाली शिखा शाह अपने स्टार्टअप, AltMat के जरिए कृषि में फसलों के बचने वाले वेस्ट (अपशिष्ट) को प्रोसेस करके, इससे फाइबर, धागे (यार्न) और कपड़ा (फैब्रिक) बना रही हैं। ये सभी उत्पाद पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ बॉयोडिग्रेडेबल और रीसायकलेबल हैं।

51 की उम्र में ज़मीन खरीदी और शुरू की खेती, 10 साल में सालाना रु. 15 लाख होने लगी कमाई

By प्रीति टौंक

51 की उम्र में नवसारी की लक्ष्मी पटेल ने अपनी जमीन खरीदी और शुरू की आम और चावल की खेती। आज वह ऑर्गेनिक तरीकों का उपयोग करके अपने खेतों से लाखों का मुनाफा कमा रही हैं। पढ़ें उनकी सफलता की कहानी।