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महिलाओं को बिज़नेस करने के लिए आर्थिक मदद देती हैं ये 8 सरकारी योजनाएं!

जब भी कोई महिला कुछ नया, कुछ अपना बिज़नेस करने के बारे में सोचती है तो समाज और परिवार अक्सर उसका साथ नहीं देते। लेकिन इससे भी बड़ी चुनौती है कि व्यवसाय के लिए पैसा कहाँ से आये? इसलिए जानिए ऐसी योजनाओं के बारे में जो आपके बिज़नेस शुरू करने के सपने को हक़ीकत में बदल सकती है!

पिछले कुछ समय में हमारे देश में स्टार्टअप बूम तो हुई ही है और इसके साथ एक और अच्छी बात है और वह है नए उद्यमों के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी। छोटे, ग्रामीण स्तर से लेकर बड़े शहरों में अपनी पहचान बनाने तक, हर जगह महिलाएं अपनी पहचान बना रही हैं।

द बेटर इंडिया पर आप बहुत-सी उद्यमी महिलाओं की कहानियाँ पढ़ सकते हैं, जिन्होंने हर मुश्किल और चुनौती का सामना करते हुए अपने आइडियाज को हक़ीकत में बदला है। साथ ही, उनमें सफलता भी हासिल की है।

जब भी कोई महिला कुछ नया, कुछ अपना बिज़नेस करने के बारे में सोचती है तो समाज और परिवार अक्सर उसका साथ नहीं देते। लेकिन इससे भी बड़ी चुनौती है कि व्यवसाय के लिए पैसा कहाँ से आये?

इसलिए आज हम आपको द बेटर इंडिया पर बता रहे हैं ऐसी कुछ योजनाओं के बारे में, जो कि इन आर्थिक चुनौतियों को हल करने में महिलाओं के लिए काफी मददगार हो सकती हैं!

Representational Image. Source: Twitter/Scherry_Sc

1. अन्नपूर्णा स्कीम: 

इस स्कीम के अंतर्गत फ़ूड कैटरिंग का बिज़नेस करने वाली महिला उद्यमियों को भारतीय सरकार 50, 000 रुपये तक का लोन देती है। इस पैसे को उद्यमी अपनी ज़रूरत के हिसाब से बर्तन, कटलरी, गैस कनेक्शन, फ्रिज, मिक्सर कम ग्राइंडर, बर्तन रखने का स्टैंड, टिफ़िन बॉक्स, मेज, वाटर फ़िल्टर आदि खरीदने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

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लोन लेने के लिए एक गारंटर की ज़रूरत होती है और साथ ही, बिज़नेस की जो भी संपत्ति है वह आपको बैंक के साथ गारंटी के तौर पर रखनी पड़ती है। लोन मिलने के बाद, आपको 36 मासिक किस्तों में (यानी कि 3 साल के भीतर) इसे भरना होता है। हालांकि, लोन लेने के पहले महीने में आपको कोई किश्त नहीं भरनी पड़ती है।

लोन पर ब्याज की दर मार्किट रेट और बैंक पर निर्भर करती है। द स्टेट बैंक ऑफ़ मैसूर और भारतीय महिला बैंक फ़िलहाल यह लोन दे रहे हैं।

2. महिला उद्यमियों के लिए स्त्री शक्ति पैकेज  

स्त्री शक्ति पैकेज, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की एक खास स्कीम है जिसके ज़रिये वे महिला उद्यमियों को लोन में कुछ रियायतें देते हैं। सबसे पहले तो इस स्कीम के अंतर्गत उन्हीं लघु उद्योगों को लोन मिलता है, जिनमें किसी महिला का शेयर 50% से अधिक है। दूसरा, इन उद्यमियों का अपने राज्य की एजेंसी द्वारा उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी) के लिए एनरोल होना ज़रूरी है। इस स्कीम के ज़रिये महिलाओं को 2 लाख रुपये से ज्यादा के लोन पर ब्याज में 0.05% की छूट मिलती है। छोटे सेक्टर्स के बिज़नेस के लिए 5 लाख रुपये तक के लोन के लिए किसी सिक्यूरिटी की ज़रूरत नहीं है।

3. सेंट कल्याणी स्कीम 

सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया की इस स्कीम के लिए नए और पुराने, दोनों ही उद्यमी और खेती, हैंडीक्राफ्ट्स, फ़ूड प्रोसेसिंग, कपड़े बनाना, ब्यूटी, कैंटीन, मोबाइल रेस्तरां, सर्कुलेटिंग लाइब्रेरी, क्रेच, एसटीडी/ज़ेरॉक्स बूथ, टेलरिंग आदि के रोज़गार करने वाली महिलाएं अप्लाई कर सकती हैं। (दूसरे शब्दों में, कृषि, कुटीर उद्योग, लघु और मध्यम उद्योग, सरकार द्वारा चलाये जा रहे प्रोग्राम और खुदरा व्यापार।)

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इस स्कीम के अंतर्गत 20% के मार्जिन रेट से 1 करोड़ रुपये तक का लोन दिया जाता है। इस लोन के लिए आपको किसी भी तरह की सिक्यूरिटी या फिर गारंटर की ज़रूरत नहीं है लोन पर ब्याज मार्किट रेट के हिसाब से लगता है। लोन चुकाने का समय 7 साल है, जिसमें 6 महीने से 1 साल तक का मोरेटोरियम पीरियड भी शामिल होता है।

