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कुमार देवांशु देव

गुजरात: ICDS Recruitment 2020 के तहत 2 हजार से अधिक भर्ती, जल्द करें आवेदन

गुजरात में ICDS Recruitment 2020 के तहत 2038 रिक्तियों को जारी किया गया है, इच्छुक उम्मीदवार 2 अक्टूबर 2020 तक आवेदन कर सकते हैं।

रावलगाँव: महाराष्ट्र का वह भूला-बिसरा गाँव, जिसने देश को दीं कई मीठी यादें!

रावलगाँव के उत्पादों ने महाराष्ट्र में गन्ने की खेती के क्षेत्र में एक क्रांति का सूत्रपात कर एक पिछड़े क्षेत्र के विकास में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।

अहमदाबाद: छत पर मिट्टी बिछाकर करते हैं गार्डनिंग, सब्जियाँ मिलने के साथ घर भी रहता है ठंडा

अहमदाबाद के इस घर के आंतरिक और बाहरी हिस्से को चूने से प्लास्टर किया गया है, जिससे घर को ठंडा रखने में काफी मदद मिलती है।

जानिए, पहले World War में ऐसा क्या हुआ जो देश को मिल गया स्वदेशी 'Mysore Sandal Soap'

क्या आप जानते हैं कि यह दुनिया का एकमात्र साबुन जो सौ फीसद चंदन के तेल से बनाया जाता है!

यूपी: फलों की खेती से ऐसे मालामाल हो गया यह किसान, सिर्फ लीची से सालाना कमा रहे 7.5 लाख

उत्तर प्रदेश के राजपाल ने अबतक 4 हजार किसानों को प्रशिक्षित किया है, जो लगभग 4200 हेक्टेयर जमीन पर फलों की खेती करते हैं।

जानिए कैसे केवल रु. 20 लाख में बना है यह मिट्टी का घर, जहाँ पंखे की भी नहीं होती ज़रूरत

नयी टाइलें खरीदने के बजाय, सनी ने पुराने टूटे हुए मकानों की टाइलें महज़ रु.5 प्रति टाइल के दर से खरीदीं, जो आज बनाई जा रहीं टाइलों के मुकाबले बेहद सस्ती भी थीं और मज़बूत भी।

दिल्ली: मिनटों में खुल-बन सकता है बस्ती के बच्चों के लिए, बाँस से बना यह स्कूल

'मॉडस्कूल' बनने से पहले बस्ती के बच्चे तीन साल तक एक नीम के पेड़ के नीचे पढ़ते रहें।

दिल्ली: टीचर ने घरवालों के लिए शुरू की केमिकल-फ्री खेती, अब बना सफल बिज़नेस मॉडल

महज एक एकड़ से शुरू हुआ यह सफ़र आज पाँच एकड़ खेती तक पहुँच गया है और उनके साथ 10-12 जैविक किसान भी जुड़ गए हैं।

MBA कर किसान पिता के साथ गुड़ बनाने लगा यह बेटा, अब 100 किसानों तक पहुँच रहा है फायदा

सोहन अपनी गुड़ की प्रोसेसिंग यूनिट को हर साल सितंबर से अप्रैल तक चलाते हैं और इन आठ महीनों में ही लगभग 10 लाख रूपये कमा लेते हैं।

भारत की ऐतिहासिक विरासत को संभाल, बाँस व मिट्टी से मॉडर्न घर बनाता है यह आर्किटेक्ट

“आज हम अपनी आधी से अधिक ऐतिहासिक विरासतों को खो चुके हैं और एक आर्किटेक्ट होने के नाते, इसे पुर्नजीवित करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।“- अजीत अंदागेरे