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#DIY: जानिए कैसे घर पर पड़ी बेकार चीजों से बना सकते हैं ‘होम कंपोस्टिंग बिन’

बागवानी के लिए, घर के जैविक कचरे से बनी खाद को उत्तम माना जाता है। जानिए कैसे इस खाद को बनाने के लिए घर पर बना सकते हैं #DIY जीरो बजट कंपोस्टिंग बिन।

हमारे घरों से निकलने वाले गीले और जैविक कचरे से अगर जैविक खाद बना ली जाए तो बहुत हद तक हमारे घर के आसपास लगने वाले कचरे के ढेर को कम किया जा सकता है। घर पर बनाई गई जैविक कचरे की खाद को पेड़-पौधों के लिए उत्तम माना जाता है। इससे आपको बागवानी के लिए, बाहर से किसी भी रसायनिक उर्वरक पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर आप अपने घर में बागवानी नहीं भी करते हैं तब भी आप अपने जैविक कचरे की खाद बनाकर, आसपास के पार्क या बागवानी करने वाले किसी परिवार को दे सकते हैं। 

इससे आप अपने घरों से निकलने वाले कचरे को तो कम करेंगे ही साथ ही, पेड़-पौधों का भी अच्छा विकास होगा। लेकिन, बहुत से लोगों को घर पर खाद बनाने का सही तरीका नहीं पता है। कुछ लोग, अगर खाद बनाना जानते भी हैं तो उनमें इच्छाशक्ति की कमी होती है। लेकिन इसके साथ ही, बहुत से लोग ऐसे भी हैं जिन्हें लगता है कि बागवानी और खाद बनाने जैसी चीजों में बहुत पैसा खर्च होता है। क्योंकि, लोग आजकल बाजारों में जब ‘होम कंपोस्टिंग किट’ देखते हैं तो उन्हें लगता है कि इसके बिना वह खाद कैसे बनाएंगे? 

लेकिन ऐसा नहीं हैं। खाद बनाने के लिए आपको कोई पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है बल्कि आप अपने घर में ही रखी चीजों को इसके लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। भोपाल में अपनी छत पर बागवानी करने वाले शिरीष शर्मा अपने घर पर बनाई खाद से ही, सभी तरह की मौसमी सब्जियां उगा रहे हैं। वह कहते हैं कि अगर आप ठान लें तो बिना किसी खर्च के आप घर पर ही ‘कंपोस्टिंग बिन’ बना सकते हैं। 

वह कहते हैं कि अगर आपके पास पुरानी बाल्टी या मिट्टी के घड़े नहीं हैं तो आप कोई प्लास्टिक का टब या बड़ी बोतलें या डिब्बे भी इस काम के लिए इस्तेमाल में ले सकते हैं। इस काम के लिए आपको काफी डिब्बों और बोतलों की जरूरत पड़ेगी। लेकिन एक तरह से यह अच्छा ही है। क्योंकि, इससे आपको बाहर से कुछ भी नहीं खरीदना पड़ेगा और आपके घर में पड़े बेकार प्लास्टिक के डिब्बे उपयोग में आ जाएंगे।    

क्या-क्या चाहिए:

Zero Budget Composting Bin
Old Bucket, Organic waste, Soil, Leaves are required

  • पुरानी या बेकार प्लास्टिक की बाल्टी या मिट्टी के घड़े 
  • बाल्टी या घड़ों को ढकने के लिए ढक्कन 
  • छेद करने के लिए कोई नुकीली वस्तु 
  • रसोई से बचने वाला जैविक और गीला कचरा 
  • सूखे पत्ते या पुराने-बेकार कागज की कतरन या नारियल की छाल
  • बगीचे की मिट्टी 
  • गोबर की खाद या छाछ या दही 

प्रक्रिया:

सबसे पहले, आपके घर से जिस हिसाब से कचरा निकलता है, उस हिसाब से आप बाल्टियां या मिट्टी के घड़े लें। क्योंकि कचरे को ‘डीकंपोज’  होने में वक्त लगता है। ऐसे में अगर एक बाल्टी भर जाए तो आप दूसरी बाल्टी में कचरा डाल सकते हैं। गीले कचरे को डीकंपोज होने में दो महीने से ज्यादा समय लग जाता है। इसलिए, आप पहले से ही दूसरी बाल्टी तैयार रखें। 

