Powered by

Latest Stories

Homeअनमोल इंडियंस

अनमोल इंडियंस

Inspiring Indians Stories To Motivate From India. \ भारत के उन प्रेरक नायक नायिकाओं की कहानियां, जो अपने काम से भारत को बेहतर से बेहतरीन बनाने में जुटे हैं!

200 बच्चों को मुफ्त पढ़ाता है 'मिड डे मील' बनाने वाली माँ का यह बेटा!

By निशा डागर

"बहुत से लोग मुझे पागल ही कहते थे क्योंकि मैं कचरा बीनते बच्चों को, बकरी चराते बच्चों को इकट्ठा करके एक टोली बना लेता और उन्हें अपने घर पर लाकर कुछ न कुछ पढ़ाना शुरू कर देता था। पर मेरी माँ तब भी मेरे साथ खड़ी रहीं।"

प्लास्टिक की बोतलों को फेंके नहीं इन्हें दें; 9000 बेकार बोतलों से एक टॉयलेट बना देते हैं ये!

By निशा डागर

इन युरिनल्स को एक ‘पी-कार्टरिज’ से जोड़ा गया है, जहां पर यूरिन को प्रोसेस करके इससे यूरिया अलग किया जाता है, जिसे खेतों में फ़र्टिलाइज़र के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

परफ्यूम, तेल से लेकर साइकिल और ग्रामोफ़ोन तक, इस उद्यमी ने रखी स्वदेशी उत्पादों की नींव!

By निशा डागर

उनके सभी रिकॉर्ड्स ब्रिटिश सरकार ने तबाह कर दिए। आज सिर्फ़ टैगोर के 'वन्दे मातरम' गीत की एक छोटी-सी रिकॉर्डिंग बची है!

जोधपुर के इस कलाकार से बंधेज खरीदने देश-दुनिया की बड़ी-बड़ी हस्तियां जुटती हैं!

मोहम्मद तैय्यब खां के काम की विशेषता यह है कि जो काम विदेश में मशीन से हो रहे हैं वह काम वे हाथ से पारम्परिक तरीके से करते हैं।

'विन ओवर कैंसर': कैंसर सर्वाइवर्स के लिए शुरू किया देश का पहला जॉब पोर्टल!

By निशा डागर

यह एशिया का पहला जॉब पोर्टल है जो खास तौर पर सिर्फ कैंसर सर्वाइवर्स के लिए है। उनके प्रयासों से अब तक लगभग 56 परिवारों को मदद मिली है।

वीकेंड पर 8 किमी दूर गाँव में जाकर बच्चों को पढ़ाता था यह IIT छात्र, राष्ट्रपति ने दिया गोल्ड मेडल!

By निशा डागर

अपने डिपार्टमेंट में भी हमेशा टॉपर्स की लिस्ट में रहने वाले अनंत को अपनी पढ़ाई और एक्स्ट्रा-कर्रिकुलर गतिविधियों को मैनेज करना बख़ूबी आता है।

35 सालों से असहाय लोगों को रोटी, कपड़ा और घर दे रहा है हरियाणा का यह ट्रक ड्राईवर!

By निशा डागर

देवो आश्रम के नाम से देव गोस्वामी दो शेल्टर होम चला रहे हैं, एक गन्नौर में और एक दिल्ली के द्वारका में। गन्नौर में फ़िलहाल 100 से ज़्यादा लोग हैं तो द्वारका में 80 लोगों का पालन-पोषण हो रहा है!

मुंबई: घर-घर से इकट्ठा किये प्लास्टिक से बनेंगी अब पब्लिक पार्क के लिए बेंच!

By निशा डागर

इस साल मुंबई में सवा लाख से भी ज़्यादा लोगों ने प्लास्टिक वेस्ट इकट्ठा करके 'प्रोजेक्ट मुंबई' टीम को दान किया है!

पिता की मृत्यु के बाद छोड़नी पड़ी थी पढ़ाई, आज 70 बच्चों को पढ़ा रहा है यह शख्स!

By निशा डागर

16 दिसंबर 2016 को राजेंद्र ने 15 बच्चों के साथ 'निशुल्क शिक्षा केंद्र' की शुरुआत की और अब यह पहल 70 बच्चों तक पहुँच चुकी है!