Placeholder canvas

सस्टेनेबल और इको-फ्रेंडली अर्थ हाउस ‘ब्रीथ’, नीव से लेकर दीवारों तक सबकुछ है प्राकृतिक

brethe House

बेंगलुरु के बाहरी इलाके कागलीपुरा में 8,000 sq.ft ज़मीन पर बने इस घर का नाम है- ‘Breathe’. जैसा नाम वैसा ही काम; यह सस्टेनेबल घर अपने अनोखे डिज़ाइन के कारण आम घरों के मुकाबले काफ़ी खुला, हवादार और सुकून भरा है।

बेंगलुरु के बाहरी इलाके कागलीपुरा में 8,000 sq.ft ज़मीन पर बना है एक खूबसूरत घर, जिसका नाम है ‘ब्रीथ’। अनोखे डिज़ाइन और आर्किटेक्चर वाले इस इको-फ्रेंडली आशियाने का जैसा नाम है, वैसा ही काम भी है। अपने डिज़ाइन के कारण ब्रीथ का माहौल आम घरों के मुकाबले काफ़ी खुला, हवादार और सुकून भरा है। मॉडर्न आर्किटेक्चर और पारंपरिक तकनीक से बना यह 2 BHK का यह ड्रीम होम मदर नेचर के ही एक हिस्से जैसा लगता है।  

यह घर अपने कई प्रोजेक्ट्स के ज़रिए सालों से वाइल्डलाइफ और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए काम कर रहे कपल रामकी और स्वर्णा का है। चेन्नई की आर्किटेक्ट दीपा सूर्यप्रकाश और मैसूर के गुरुप्रसन्ना सी ने इसे बनाया है। 

मॉडर्न आर्किटेक्चर और पारंपरिक तकनीक

रामकी और स्वर्णा को हमेशा से एक ऐसा आशियाना चाहिए था जो प्राकृतिक, 100% एनर्जी एफिसिएंट, इको-फ्रेंडली और सस्टेनेबल हो। 2019 में उन्होंने अपने इस सपने को सच में बदलने का फैसला किया, और दीपा और गुरु के साथ मिलकर इसपर काम शुरू कर दिया। दीपा और गुरु बेहतरीन आर्किटेक्ट होने के साथ-साथ 2003 में शुरू हुयी अर्बन, आर्किटेक्चरल और इंटीरियर डिज़ाइन कंपनी ‘बिटवीनलाइन्स’ के फाउंडर्स भी हैं।

अपने काम के लिए उनकी कंपनी इस क्षेत्र में अवार्ड भी जीत चुकी है। दीपा बताती हैं, “यह प्रोजेक्ट हमारे लिए सबसे ख़ास प्रोजेक्ट्स में से एक हैं।”

…वेस्ट मटेरियल से बना इको-फ्रेंडली ‘ब्रीथ’

3 सालों में, यानी 2022 में उन्होंने ब्रीथ को तैयार को बनाकर तैयार कर दिया। पर्यावरण को ध्यान में रखकर बनाये गए इस इको-फ्रेंडली अर्थ होम में केवल लोकल और रीसायकल की हुई चीज़ों का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा कई सब्जियों, फूलों और जड़ी-बूटी के पौधों से लदा यहाँ का गार्डन देखने वाले की आँखों को अलग ही सुकून देता है। प्राकृतिक और बायोडिग्रेडेबल ईंटों की दीवारें,सस्टेनेबल तरीके से बनी फ़र्श और शुद्ध हवा व धूप के लिए ब्रीथ के अंदर जालियां और छज्जे बनाए गए हैं। यही नहीं, इस घर की नीव को भी ख़ास इको-फ्रेंडली तकनीक से बनाया गया है। 

रेनवॉटर हार्वेस्टिंग के लिए यहाँ एक छोटा तालाब और छत पर 1,000 लीटर का टैंक मौजूद है। इसके अलावा यहाँ 7kW के सोलर पैनल्स भी लगाए गए हैं, जो इस घर में बिजली की ज़रूरत को पूरा करते हैं। अपने प्राकृतिक माहौल के कारण अब कई पक्षियों का भी बसेरा बन चुका यह घर आधुनिकता और सस्टेनेबिलिटी का बेहतरीन नमूना है। 

संपादन- अर्चना दुबे

यह भी पढ़ें- शहर से आकर बंजर ज़मीन पर बनाया मिट्टी का घर, उगा दिया फूड फॉरेस्ट

We at The Better India want to showcase everything that is working in this country. By using the power of constructive journalism, we want to change India – one story at a time. If you read us, like us and want this positive movement to grow, then do consider supporting us via the following buttons:

Let us know how you felt

  • love
  • like
  • inspired
  • support
  • appreciate
X