Punjab की 52 वर्षीय डॉ. हरशिंदर कौर पिछले 24 सालों से Punjab-Haryana में 'कन्या भ्रूण हत्या' जैसी कुरूति के खिलाफ़ लड़ रही हैं। उनके प्रयासों को न केवल भारत से बल्कि कनाडा, युएसए, मलेशिया, जैसे देशों में भी समर्थन मिला है। डॉ. कौर की वजह से ही दोनों राज्यों के ग्रामीण इलाकों में जागरूकता आई है।
भारतीय वैज्ञानिकों ने अंटार्कटिका में ऐसी कवक प्रजातियों (फंगस) की खोज की है, जिनसे रक्त कैंसर के इलाज में उपयोग होने वाले एंजाइम का उत्पादन किया जा सकता है।
महाराष्ट्र के पुणे में स्थित अस्पताल, रूबी हॉल क्लिनिक में एक कार्डिएक सर्जन होने के साथ-साथ डॉ. मनोज दुरैराज, मैरियन कार्डिएक सेंटर एंड रिसर्च फाउंडेशन के हेड भी हैं। यहाँ वे दिल की बिमारियों से पीड़ित मरीज़ों का इलाज मुफ़्त में करते हैं।
गुजरात के अहमदाबाद में कार्डियक सर्जन डॉ तेजस पटेल ने एक मरीज की टेली-रोबोटिक सर्जरी की। यह पूरे विश्व की सबसे पहली टेली-रोबोटिक सर्जरी थी। टेलीरोबोटिक सर्जरी मरीज से दूर एक जगह से रोबोटिकली उपकरणों को नियंत्रित करके की जाती है। यह कंप्यूटर टेक्नोलॉजी और उन्नत रोबोटिक्स द्वारा सक्षम है।
डॉ दीपा कात्याल को जानवरों के प्रति उनके प्यार और सद्भावना ने उन्हें जानवरों का डॉक्टर बना दिया। एक अच्छी-खासी बिज़नेस फैमिली से ताल्लुक रखने वाली दीपा ने अपने परिवार के मना करने के बावजूद इस प्रोफेशन को चुना ताकि वे जरुरतमन्द जानवरों की देखभाल कर सकें।
पुणे के डॉ पुष्कर वाकनिस अपनी टीम के साथ मिलकर 'स्प्रेडिंग स्माइल्स' नाम से एक प्रोग्राम चलाते हैं। जिसके तहत वे क्लेफ्ट से पीड़ित बच्चों का ऑपरेशन मुफ्त करते हैं। वे हर साल लगभग 40 बच्चों का इलाज करते हैं। उनके साथ इस काम में डॉ नीरज अदाकार और डॉ तृप्ति परे भी शामिल हैं।
पंजाब के भटिंडा में जन्में व पले-बढ़े डॉ संजय गोयल (बाल रोग विशेषज्ञ) ने कभी भी सिविल सर्विसेज ज्वाइन करने के बारे में नहीं सोचा था। लेकिन जब उन्हें लगा कि समाज में स्वास्थ्य परिणामों में सुधार के लिए एक कुशल प्रशासन अत्यंत आवश्यक है। वे मध्य-प्रदेश में आईएएस के रूप में नियुक्त हुए।
दिल्ली बुरारी मिस्ट्री में रहस्मयी परिश्थितियों में भाटिया परिवार के 11 सदस्यों अपने ही निवास स्थान पर मृत पाए गए। दिल्ली पुलिस द्वारा अब इस केस में साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी की जाएगी। द बेटर इंडिया ने डॉ रोमा कुमार से जानने की कोशिश की, कि आखिर साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी क्या होती है।
मधुमेह की सिंथेटिक दवाओं के संभावित दुष्प्रभावों के कारण कई बार हर्बल दवाओं के उपयोग की सलाह दी जाती है। चकोतरा जैसे फलों में मधुमेह-रोधी तत्वों की खोज उसी से प्रेरित है।