मिलिए मुजफ्फरनगर की सामाजिक कार्यकर्ता शालू सैनी से, जो पिछले 15 सालों से अपनी खुद की जीवन की परेशनियां भूलकर दूसरे लोगों के लिए काम कर रही हैं। कोरोना के समय में उन्होंने लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करना शुरू किया था और अब तक वह 500 से ज्यादा लोगों का परिवार बन अंतिम क्रिया करा चुकी हैं।
पुणे के पास पानशेत गांव में बना है बैम्बू एंड ब्रिक्स रिसोर्ट, जिसे बनाया है राहुल कोंडेकर ने। यहां बांस से बनी बेहतरीन नक्काशी देखने कई आर्किटेक्चर के छात्र भी आते हैं।
फरीदाबाद की तूलिका सुनेजा, साल 2018 से एक बर्तन बैंक चला रही हैं और इसके ज़रिए वह कई शहरों से लाखों प्लास्टिक प्लेट्स, ग्लास और चम्मच जैसे सिंगल यूज़ प्लास्टिक को लैंडफिल में जाने से बचा रही हैं।
परिवार के लिए सालों तक चाय बनाने वाली एक सामान्य गृहिणी कोकिला पारेख ने अपने हाथों के स्वाद के दम पर अपने बिज़नेस की शुरुआत की, वह भी 80 की उम्र में। पढ़े उनकी प्रेरक कहानी।
उत्तराखंड सिविल सेवा से जुड़े रजनीश सच्चिदानंद यशवस्थी ने पहाड़ों में बसने वाले किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए पहले किसानों को कीवी की खेती सिखाई और अब मिट्टी के कुमाऊंनी घर को एग्रो टूरिज्म सेंटर बना दिया है।
मुज़फ्फरनगर (उत्तरप्रदेश) के प्रशांत शर्मा को अपनी दादी और पापा से गार्डनिंग का शौक़ मिला था। आज उनके घर में विदेशी किस्मों के कई फूल खिलते हैं, रेल लिली का उनके पास जो कलेक्शन है, वह तो शायद ही किसी के पास होगा।
केरल, कोड़िकोड के दो दोस्त मिधुन और डॉ. सुभाशीष दामोदर, एक सस्टेनेबल जीवन जीने में विश्वास रखते हैं। सालों से वे पर्यावरण के अनुकूल बिज़नेस करने के लिए रिसर्च कर रहे थे और हाल में वे भांग के बीज से मिल्कशेक बना रहे हैं। पढ़े उनके इस अनोखे कैफ़े के बारे में।
एक दौर वह भी था, जब हर बच्चा चाचा चौधरी का दीवाना था और इसके रचनाकार प्राण कुमार शर्मा बुनते थे साबू और चाचा की रोचक कहानियां। पढ़ें, उनके जीवन से जुड़ी कुछ मज़ेदार बातें।
बाजार में मिलने वाली राखियां चाहे जितनी भी चमकीली हों, लेकिन बहन के हाथ से बनी होममेड राखी से ज्यादा खूबसूरत और क्या होगा? इन तरीकों से बना सकते हैं घर पर ही राखी।
मिलिए कोलकाता की मौसमी मंडल से, जिन्होंने अपने खाली समय में अपने गार्डन के वीडियोज़ बनाकर यूट्यूब पर अपलोड करना शुरू किया और आज वह गार्डनिंग के अपने शौक़ के कारण यूट्यूब से कमाई भी कर रही हैं।