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UPSC टॉपर से जानिए तैयारी का तरीका, करें सही टाइम मैनेजमेंट और स्टडी प्लान

प्रीलिम्स के सिलेबस को कवर करने से लेकर मेन्स के लिए उत्तर लिखने तक, UPSC टॉपर वलय वैद्य साझा कर रहे हैं तैयारी की रणनीति।

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‘मुझे यूपीएससी की तैयारी करते हुए पांच साल हो गए हैं। आज, मेरी पांच सालों की तैयारी खत्म हुई। मैंने यूपीएससी सीएसई 2020-21 में ऑल इंडिया रैंक 116 हासिल की है।’ जैसे ही संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सर्विस एग्जाम (सीएसई) 2020-21 का रिजल्ट घोषित किया, वैसे ही वलय वैद्य ने अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट करते हुए ये पंक्तियां लिखी। 

साल 2016 से यूपीएससी की चार बार परीक्षा दे चुके वलय ने द बेटर इंडिया को बताया कि आखिर किस तरह का स्टडी-प्लान उनके सबसे ज्यादा काम आया। इंजीनियरिंग ग्रैजुएट वलय ने 2015 में अपनी डिग्री पूरी की और इसके बाद से यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। सीएसई 2018-19 में वह इंटरव्यू की स्टेज तक भी पहुंचे थे। आगे चलकर उनका चयन गुजरात प्रशासनिक सेवा में हुआ। उन्होंने दो साल तक बतौर प्रोबेशनरी ऑफिसर काम किया। 

वलय, यूपीएससी परीक्षा पास करना चाहते थे क्योंकि वह जानते थे कि यह प्लेटफॉर्म बड़े स्केल पर अधिकारियों को काम करने का मौका देता है। वह बड़े स्केल पर काम करना चाहते थे और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा को पास करना उनका व्यक्तिगत लक्ष्य था।

भावी प्रतिभागियों के लिए वलय के टिप्स 

AIR 116 holder Valay Vaidya
Valay Vaidya (AIR 116)

1. आसान विषयों से करें शुरुआत 

वलय कहते हैं, “अपनी तैयारी ऐसे विषय से शुरू करें जिस पर आपकी अच्छी पकड़ हो। इससे आपका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। मैंने अपनी तैयारी इतिहास से शुरू की क्योंकि मुझे इसकी बेसिक समझ थी और इसे पूरा करने में कम समय लगता। एक बार आप पढ़ाई में गति पकड़ लेंगे, तो मुश्किल विषयों को पढ़ना और समझना आसान हो जाएगा।”

2. अख़बार पढ़ने की आदत बनाएं 

वह कहते हैं, “जब तक मैंने सीएसई की तैयारी शुरू नहीं की थी, मैं अख़बार पढ़ने में ज्यादा समय नहीं देता था। लेकिन जब एक बार तैयारी शुरू हुई, तो मैं हर दिन ‘द हिन्दू अखबार’ पढ़ने में लगभग 45 मिनट बिताता था। शुरुआत से ही, अख़बार के विषयों को छानना भी जरुरी है। अख़बार पढ़ते समय, हमेशा अपने सिलेबस को अपने दिमाग में रखना चाहिए। उदाहरण के लिए, राजनीति (पॉलिटिक्स) के बारे में पढ़ने में समय नहीं गंवाना चाहिए, लेकिन सरकार (पॉलिटी) के बारे में पढ़ना चाहिए। समय के साथ-साथ प्रतिभागियों को समझ में आने लगता है कि क्या जरुरी है और क्या छोड़ा जा सकता है।”

3. करें स्मार्ट तैयारी 

“सामान्य जागरूकता के विषयों पर नोट्स बनाने में समय न गंवाए। ऐसे कई संगठन हैं, जो सिर्फ यही करते हैं और इन विषयों के लिए उनके बनाएं संगठित नोट्स पर्याप्त रहते हैं। एक प्रतिभागी को इस समय को दूसरे विषयों की तैयारी में लगाना चाहिए और जरूरत के अनुसार नोट्स बनाने चाहिए,” वह कहते हैं। 

