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कविता करकरे : शहीदों के परिवारों को हक़ दिलवाने के लिए लड़ती रही आख़िरी दम तक!

By मानबी कटोच

कविता सिर्फ़ एक शहिद की विधवा नही थी. वे इससे कई ज़्यादा थी. देश के लिए उन्होने जो कुछ किया उससे वे स्वयं एक शहिद कहलाई जाने की हक़दार है.

50 साल पहले इस गृहिणी ने शुरू किया था कंस्ट्रक्शन मज़दूरों के बच्चों के लिए फ्री मोबाइल क्रेच!

By मानबी कटोच

भारत के हर बच्चे को अच्छा और सुखमय बचपन मिले, इस सपने को लिए मोबाइल क्रेचस, 'चाइल्ड फ्रेंड्ली साइट्स'(बच्चो के अनुकूल साइट) के अपने मिशन को पूरा कर रहा है।