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राजस्थान: अकाउंटेंट की नौकरी छोड़ शुरू किया नर्सरी बिज़नेस, करते हैं लाखों का कारोबार

आकाशदीप ने जब नर्सरी बिज़नेस शुरू किया तो उन्हें अपने पहले प्रोजेक्ट में घाटा हुआ लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी गलतियों से सीखकर सफलता हासिल की!

देश के किसी भी इलाके में आप चले जाएं, आपको नर्सरी दिख ही जाएगी। नर्सरी उपजाऊ जमीन का एक छोटा सा हिस्सा होता है, जहाँ बीज या अन्य साधनों के माध्यम से पौधे को तैयार किया जाता है और इन तैयार पौधों को किचन, बगीचे या अन्य व्यापारिक उद्देश्य से बाजार में बेचा जाता है। इन दिनों कई ऐसे युवा सामने आ रहे हैं जो नर्सरी को अपना व्यवसाय बना रहे हैं।

आज हम आपको राजस्थान के एक ऐसे युवा की कहानी सुनाने जा रहे हैं, जिन्होंने नौकरी को छोड़कर नर्सरी व्यवसाय में हाथ आजमाया और सफलता हासिल की।

राजस्थान के उदयपुर में रहने वाले 28 वर्षीय आकाशदीप वैष्णव पिछले 4 सालों से नर्सरी का बिज़नेस कर रहे हैं।

आकाशदीप की कहानी में सबसे दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने इससे पहले कभी गार्डनिंग नहीं की थी। न ही उनके परिवार में कोई गार्डनिंग करता है। पढ़ाई के बाद उन्हें एक अच्छी फर्म में एकाउंटेंट की नौकरी भी मिली। लगभग 6 साल तक उन्होंने वह जॉब की लेकिन उनका मन कुछ और करने का था, वह कुछ अलग व्यवसाय करना चाहते थे।

आकाशदीप ने द बेटर इंडिया को बताया, “दरअसल, मुझे किताबें पढ़ने का शौक रहा है। मैंने किसी किताब में पढ़ा था कि अगर किसी इंसान को अपने जीवन में कुछ अलग करना हो या फिर अपने सपनों के लिए काम करना तो 20 से 30 वर्ष की उम्र के बीच करना चाहिए। ज़िंदगी के इन दस सालों में आप पर बहुत ज्यादा ज़िम्मेदारी नहीं होती है और आप इस वक़्त को अपने सपनों को पूरा करने के लिए उपयोग कर सकते हैं।”

Nursery Business
Akashdeep Vaishnav

आकाशदीप के घर में सभी लोग नौकरी-पेशे वाले थे लेकिन वह बिजनेस शुरू करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने अपने घर वालों से बात की। आकाशदीप को यह तो पता था कि वह बिज़नेस करना चाहते हैं लेकिन क्या बिज़नेस करेंगे, यह उन्हें भी नहीं पता था।

वह कहते हैं, “बिज़नेस तो आप कुछ भी कर सकते हैं, कहीं कपड़े-बर्तन की दुकान खोल लीजिए या कोई फ़ूड स्टॉल खोल लीजिए लेकिन मैं कुछ अलग करना चाहता था। कुछ ऐसा जिससे मैं पैसा भी काम सकूँ और आत्मसंतोष भी मिले। मैंने नर्सरी चलाने की सोची क्योंकि इससे पैसे भी कमाए जा सकते हैं और आप पर्यावरण के लिए भी काम करते हैं। इसलिए मैंने अपनी नौकरी छोड़कर नर्सरी की तैयारी की।”

इस तरह आकाशदीप ने नर्सरी का काम शुरू किया लेकिन शुरू में जानकारी के अभाव में उन्हें नुकसान भी उठाना पड़ा लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने इस बिजनेस में सफलता हासिल कर ली।

Rajasthan Nursery
His Nursery

आकाशदीप आज द बेटर इंडिया के माध्यम से बता रहे हैं कि यदि आपको गार्डनिंग का कोई अनुभव नहीं है तो आप कैसे नर्सरी का बिज़नेस शुरू कर सकते हैं:

1. पैसे से ज्यादा ज़रूरी है ज्ञान:

