हरियाणा की रहनेवाली शनन ढाका ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी परीक्षा के पहले महिला बैच में टॉप किया है। पिछले साल तक, महिलाओं को इस परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं थी।
प्रियंका तिवारी, उत्तर प्रदेश के राजपुर ग्राम पंचायत की सरपंच हैं। एक साल के भीतर ही उन्होंने गांव में कई बदलाव किए हैं। उन्होंने गांव में प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक के साथ ग्रेवाटर रीसाइक्लिंग, एक श्मशान घाट और एक लाइब्रेरी भी शुरू की है।
गुजरात की नीता पटेल को अब 'वॉटर चैंपियन' के नाम से जाना जाता है। यह नाम उन्हें जल संरक्षण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए गए शानदार कामों के लिए दिया गया है।
पेशे से आर्किटेक्ट दिल्ली की 27 वर्षीया निहारिका अरोरा बचपन से ही अपने दादा-दादी से बॉर्डर पार के किस्से-कहानियां सुनती आ रही हैं। इसलिए पढ़ाई के बाद, देश की सरहदों को करीब से जानने के लिए वह एक अनोखे सफर पर हैं और ढेरों अनसुनी कहानियों को समटते हुए आगे बढ़ रही हैं।
ठाणे में रहनेवाली ललिता पाटिल के पति के बिज़नेस में जब नुकसान होने लगा, तो उन्होंने अपने खाना पकाने के शौक़ को 'घराची आठवण' में बदल दिया। यहां वह घर से दूर रहनेवाले छात्रों और दूसरे कामकाजी लोगों के लिए स्वादिष्ट घर का खाना बनाती और बेचती हैं।
मिलिए नागपुर की रहनेवाली प्रीति हिंगे से, जिन्होंने अपने बढ़ई पिता से फर्नीचर बनाने की कला सीखी और शादी के बाद घर चलाने के लिए इसे ही अपना काम बना लिया।
मामाअर्थ की संस्थापक ग़ज़ल अलघ ने बताया कि कैसे उनका बेटा, उनके स्टार्टअप को आगे बढ़ाते रहने की प्रेरणा बना और इस बारे में भी जानकारी दी कि महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप में निवेश करना क्यों महत्वपूर्ण है।
व्हिस्पर के #KeepGirlsInSchool अभियान का उद्देश्य लाखों लड़कियों को माहवारी/पीरियड्स के टैबू के कारण स्कूल छोड़ने से रोकना है। पढ़ें, कैसे एक स्कूल में सैकड़ों लड़कियों को इस अभियान से हुआ फायदा।