4. हमेशा आगे तक की योजना बनाएं  

जुलाई 2016 से अपनी तैयारी शुरू करने वाले वलय बताते हैं कि जनवरी तक उन्होंने जनरल स्टडीज के विषयों को एक बार पढ़ और समझ लिया था। उन्होंने मुख्य परीक्षा के लिए वैकल्पिक विषय को भी एक बार पढ़ लिया था। उन्होंने कहा, “एक बार पढ़ने के बाद, मैंने रिविज़न शुरू किया। जब मैंने NCERT की किताबों के अलावा, दूसरी किताबों को पढ़ा, जैसे -पॉलिटी के लिए लक्ष्मीकांत और मॉडर्न हिस्ट्री के लिए स्पैक्ट्रम। इससे मुझे अपनी जानकारी को बढ़ाने में मदद मिली।”

UPSC Preparation Tips
UPSC Preparation Tips by Valay

5. हर दिन दें मॉक टेस्ट पेपर 

वलय कहते हैं कि जैसे-जैसे परीक्षा का दिन पास आने लगे तो सभी प्रतिभागियों को हर दिन एक मॉक पेपर सॉल्व करना चाहिए। उनका सुझाव है कि मॉक पेपर सिर्फ सॉल्व न करें, बल्कि पेपर के विश्लेषण पर भी ध्यान दें और देखें कि उन्होंने क्या गलतियां की हैं। इससे आपको एक स्पष्टीकरण मिलेगा कि आप कहां स्टैंड करते हैं। वलय ने खुद प्रिलिम्स परीक्षा से पहले लगभग 150 मॉक पेपर दिये थे। 

6. उत्तर लिखने पर करें फोकस 

प्रीलिम्स देने के बाद, वलय ने मुख्य परीक्षा के लिए उत्तर लिखने पर फोकस किया। वह तैयारी के दौरान हर दिन पांच से छह उत्तर तैयार करते थे। “समय बचाने और ज्यादा उत्तर लिखने के लिए, मैंने फ्रेमवर्क बनाया, जिसमें मैंने अपने उत्तर लिखे और साथ ही, उन पॉइंट्स को भी लिखा, जो उत्तर में शामिल करने थे। इससे मेरे उत्तर की शुरुआत, बॉडी और निष्कर्ष सबकुछ स्पष्ट था। एक बार यह करने के बाद, मैं उत्तर की कुंजी से चेक करता था कि मैंने कोई जरुरी पॉइंट छोड़ तो नहीं दिया है। इससे प्रश्नों को हल करने के तरीके में मदद मिलेगी,” उन्होंने कहा। 

7. ढूंढें विषयगत तैयारी के तरीके 

वह समझाते हैं, “अगर मैंने कोई खास विषय लिया है- तो मैं यह सुनिश्चित करता था कि इस पर जितना हो सके जानकारी इकट्ठा कर लूं। अगर मुझे इंफ्रास्ट्रक्चर विषय पर पढ़ना है तो मैं अलग-अलग स्रोतों से जानकारी लेकर अपने नोट्स तैयार करता था, ताकि इस विषय के लिए मैं अपने नोट्स से ही तैयारी कर सकूं और मुझे इसके किसी दूसरे मटेरियल या किताब को देखने की आवश्यकता न पड़े।” वलय कहते हैं कि अगर उस विषय पर कोई नई जानकारी आती थी, तो इसे भी वह अपने इकट्ठे किए हुए नोट्स में ही शामिल कर लेते थे। 

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8. पुराने प्रश्न पत्रों का करें विश्लेषण 

