Powered by

Latest Stories

Homeचिकित्सा

चिकित्सा

'विन ओवर कैंसर': कैंसर सर्वाइवर्स के लिए शुरू किया देश का पहला जॉब पोर्टल!

By निशा डागर

यह एशिया का पहला जॉब पोर्टल है जो खास तौर पर सिर्फ कैंसर सर्वाइवर्स के लिए है। उनके प्रयासों से अब तक लगभग 56 परिवारों को मदद मिली है।

व्हाट्सअप ग्रुप के ज़रिये ग्रामीण इलाकों में ज़िंदगियाँ बचा रहे हैं ये डॉक्टर्स!

By निशा डागर

‘कार्डियोलॉजी एट डोरस्टेप' नाम से चल रहे इन व्हाट्सअप ग्रुप्स में लगभग 800 डॉक्टर जुड़े हुए हैं जो ग्रामीण इलाकों के ऐसे लोगों की सहायता करते हैं जहाँ स्पेशलिस्ट नहीं पहुँच पाते हैं!

ग़रीब महिलाओं के मुफ़्त इलाज के लिए इस डॉक्टर ने अपनी जेब से खर्च किये 10 लाख रुपये!

By निशा डागर

निजी अस्पतालों में इस सर्जरी का खर्च डेढ़ से तीन लाख रुपये तक आता है और यहाँ डॉ. उदय न सिर्फ़ यह सर्जरी मुफ़्त में कर रहे हैं बल्कि सर्जरी के लिए मशीन भी उन्होंने खुद खरीदी है।

जिनकी याद में मनाया जाता है 'डॉक्टर्स डे' उनसे इलाज करवाने से गाँधीजी ने क्यूँ किया इंकार!

By निशा डागर

स्वतंत्रता के बाद भी डॉ. रॉय चिकित्सा के क्षेत्र से ही जुड़े रहना चाहते थे। पर गाँधी जी और नेहरु जी के कहने पर उन्होंने बंगाल में मुख्यमंत्री पद का कार्यभार सँभालने का फ़ैसला किया। 

हर साल पहाड़ों पर जाकर हज़ारों लोगों का मुफ्त इलाज करता है यह डॉक्टर!

By निशा डागर

लगभग 35 लोगों की टीम हर साल जुलाई और दिसंबर के महीने में उत्तराखंड में जाकर मेडिकल कैंप लगाती है।

कैंसर से मरते एक बच्चे को देख इस डेंटिस्ट ने शुरू की जंग, 30, 000+ तंबाकू एडिक्ट्स को सुधारा!

डॉ. सुमेधा कुशवाहा जो पेशे से एक दंत चिकित्सक हैं, नशे की लत में पड़े लोगों के लिए काम कर रही हैं और उन्हें इससे छुटकारा दिलाने में मदद कर रही हैं। इसके साथ ही वे नशे के दुष्प्रभाव से लोगों को अवगत करा कर उन्हें जागरूक भी कर रही हैं।

'थाली-कटोरी टेस्ट' : इस दंपत्ति की इस छोटी सी कोशिश ने दिया 102 बधिर बच्चों को नया जीवन!

By निशा डागर

Maharashtra के सोलापुर जिले में शेतफल गाँव के निवासी योगेश कुमार भांगे प्राइमरी सरकारी स्कूल में टीचर हैं और साथ ही, 'वॉइस ऑफ़ वॉइसलेस' संगठन के संस्थापक भी। इस संगठन के ज़रिए उनका उद्देश्य ऐसे बच्चों के उत्थान के लिए काम करना है जो कि सुन नहीं सकते।

कार को मोबाइल क्लिनिक बना, अब तक 36,000+ ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने वाला डॉक्टर!

By निशा डागर

Bengaluru के रहने वाले डॉ. सुनील कुमार हेब्बी का उद्देश्य ज़रुरतमंदों तक सही स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाना है और इसके लिए वे अब तक 700 से ज़्यादा मेडिकल कैंप कर चुके हैं। इसके साथ ही वे 'राईट टू हेल्थ' मुहीम चला रहे हैं ताकि देश में नागरिकों को स्वास्थ्य का अधिकार भी मिले।

25 साल पहले झोपड़ी में शुरू हुआ था अस्पताल, अब हर साल हो रहा है 1 लाख आदिवासियों का इलाज!

डॉ. रेगी एम. जॉर्ज और डॉ. ललिता पिछले 25 सालों से Tamilnadu के सित्तिलिंगी गाँव में आदिवासियों को अच्छी और सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान कर रहे हैं। एक झोपड़ी से शुरू हुए अस्पताल को उन्होंने आज 35 बैड वाले आधुनिक अस्पताल में तब्दील कर दिया है।