उत्तर प्रदेश में जौनपुर के रहनेवाले, 62 वर्षीय रामचंद्र दूबे पहले ऑटो चलाया करते थे, लेकिन पिछले चार सालों से वह किसानों से मशरूम खरीदकर उनसे खाने की चीज़ें बनाते हैं और लाखों का मुनाफा हैं।
उत्तर प्रदेश के रहनेवाले कमर्शियल पायलट रजत जैसवाल और अपनी कंस्ट्रक्शन कंपनी चलाने वाले उनके दोस्त, फरमान बेग ने 2016 में 'Wat-a-Burger' ब्रांड की शुरुआत की थी, जिसके आउटलेट आज 11 राज्यों के 16 शहरों में हैं।
मुंबई में रहने वाले डॉ. मार्कस राणे और उनकी पत्नी, डॉ. रायना राणे की पहल 'Meds For More' के अंतर्गत बहुत से लोग, अपने घरों में बची हुई दवाइयों को जरूरतमंदों की मदद के लिए दान कर रहे हैं। ये दवाइयां सभी मरीजों को मुफ्त में दी जा रही हैं।
उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग जिले के सेमलता गाँव के रहने वाले 67 वर्षीय सोबत सिंह बागड़ी रिटायर्ड बैंक मैनेजर हैं और पिछले सात सालों में उन्होंने पथरीली जमीन पर 1400 पेड़-पौधे लगाकर इसे हरा-भरा कर दिया है।
ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में तलिता गाँव के रहने वाले, 74 वर्षीय गुरुचरण प्रधान एक रिटायर्ड शिक्षक और किसान हैं। उन्होंने 'कृषक साथी' नाम से एक कृषि यंत्र बनाया है, जो अकेला ही 10 यंत्रों का काम कर सकता है।
जमशेदपुर के राजेश कुमार, पिछले लॉकडाउन से पहले अपनी नौकरी छोड़कर घर लौट आये थे। उन्होंने घर में ही मशरूम की खेती शुरू की, जिससे आज वह हर महीने अच्छी कमाई कर रहे हैं।