आकाशदीप कहते हैं कि उनकी सबसे बड़ी गलती यही थी कि उन्होंने गार्डनिंग के बारे में कुछ जाने-समझे बिना ही इन्वेस्टमेंट कर दी। इसलिए उन्हें शुरूआत में नुकसान हुआ। आकाशदीप कहते हैं, “सबसे ज्यादा ज़रूरी है कि आप जो भी बिज़नेस करना चाहते हैं, उसकी बेसिक जानकारी आपको होनी चाहिए। मैंने अपने पहले नुकसान के बाद ट्रेनिंग पर ध्यान दिया। मैंने गार्डनिंग के बारे में होने वाली ट्रेनिंग और सेमिनार का पता किया। पहले मैं नोएडा गया सीखने, फिर बेंगलुरु में एक जगह ट्रेनिंग ली। आप यकीन नहीं करेंगे पहले मुझे तुलसी और मनी प्लांट के अलावा किसी पौधे के बारे में नहीं पता था। लेकिन आज मैं 2 हज़ार से भी ज्यादा पेड़-पौधों के बारे में जानता-समझता हूँ।”

आकाशदीप कहते हैं कि अगर कोई भी नर्सरी का बिज़नेस करना चाहता है तो सबसे पहले उन्हें बेसिक ट्रेनिंग लेकर अपनी स्किल पर काम करना होगा। अपने आस-पास पता करें कि कहाँ आप पेड़-पौधों के बारे में सीख सकते हैं। कैसे पेड़-पौधों की देखभाल करनी है, मौसम के हिसाब से कौन से पेड़ों पर ध्यान देना है। एक बार आपके पास जानकारी और ज्ञान होगा तो आप कम से कम इन्वेस्टमेंट में भी अपना काम कर पाएंगे। लेकिन अगर आपको बेसिक चीज ही नहीं पता हैं तो आप कितने भी पैसे लगा लें, आपको नुकसान ही होगा।

2. कोशिश करें बीच के एजेंट्स से बचने की:

Nursery

आकाशदीप कहते हैं कि आप जब नर्सरी का बिज़नेस शुरू करते हैं तो पहले बाजार के बारे में रिसर्च करें। पता करें कि कहाँ से आप अच्छे पौधे ले सकते हैं। खुद पौधे तैयार करना आपको शुरू में महंगा पड़ सकता है। इसलिए आप थोक में पौधे खरीदें। साथ ही आप कोशिश करें कि ग्राहकों को गार्डनिंग से संबंधित सभी सर्विसेज आपके यहाँ मिले। इसलिए आप पौधों के साथ-साथ गमले, खाद, छोटे-बड़े पत्थर सभी चीजें रखें।

सबसे ज़रूरी बात है कि इन सब चीजों के लिए आप जितना हो सके बीच के एजेंट्स से बचें और सीधा उन लोगों से सम्पर्क करें जो ये सर्विस दे रहे हैं। “हमारे पौधे दक्षिण भारत से आते हैं। लेकिन मैं अन्य लोगों की तरह एजेंट्स पर निर्भर नहीं करता। मैं सीधा उन किसानों से मिलता हूँ जो ये पौधे तैयार कर रहे हैं। किसानों से सीधा माल लेने से उन्हें भी फायदा होता है और हमें भी। यह सब काम आपको मेहनत वाले लग सकते हैं लेकिन इसी तरह आप बाजार में अपना नाम बना सकते हैं,” उन्होंने आगे कहा।

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गमलों के लिए भी आप सीधा कुम्हारों से संपर्क करें। ग्राहकों की ज़रूरत के हिसाब से आप अपना माल तैयार करवाएं। इस तरह से आप अपनी लागत कम कर पाएंगे।

3. खुद ही रहें बॉस और खुद ही बनें स्टाफ:

शुरूआत में बहुत ज्यादा लोगों को काम पर न रख लें। जब तक आप खुद मैनेज कर सकते हैं, सभी काम खुद करने की कोशिश करें। आप कोई भी बिज़नेस शुरू करें लेकिन उसे सिर्फ स्टाफ और दूसरे लोगों के भरोसे आप नहीं चला सकते हैं। इसलिए कोशिश करें कि शुरू में आप कम से कम साधनों में भी अपना काम कर पाएं।

अपनी नर्सरी के रख-रखाव से लेकर ग्राहकों के यहाँ जाकर प्रोजेक्ट्स का जायजा लेने तक, सभी काम आप खुद कर सकते हैं। सही से आप टाइम मैनेजमेंट करें, अपने घरवालों से मदद लें। जब तक आपके पास इतने ऑर्डर्स न हों कि आप वाकई मैनेज नहीं कर सकते, तब तक किसी और को काम रखने का कोई फायदा नहीं।

