इस ईंधन को किसान घरों में तो इस्तेमाल करते ही हैं और साथ ही, बाकी को 7 रुपये से लेकर 10 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से बाज़ार में बेच एक अच्छी आमदनी भी कमा सकते हैं!
धर्मबीर (Dharambir Kamboj) बताते हैं कि उनकी बेटी सिर्फ़ 3 दिन की थी, जब वे दिल्ली के लिए निकले। आर्थिक तंगी इतनी थी कि गाँव से दिल्ली जाते वक़्त उनकी जेब में सिर्फ़ 70 रुपये थे, जिसमें से 35 रुपये किराए में खर्च हो गए।
Tamilnadu में थालावैपुरम के निवासी एस. सरवनामुथु ने अपनी बीमार पत्नी के लिए 'टॉयलेट बैड' बनाया है। उनके इस आविष्कार को नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन द्वारा चुना गया और उन्हें सम्मानित किया गया। अब उन्हें देशभर से इस तरह के ऑर्डर मिल रहे हैं।