पर्यावरण युवा

मंदिर से इकट्ठा होने वाले फूलों को जैविक खाद में बदल रहे हैं अहमदाबाद के ये दो इंजीनियर!

गुजरात के अहमदाबाद से ताल्लुक रखने वाले दो इंजीनियर अर्जुन ठक्कर और यश भट्ट पिछले दो सालों से अपनी पहल ‘ब्रूक एंड ब्लूम’ के जरिये मंदिरों से इकट्ठा होने वाले फूलों से जैविक खाद बना रहे हैं। इनकी यह पहल अहमदाबाद नगर निगम के ‘कलश प्रोजेक्ट’ से जुडी हुई है।

युवा शिक्षा

गरीबी के कारण कभी स्कूल से कटने वाला था नाम; आज है भारत के सबसे कम उम्र के आईएएस!

अंसार शेख भारत के सबसे युवा आईएएस अधिकारियों में से एक है। महाराष्ट्र निवासी अंसार ने साल 2016 में अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा को पास कर लिया था। वे तब केवल 21 साल के थे।

युवा

पाँच सितारा होटल की नौकरी छोड़ बिहार में माहवारी के प्रति महिलाओं को सजग कर रहे है ‘मंगरु पैडमैन’

झारखंड में ‘मंगरु पैडमैन’ के नाम से प्रसिद्द मंगेश झा इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, रांची के साथ जुड़कर भारत सरकार के प्रोजेक्ट ‘उन्नत भारत’ पर काम कर रहें हैं। उन्होंने इंस्टिट्यूट ऑफ़ होटल मैनेजमेंट, भुवनेश्वर से ग्रेजुएशन किया है। उनका उद्देश्य भारतीय गांवों को आदर्श गांव बनाना है।

बॉलीवुड युवा शिक्षा हिंदी

इंजिनियर से हिन्दी ट्रेनर बनी पल्लवी के छात्रों में हैं बॉलीवुड के सितारें, लेखक और कई विदेशी!

भाषा मानवीयता का पुल है, हमें जोड़ती है। वैश्वीकरण के इस दौर में हम दुनियां भर में आवास-प्रवास करते रहते हैं, हमारे देश में भी लाखों विदेशी आते हैं और उनकी मुहब्बत कहिए या कौतुहल कि उनमें से अधिकतर यहीं बस जाते हैं। ऐसे लोग हमेशा भाषा का अवरोध झेलते हुए देश में रहने के बाद भी अलग-थलग से नज़र आते हैं। इन्हें हमसे जोड़ने के लिए संवाद अनिवार्य है और संवाद के लिए समान भाषा जरूरी होती है।

युवा स्वच्छ भारत हमारा देश - हमारे गाँव

मुंबई के 300 छात्रों ने 2 साल तक हर रविवार साथ मिलकर काम किया और इस गाँव में बना दिये 107 शौचालय।

मुंबई के किशिनचंद चेलारम महाविद्यालय के छात्रो ने सभी को प्रभावित करते हुये पलघर जिले के कारवाले गाँव में 107 शौचालय निर्मित किए हैं जिसमें गाँव में रह रहे हर परिवार के लिए एक शौचालय है।

पर्यावरण युवा

डम्पिंग यार्ड से एक हरे-भरे पार्क के रूप में, माहिम नेचर पार्क का शानदार रूपान्तरण!

धारावी बस डीपो के पास स्थित माहिम नेचर पार्क कभी एक डम्पिंग यार्ड हुआ करता था, जहां पूरे मुंबई शहर से ला कर रोज़ सैकड़ो टन कचरा डाला जाता था। 1977 में प्रशासन द्वारा इसका उपयोग बंद कर दिये जाने पर तीन लोगों ने इसके स्वरूप को बदलने की ठानी और आज यह मुंबई शहर में प्रकृति प्रेमियो का पसंदीदा स्थान बन गया है।

क्विक बाइट्स (ख़ास खबरों में से चुनी हुई खबरे) पर्यावरण युवा

हर एक पेड़ को लोहे की कीलो और इश्तहारो से मुक्ति दिला रहे है अहमदाबाद के युवा!