Nursery Business

आकाशदीप कहते हैं कि जब उनका काम बहुत ज्यादा बढ़ गया तब अपने भाई को बिज़नेस ज्वाइन कराया। और इसके भी काफी समय बाद उन्होंने दूसरे लोगों को हायर किया। फ़िलहाल, उनके साथ कुछ लोग काम कर रहे हैं। इन सभी को उन्होंने अच्छे से ट्रेनिंग दी है। अपने स्टाफ को ट्रेन करना भी बहुत ज्यादा ज़रूरी है। क्योंकि जब काम बढ़ जाता है तो आप हर जगह नहीं जा सकते हैं। ऐसे में आपके लोग ही काम देखते हैं तो उन्हें पता होना चाहिए कि कैसे क्या करना है?

4. आपका काम करेगा आपकी मार्केटिंग:

आकाशदीप कहते हैं कि मार्केटिंग के लिए लोग बहुत-सी चीजें करते हैं। कोई अख़बारों में विज्ञापन देता है तो कोई बैनर लगवाता है। आजकल एक अच्छा तरीका सोशल मीडिया है। लेकिन आपकी सबसे अच्छी मार्केटिंग वह लोग करते हैं जिन्होंने आपकी सर्विस ली हैं। इसलिए अपने हर एक ग्राहक के यहाँ अच्छा काम करो।

“मुझे जितने भी ऑर्डर्स मिले हैं वह लोगों द्वारा की गई मार्केटिंग से मिले हैं। हमेशा अपने ग्राहकों से फीडबैक लेते रहें। उनसे पूछे कि अगर किसी और को उन्हें यहाँ सर्विसेज की ज़रूरत है क्या? एक के बाद एक लोग आपसे इसी तरह जुड़ते हैं। लोगों के यहाँ जाएं, अपने काम का डेमो दें और उन्हें बताएं कि आप कैसे उनके गार्डन मैनेज कर सकते हैं। आपका काम अपनी मार्केटिंग करता है इसलिए काम पर फोकस करें,” उन्होंने आगे कहा।

5. ग्राहकों की ज़रूरतों को समझें:

बाज़ार में पौधे, गमले तो बहुत से लोग बेच रहे हैं लेकिन उन्हें सिर्फ पैसे से मतलब रहता है। लेकिन अगर आपको इस क्षेत्र में आगे जाना है तो ग्राहकों से एक रिश्ता बनाएं। आपके पास से जो एक बार सर्विस ले, वह इंसान दूसरी बार ज़रूर लौटे। इसके लिए ज़रूरी है कि आप अपने ग्राहकों को समझें। उनकी ज़रूरतों का ध्यान रखें।

दूसरी ज़रूरी बात है कि कभी भी अपने फायदे के चक्कर में ग्राहकों से बेईमानी न करें। अगर आपके पास उनकी ज़रूरत के हिसाब से पेड़-पौधे नहीं हैं तो उन्हें बता दें। उनसे समय लें कि आप उन्हें कब तक उपलब्ध करवा पाएंगे। उनसे झूठ न कहें क्योंकि झूठ बोलकर आप एक या दो बार ही फायदा ले पाएंगे।

“आखिर में, मैं बस यही कहूँगा कि आपको जितना अनुभव से सिखने को मिलता है, उतना कहीं और से नहीं। जब तक आप खुद बाज़ार में नहीं उतरेंगे आपको नहीं समझ में आएगा। इसलिए कम से कम एक बार कोशिश ज़रूर करें। ज्यादा नहीं तो छोटे लेवल पर लेकिन अपने सपनों को फेल होने के डर से छोड़ें नहीं क्योंकि सच्चे मन से की गई कोशिश ज़रूर कामयाब होती है,” आकाशदीप ने अंत में कहा।

अगर आप आकाशदीप से नर्सरी शुरू करने के बारे में अधिक जानकारी चाहते हैं तो उनके नर्सरी का दौरा कर सकते हैं, जिसका पता है- अक्षयवट नर्सरी, भैरवगढ़ रिसोर्ट के पास, खेलगांव मैन 200 फ़ीट रोड़, उदयपुर। या फिर फोन पर भी उनसे संपर्क कर सकते हैं-09610962012!
संपादन – जी. एन झा

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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है.

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