वह कहते हैं, “यह विश्लेषण जरुरी है, क्योंकि इससे आपकी तैयारी आसान हो जाती है। हमेशा पुराने पेपर देखने चाहिए, ताकि आपको पता चल सके कि क्या विषय जरुरी है और किन विषयों को आप पढ़ते समय छोड़ सकते हैं। ऐसे भी, बहुत से टॉपिक होते हैं जो आपको लगता है कि जरुरी हैं, लेकिन परीक्षा में कभी नहीं पूछे जाते हैं।” वह प्रतिभागियों को सुझाव देते हैं कि पुराने प्रश्न पत्रों की मदद से उन्हें गहनता से विश्लेषण करना चाहिए। 

9. नतीजे की चिंता किए बिना प्रक्रिया पर दें ध्यान

अपने अनुभव से वलय कहते हैं, “इस परीक्षा के लिए अध्ययन करते समय आप जो प्रक्रिया अपना रहे हैं, उसे बेहतर करते रहें। हालांकि, रिजल्ट बहुत जरुरी है, लेकिन आप उसी पर अटके मत रहिए। ऐसा करने से आपको खुद को शांत रखने और अपनी तैयारी जारी रखने में भी मदद मिलेगी।” वह यह भी कहते हैं कि सफलता के लिए इस लम्बी दौड़ में आपको बने रहना होगा। 

10. छोटे-छोटे लक्ष्य बनाएं

वह बताते हैं, “बड़े हिस्से को पूरा करने की बजाय छोटे लेकिन हासिल किए जा सकने वाले लक्ष्य बनाएं। आप साप्ताहिक लक्ष्य या दैनिक लक्ष्य भी रख सकते हैं। इन लक्ष्यों को हासिल करने से आपको जीत का अहसास होगा और बेहतर तरीके से पढ़ाई करने की प्रेरणा मिलेगी। पढ़ाई के साथ-साथ अपनी कोई एक ऐसी आदत बनाना भी जरुरी है, जो तनाव के समय में आपको रिलैक्स करे।” साथ ही, वह प्रतिभागियों को हर दिन एक्सरसाइज करने की सलाह भी देते हैं, ताकि वे शारीरिक रूप से फिट रहें। 

11. रिवीज़न ही कुंजी है 

उन्होंने बताया, “आप जितना सिलेबस को दोहराएंगे, उतनी ही अच्छी आपकी विषय पर समझ होगी। मैंने देखा है कि पॉइंट्स लिखने से मुझे बेहतर तरीके से याद रखने में मदद मिलती है। मैं जरुरी पॉइंट्स को याद रखने के लिए एक्रोनिम और स्लोगन का भी इस्तेमाल करता था,” आगे वह एक उदाहरण देते हुए बताते हैं, “मैंने गंगा की सहायक नदियों का नाम याद रखने के लिए इनके नामों से एक स्लोगन बना लिया था। यह स्लोगन मुझे याद रहता था और इससे नदियों का नाम याद रखना आसान हो गया। पढ़ाई करते समय इनोवेटिव होना भी जरुरी है।”

12. तकनीक का करें अपने फायदे के लिए इस्तेमाल 

हम सब तकनीक पर निर्भर हैं। इसलिए वलय प्रतिभागियों को सुझाव देते हैं कि इसे अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करना चाहिए। वलय ने बताया, “मैंने एवरनोट (Evernote) का इस्तेमाल किया। यह एक ऐप है, जो नोट्स लेने में मदद करती है। अगर मुझे कोई दिलचस्प आर्टिकल मिलता था, तो मैं उसे इस ऐप पर कॉपी कर लेता था और जब मुझे समय मिलता था तो मैं इसे पढ़ लेता था। इससे मेरा समय बचता था और चलते-फिरते पढ़ने में भी मदद मिलती थी। इसने मुझे अपने उत्तर को बहुत समग्र तरीके से तैयार करने की क्षमता भी दी।”

मूल लेख: विद्या राजा 

संपादन- जी एन झा

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