डॉ. अनिल राजवंशी ने बीते चार दशकों में तकनीक के जरिए गांवों के विकास को एक नई ऊंचाई दी है। उनके उल्लेखनीय योगदानों के लिए सरकार ने उन्हें हाल ही में पद्म श्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया है।
सूरत के सुरती परिवार में बच्चे और बुजुर्ग सभी मिलकर गार्डनिंग करते हैं। घर के आंगन और छत का इस्तेमाल करके ये तक़रीबन हर मौसमी सब्जी, छह किस्मों के फल सहित 15 से ज्यादा औषधीय पौधे उगाते हैं।
केरल की डॉ. सोसम्मा इयपे को हाल ही में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्होंने 80 के दशक में वेचुर गाय की अनोखी नस्ल को विलुप्त होने से बचाने के लिए एक मिशन शुरू किया था।
जसवंत सिंह तिवाना पंजाब के लुधियाना के रहनेवाले हैं। चार दशक पहले उन्होंने सिर्फ दो बॉक्स से मधुमक्खी पालन शुरू किया था, लेकिन आज उनकी गिनती पंचाब के सबसे सफल मधुमक्खी पालकों में होती है।