मिलिए अहमदाबाद के साबरमती इलाके में रहनेवाली 70 वर्षीया जड़ी बा से, जिन्होंने जीवन में बचपन से कठिनाइयां ही देखी हैं। बावजूद इसके उन्हें जीवन से कोई शिकायत नहीं है, बल्कि वह तो इस बात से खुश हैं कि वह काम करके आत्मनिर्भर हैं।
15 साल पहले, जब मनोज अपने फलों के बगीचे मेंपारंपरिक शैली का एक लॉज बना रहे थे, तब लोगों ने यहां तक कि घरवालों ने भी कहा कि इतना खर्च करके होटल जंगल के अंदर बना रहे हो, यहां कौन आएगा? लेकिन आज यह जगह कई प्रकृति प्रेमियों की मनपसंद जगह बन गई है, जहां सालभर लोग सुकून से कुछ पल बिताने आते हैं।
श्री मुक्तसर साहिब (पंजाब) कोटली अबलू गांव के एक दसवीं पास युवा सिमरजीत बरार के पास बड़ी डिग्री नहीं है, लेकिन अपने मेकैनिक दिमाग और हुनर के दम पर वह लोगों की सामान्य बाइक को इलेक्ट्रिक बाइक में बदल रहे हैं। अब तक वह 40 किसानों के लिए ई-बाइक बना चुके हैं।
दिल्ली के रहनेवाले वेंकटेश और सुभा नारायणं अपने बेहतरीन ट्रेवल वीडियोज़ की वजह से हमेशा सोशल मीडिया में छाए रहते हैं। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि ये दोनों कोई दोस्त नहीं, बल्कि माँ-बेटे की जोड़ी है।
अगर घर में अच्छी धूप आती है, तो पारिजात का पौधा बिना खाद और देखभाल के ही अच्छा बढ़ेगा और ढेरों फूलों से आपको गार्डन को महका भी देगा। पढ़ें, इसे लगाने और देखभाल से जुड़ी ज़रूरी बातें।
साल 2013 में मुंबई से दिल्ली शिफ्ट हुई नीलिमा बुच और उनका परिवार अक्सर वहां के प्रदूषण से परेशान रहते थे। तभी उन्होंने सोचा कि दिक्कत सिर्फ हवा के प्रदूषण में नहीं, बल्कि हमारे रहने के तरीके में भी है। तब से उन्होंने अपने घर को जीरो वेस्ट बनाने का सफर शुरू किया और आज वह कइयों को जीरो वेस्ट जीवन जीना सिखा रही हैं।