केरल में एर्नाकुलम जिले के एक गाँव की रहने वाली 46 वर्षीया सुलफत मोइद्दीन अपने घर की छत पर अलग-अलग तरीकों से जैविक खेती कर रही हैं और इस उपज से वह प्रतिमाह 20 हजार रुपए तक की कमाई कर लेती हैं।
गुरुग्राम में रहने वाली 14 वर्षीया सिमरन सिंह ने फरवरी 2021 में अपने स्टार्टअप 'सेफली नोमेडिक' (Safely Nomadic) की शुरुआत की, जिसके जरिए वह महिलाओं और बच्चों के लिए ट्रैवेलिंग किट तैयार कर ग्राहकों तक पहुँचा रही हैं।
मध्य-प्रदेश में धार के रहने वाले इंजीनियर अज़ीज़ खान ने बाइक से चलने वाली एक किफायती एम्बुलेंस बनाई है, जिसमें एक समय पर एक मरीज आराम से लेटकर अस्पताल पहुँच सकता है। इसमें बेसिक दवाइयों, IV ड्रिप के साथ ऑक्सीजन सिलिंडर की भी सुविधा है।
कुन्नूर में रहने वाली 68 वर्षीया तारा जयप्रकाश पिछले कई सालों से बुनाई और क्रोशिया का काम कर रही हैं। तारा कुशन कवर, शॉल, बेबी सेट, टिश्यू बॉक्स व बेडशीट जैसी चीजें बनाकर शहर में आयोजित होने वाले मेलों में या सीधा ग्राहकों को बेचती हैं।
दिल्ली के व्यवसायी तरुण बंसल ने अपनी पत्नी सुनैना और दो बेटियों के साथ, छह महीने में 26 हजार किलोमीटर की road Trip की। इस दौरान, वे 15 राज्यों के 300 गावों में घूमे और देश के 500 से अधिक मंदिरों के इतिहास के बारे में जाना।
हिमाचल में कांगड़ा के सोहरन गाँव के रहने वाले 73 वर्षीय रिटायर्ड कर्नल प्रकाश चंद राणा, हल्दी, अदरक, लहसुन जैसी फसलों के साथ मधुमक्खी पालन कर रहे हैं। साथ ही, वह अपनी उपज को प्रोसेस करके हल्दी पाउडर, पांच तरह के अचार और दो तरह के शहद सीधा ग्राहकों को उपलब्ध करा रहे हैं।