गुजरात के अहमदाबाद शहर के कुछ युवाओं ने मिलकर’ हाइली एनेरजाइस्ड यूथ फॉर हेल्पिंग इंडीयंस’ (HeyHi) नामक एक संस्थाकी शुरुआत की है। यह संस्थाशहर भर के पेड़ो के संरक्षण के मुहीम में जुटा हुआ है।

क्विक बाइट्स (ख़ास खबरों में से चुनी हुई खबरे) युवा

पुराने अखबार बेचकर गरीबो के लिए कंबल खरीद रहे है इंजीनियरिंग के ये छात्र!

किसी भी देश का भविष्य उसकी युवा पीढ़ी की सोच पर निर्भर करता है। यदि देश का युवा जागरूक, समझदार तथा सामाजिक जिम्मेदारियों को स्वेच्छा से उठाने वाला हो तो वह देश तथा समाज निश्चित रूप से तरक्की की ओर जा रहा है। तेलंगाना के कुछ युवको की सोच को जानकर ऐसा ही यकीन आपको भारत के लिए भी होगा।

प्रेरणा महाराष्ट्र युवा

समाज को बेहतर बनाने के लिए ‘उद्देश सोशल फाउंडेशन’ के युवा करा रहे हैं लोगों से लोगों की मदद!

उमरखेड गाँव के युवकों ने उद्देश सोशल फाउंडेशन की स्थापना करके समाज का कल्याण और गरीबो की मदद करने का जिताजागता उदाहरण दिया है। आईये जानते है इस संस्था और आयोजित विभिन्न कार्यक्रम के बारे में।

आविष्कार बंगलुरु युवा

थोड़ी मेहनत, थोड़ा शोध और आम लोगो के लिए इस छात्र ने बनाया सिर्फ रु.1500 का वाटर प्यूरीफायर !

रक्षित प्रधान ने गन्ने तथा नारियल जटा जैसी सामग्रियों को इकठ्ठा कर, पानी को शुद्ध करने का एक ऐसा यन्त्र तैयार किया है जिसे कई लोग कम कीमत पर खरीद पायेंगे।

बच्चे बदलाव युवा

‘तितलियां’ – युवाओं की एक पहल जो झुग्गी के बच्चों की बेरंग ज़िन्दगी में रंग भर रही है!

बच्चे, बचपन और उनके चेहरे की मुस्कान को बचाने के लिए रांची में युवाओं की एक टोली आगे आई है। तितलियां नाम की संस्था रांची के युवा बिजनसमैन अतुल गेरा ने स्थापित की है। इस संस्था से रांची के कई युवा जुड़े है जो गरीब बच्चों की जिंदगी संवारने के लिए लगातार काम कर रहे है। मिलिए इन युवाओं की टोली से जो अपने जज्बे से रांची के झुग्गियों में रहने वाली बच्चियों की बेरंग जिंदगी में अपने जज्बे से रंग भर रहे है।

युवा शिक्षा

पिता के साथ जेल में रहकर की IIT की तैयारी और 453 रैंक हासिल किया!

जेल में रहकर इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी करना और IIT JEE में 453 रैंक पाना – 18 साल के पीयूष के लिए सफर मुश्किल था, पर उसकी मेहनत और लगन के कारण नामुमकिन नहीं था।

प्रेरणा यात्रा युवा

युवा प्रेरणा यात्रा: गांव, युवा और रोजगार को जोड़ने की एक अनोखी पहल!

युवा प्रेरणा यात्रा में हर साल करीब 100 युवाओं की टोली को असल जिंदगी के नायक चैंपियन्स से मिलाते है ताकि ये युवा भी दूसरों के लिए मिसाल बन सके।