Search Icon
Nav Arrow
small balcony garden setting

छोटी सी जगह में इस तरह बनायें अपना बजट गार्डन

चाहे आपकी बालकनी में बस खड़े होने भर की जगह हो, चाहे वहां बस नाम के लिए ही धूप आती हो, फिर भी बिलकुल कम बजट में बन सकता है आपका अपना सुहावना गार्डन। जानिए कैसे

Advertisement

बहुत लोगों को गार्डनिंग का काम मुश्किल लगता है। वहीं कुछ लोग चाहते हुए भी, महानगरों में जगह की कमी के कारण गार्डनिंग नहीं कर पाते। आजकल छोटे शहरों में भी जगह की कमी की समस्या बढ़ गई है।

तो ऐसे में क्या हम पौधे न लगाएं? ऐसा सोचना बिल्कुल गलत है। गार्डनिंग एक्सपर्ट का मानना है कि अगर आपको पौधों का शौक़ है, तो आप कम जगह में भी अपना छोटा से गार्डन बना सकते हैं। सही जगह, गमले और पौधे का चुनाव करके आप अपनी छोटी सी बगिया तैयार कर सकते हैं। 

कई ऐसे पौधे हैं, जो कम सूरज की रोशनी में भी अच्छे बढ़ते हैं। इसके अलावा, आजकल बाजार में पौधों के लिए कृत्रिम लाइट्स भी मौजूद हैं, जिसका उपयोग पौधों के विकास के लिए किया जा सकता है। हालांकि यह सभी साधन थोड़े महंगे हैं, जिसके विकल्प के रूप में आप सामान्य ट्यूबलाइट या बल्ब का उपयोग भी कर सकते हैं। 

ठाणे की रहने वाली गार्डनिंग एक्सपर्ट, एनेट मैथ्यू बताती हैं कि उन्होंने अपनी 8×10 की बालकनी में तक़रीबन 300 पौधे लगाए हैं। उनका कहना है कि सही रोशनी के अनुसार, सही पौधे लगाना बहुत जरूरी है। जैसी धुप आपकी बालकनी या घर में आ रही है, उसी हिसाब से पौधे चुनें। वह पौधों को सही रोशनी देने के लिए ट्यूबलाइट का इस्तेमाल भी करती हैं।  

Anette gardening expert

पूर्व दिशा की तेज रोशनी वाली बालकनियों के लिए तुलसी, अजवायन, ऑरेगैनो, रोज़मेरी जैसे हर्ब्स छोटे-छोटे कंटेनर में लगाएं। साथ ही छोटे फूल वाले पौधे, जैसे- पेटुनीया, पोर्टुलाका ओलेरासिया, पोर्टुलाका ग्रैंडिफ्लोरा आदि, आप हैंगिंग पॉट में लगा सकते हैं। इसके अलावा आप पालक, धनिया और टमाटर जैसी कुछ सब्जियां भी छह इंच के छोटे गमलों में उगा सकते हैं। 

उत्तर पूर्व दिशा की कम रोशनी वाली बालकनियों के लिए आप पत्तेदार पौधे, जैसे- बेगोनिया, एग्लोनमास, ड्रेसना, मॉन्स्टेरा, रबर प्लांट, स्नेक प्लांट्स, स्वीट पोटैटो वाइन, इंग्लिश आइवी, Z Z प्लांट की किस्में लगाएं। एनेट का कहना है कि अदरक और लसहुन भी कम रोशनी वाली जगह में आराम से उग जाते हैं। इसके लिए बड़े पॉट की जरूरत नहीं होती।

small garden setting

वहीं, अगर आपके घर में बालकनी नहीं है, तो भी आप कुछ पौधे तो लगा ही सकते हैं। एनेट ने बताया, “मेरे भाई के घर में बालकनी नहीं है, इसके बावजूद उसके घर में 120 पौधे लगे हैं। जिसके लिए उसने घर के उन हिस्से में पौधे लगाएं हैं, जहां दिन में दो-तीन घंटे सूरज की रोशनी खिड़की से आती है।” गमले रखने के लिए आप खिड़की के पास वाली जगह का इस्तेमाल कर सकते हैं।

एनेट की तरह ही मेरठ की सुमिता सिंह भी अपनी 7 फ़ीट की बालकनी में गार्डनिंग करती हैं। उन्होंने पांच साल पहले अपना गार्डन बनाना शुरू किया था।  आज उनके गार्डन में लगभग 200 पौधे हैं। वह, हर्ब्स और इंडोर प्लांट्स के साथ चेरी टमाटर, शिमला मिर्च, धनिया आदि आराम से लगाती हैं। उनका कहना है, “अगर आप छोटी जगह में गार्डन बना रहे हैं, तो आपको समय-समय पर पौधों की जगह बदलनी पड़ती है। ताकि सभी पौधों को सूरज की रोशनी मिले।” 

hanging plants in balcony

गार्डन के पौधों के लिए आप होम कम्पोस्टिंग भी जरूर करें।  सुमिता हर किसी को गार्डनिंग शुरू करने से पहले, कम्पोस्ट बनाने की सलाह देती हैं, ताकि उन्हें बाहर से कम्पोस्ट न लानी पड़े। 

Advertisement

कम जगह में ज्यादा पौधे लगाने के कुछ आसान टिप्स –

  • गमले रखने के लिए प्लांट स्टैंड का इस्तेमाल करें। 
  • हैंगिंग पॉट्स में आप ढेरों पौधे लगा सकते हैं। इससे सूरज की रोशनी सभी पौधे पर आएगी। 
  • रेलिंग प्लांटर्स का उपयोग करके भी आप कई पौधे लगा सकते हैं।  
  • भारी गमलों की जगह आप हल्के प्लास्टिक वाले गमले लें। घर के पुराने और बेकार डिब्बों का इस्तेमाल करें। इससे आपको जगह बदलने में भी आसानी होगी। 
  • ग्रो बैग्स का इस्तेमाल करके आप बड़े पौधे भी लगा सकते हैं। 
  • वर्टिकल गार्डन के लिए आप दीवार पर शेल्फ बनाकर ढेरों पौधे रख सकते हैं।  
  • समय-समय पर पौधों की कटिंग करते रहें। इससे आपका छोटा गार्डन भी साफ सुधरा दिखेगा। 
  • होम गार्डन की शुरुआत होम कम्पोस्ट बनाने से करें। सही पॉटिंग मिक्स का उपयोग करना बेहद जरूरी है। 
small garden idea

तो अगर आपको भी गार्डन और पौधों का शौक़ है। तो इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर अपनी छोटी सी बालकनी में भी सुन्दर गार्डन बना सकते हैं। 

आशा है आपको एनेट और सुमिता के गार्डन से भी प्रेरणा जरूर मिली होगी।  

हैप्पी गार्डनिंग 

संपादन- अर्चना दुबे

यह भी पढ़ें –ढेर सारे पौधों का है शौक, पर आलसी हैं आप? तो मिलिए Lazy Gardener से!

यदि आपको इस कहानी से प्रेरणा मिली है, या आप अपने किसी अनुभव को हमारे साथ साझा करना चाहते हो, तो हमें hindi@thebetterindia.com पर लिखें, या Facebook और Twitter पर संपर्क करें।

Advertisement
close-icon
_tbi-social-media__share-icon