  • सबसे पहले बाल्टी या घड़े के तले में और ऊपरी सिरे की तरफ चारों ओर किसी नुकीली चीज से छेद कर लें। 

Compost
Make holes in the bucket

  • बाल्टी या घड़े के तले में छेद करना बहुत जरुरी है। इससे इनके अंदर हवा का आवागमन होता रहता है। जिससे खाद बनने की प्रक्रिया तेज होती है और बदबू भी नहीं आती है। 
  • ध्यान रहे कि जिस ढक्कन से आप बाल्टी को ढक रहे हैं, उसमें कोई छेद न करें। साथ ही, बाल्टी के नीचे रखने के लिए भी आपको कोई ढक्कन या पुरानी बाल्टी चाहिए, लेकिन इसमें आपको छेद नहीं करना है। 
  • छेद करने के बाद, अपने घर की ऐसी जगह ढूंढें, जहां रौशनी और हवा अच्छे से आती हो लेकिन, उनमे सीधी धूप नहीं पड़नी चाहिए। 
  • इस जगह पर सबसे पहले एक ढक्कन या पुरानी बाल्टी रखें और इसके ऊपर खाद वाली बाल्टी रख दें। 
  • अब इस बाल्टी में सबसे पहले सूखे पत्ते या कागज के छोटे टुकड़े डालिए और एक परत बना लीजिए। 

Zero Budget Composting Bin

  • दूसरी परत, बगीचे की मिट्टी की बनाएं। मिट्टी बहुत ज्यादा नहीं, बस थोड़ी सी ही डालें। 
  • अब इसके ऊपर आप गीला कचरा मतलब कि फल-सब्जियों के छिलके आदि डालें। 
  • गीले कचरे की परत के ऊपर आप गोबर की खाद डालें। अगर आपके पास गोबर की खाद नहीं है तो आप कुछ मात्रा में छाछ या दही भी डाल सकते हैं। गोबर, छाछ और दही में मौजूद सूक्ष्मजीव कचरे को खाद बनाने की प्रक्रिया में काफी महत्वपूर्ण साबित होते हैं। इनकी मदद से ही कचरा सड़-गल कर खाद में परिवर्तित होता है। 
  • अब फिर से आप इसमें सूखे पत्ते या घास डालें। यह प्रक्रिया आप तब तक करते रहें, जब तक सारा गीला कचरा इसमें न चला जाए। 
  • एक बार जब पूरा गीला कचरा उपयोग में आ जाए तो आप इसमें ऊपर से पानी का जरा सा छिड़काव करें। 
  • इसके बाद बाल्टी या घड़े को ढक्कन से ढक दें। 

हर दिन अपने घर का गीला कचरा आप इस बाल्टी में डालते रहें तथा इसके ऊपर सूखे पत्ते या सूखी घास भी डालते रहें। आप अपने बगीचे में गिरने वाले सभी सूखे पत्तों को इस काम के लिए इकट्ठा कर सकते हैं। बीच-बीच में, आप किसी लकड़ी की मदद से, कचरे को ऊपर-नीचे भी करते रहें। लगभग एक महीने बाद, आप देखेंगे कि कचरा गलने लगा है तथा बाल्टी में नीचे बैठ रहा है। साथ ही आप देखेंगे, बाल्टी के नीचे आपने जो ढक्कन रखा है, उसमें भी एक गहरे रंग का पानी इकट्ठा हो रहा है। यह तरल खाद है, जिसे आप पानी में मिलाकर पौधों को दे सकते हैं। 

इसके अलावा, इस तरल खाद को आप वापस कंपोस्टिंग बिन में भी डाल सकते हैं। इससे खाद बनने की प्रक्रिया तेज होगी। जब आपकी पहली बाल्टी भर जाये तो आप दूसरी बाल्टी या किसी अन्य कंटेनर में, इसी प्रक्रिया से खाद बनाना शुरू कर सकते हैं। कचरे से पूरी तरह खाद बनने में लगभग ढाई महीने तक का समय लग जाता है। लेकिन इससे आपको जो खाद मिलती है, उसकी गुणवत्ता बेजोड़ होती है। 


तो देर किस बात की, अपने घर में एक नजर घुमाइए और देखिये कि ऐसा क्या है जिसे आप खाद बनाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं? और खुद शुरू करें अपने पेड़-पौधों के लिए खाद बनाना।

संपादन – प्रीति महावर

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