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4. मुद्रा योजना स्कीम 

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यह छोटी इकाइयों के लिए एक सामान्य योजना है जिसका लाभ महिला उद्यमी भी उठा सकती हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा दी जाने वाली इस स्कीम का उपयोग ब्यूटी पार्लर, ट्यूशन सेंटर, टेलरिंग यूनिट, आदि के लिए किया जा सकता है। इस योजना के तहत 50,000 रुपये से 50 लाख रुपये तक के लोन के लिए अप्लाई किया जा सकता है। 10 लाख रुपये से नीचे के लोन के लिए किसी गारंटी या फिर गारंटर की ज़रूरत नहीं होती है।

इस स्कीम के तीन प्लान है-

शिशु: इसमें आपको एक नए व्यवसाय के लिए 50,000 रुपये की अधिकतम सीमा तक लोन दिया जाता है, जिसमें ब्याज दर प्रति माह 1 प्रतिशत या 12 प्रति वर्ष है। आपको यह लोन 5 सालों के भीतर चुकाना होता है।

किशोर: इसमें अच्छे ढंग से चल रहे व्यवसाय के लिए 50 हज़ार रुपये से 5 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है।  ब्याज दर बैंकों के हिसाब से अलग-अलग होती है क्योंकि यह योजना के दिशा-निर्देश और अप्लाई करने वाले की क्रेडिट हिस्ट्री पर निर्भर करता है। इस लोन को चुकाने की समय सीमा बैंक ही तय करते हैं।

तरुण: इस योजना के अंतर्गत अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए 5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक के लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। ब्याज दर योजना के दिशा-निर्देश और अप्लाई करने वाले की क्रेडिट हिस्ट्री पर निर्भर करता है। इस लोन को चुकाने की समय सीमा भी बैंक ही तय करते हैं।

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5. महिला उद्यम निधि स्कीम:

पंजाब नेशनल बैंक और स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ़ इंडिया (SIDBI) द्वारा दी जाने वाली यह स्कीम उन महिलाओं के लिए है जो कि छोटे स्तर पर अपना कोई बिज़नेस शुरू करना चाहती हैं। इसके तहत आपको 10 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है, जो आप को 10 साल के भीतर चुकाना होगा। सिडबी पांच साल का मोरेटोरियम पीरियड भी इसमें शामिल करता है। ब्याज भी मार्किट रेट पर निर्भर करता है।

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इस योजना के तहत, SIDBI ब्यूटी पार्लर, डे केयर सेंटर, ऑटो रिक्शा खरीदने, टू-व्हीलर, कार आदि के लिए अलग-अलग योजनाएं देता है। साथ ही, मौजूदा प्रोजेक्ट्स को अपग्रेड भी करता है।

6. देना शक्ति स्कीम 

इस स्कीम के अंतर्गत देना बैंक, कृषि, विनिर्माण, माइक्रो-क्रेडिट, खुदरा स्टोर, या छोटे स्तर के उद्यमों के लिए महिलाओं को 20 लाख रुपये तक का लोन देता है। ब्याज दर पर 0.25 प्रतिशत की रियायत भी दी जाती है। माइक्रोक्रेडिट केटेगरी में 50,000 रुपये तक के लोन के लिए अप्लाई किया जा सकता है।

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7. ओरिएंट महिला विकास योजना स्कीम 

ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स की इस स्कीम के तहत उन महिलाओं को लोन मिलता है जो कि बिज़नेस में 51% शेयर की मालकिन हैं। 10 लाख रुपये से 25 लाख रुपये तक के लोन के लिए आपको किसी सिक्यूरिटी की ज़रूरत नहीं है। लोन चुकाने का समय 7 साल है। साथ ही, इसमें ब्याज दर में 2% तक की रियायत मिलती है।

8. भारतीय महिला बैंक बिज़नेस लोन 

यह स्कीम भारतीय महिला बैंक द्वारा शुरू की गयी थी लेकिन 2017 में यह स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया से मर्ज हो गयी। साल 2013 में स्थापित यह पब्लिक बैंकिंग कंपनी, महिला उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने, अपना बिज़नेस फैलाने या फिर कोई मैन्युफैक्चरिंग एंटरप्राइज के लिए 20 करोड़ रुपये तक का बिज़नेस लोन देती है।

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यह सीजीटीएमएसई (क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज) कवर के तहत ब्याज की आकर्षक दर और अनुदान के साथ 1 करोड़ रुपये तक का खास बिज़नेस लोन भी देता है।

महिला उद्यमियों को ब्याज दर में 0.25% रियायत भी दी जाती है। इसमें वर्किंग कैपिटल और टर्म लोन कॉम्बो शामिल है। लोन चुकाने की समय सीमा 7 साल है। इस योजना के अंतर्गत अलग-अलग प्लान हैं जैसे कि श्रीनगर, परिवरिश, अन्नपूर्णा आदि। अधिक जानकारी के लिए यहाँ पर पढ़ें!

मूल लेख: जोविटा अरान्हा

संपादन – मानबी कटोच 

Featured Image – Shutterstock

Summary: While conditioning, patriarchy, and lack of social support from their own families may be a few reasons for several women, for the majority, lack of financial capital can be a major roadblock on their entrepreneurial journey. So, today we list down eight schemes introduced by financial institutions in India, including nationalized banks, that all women entrepreneurs need to be aware of.


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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है. निशा की कविताएँ आप https://kahakasha.blogspot.com/ पर पढ़ सकते हैं!

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