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अगर आपको भी नहीं मिल रहा है फेस मास्क तो यहां से खरीदें!

यह 40 रुपये का एक एंटी-डस्ट मास्क सूती कपड़े से बना है और इसे आप धोकर दोबारा इस्तेमाल कर प्रदूषण से बच सकते हैं!

face mask

पूरे देश में कोरोना वायरस अलर्ट है और स्वास्थ्य मंत्रालय की पूरी कोशिश है कि नागरिकों को सुरक्षित रखा जाए। हेल्थ एक्सपर्ट्स और प्रशासन, अपनी तरफ से हर संभव कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर फैल रहे मिथकों के चलते स्थिति गंभीर हो सकती है।

कोरोना वायरस से संबंधित बहुत-सी अटकलें लगाई जा रही हैं और इन आधी-अधूरी खबरों को पढ़कर लोगों के मन में डर पैदा हो रहा है। स्थिति यह हो गई है कि मेडिकल स्टोर्स पर मास्क, और हैंड सैनीटाइज़र की कमी होने लगी है और आपूर्ति न होने से इनके दाम भी बढ़ गए है।

लोगों को लग रहा है कि कोरोना वायरस से बचने के लिए मास्क पहनना बहुत ज़रूरी है और इस वजह से हर कोई अपने घर में मास्क और सैनीटाइज़र का स्टॉक रख रहा है।

इस बारे में हमने कुछ समय पहले दिल्ली के वसंत कुंज स्थित फोर्टिस अस्पताल के पल्मोनोलोजी विभाग के हेड और डायरेक्टर, डॉ. विवेक नांगिया से बात की।

उन्होंने बताया कि जिन लोगों में कोरोनावायरस के लक्षण मिले हैं, उनके लिए सर्जिकल मास्क पहनना बहुत ज़रूरी है और जो लोग इन मरीज़ों की देखभाल कर रहे हैं, उन्हें भी यह मास्क पहनाया जा रहा है। इसके अलावा, N95 मास्क, अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवा दे रहे कर्मचारियों के लिए है और वह भी ज़रूरी स्थिति में।

आपको यदि खांसी है या फिर आप बहुत छींक रहे हैं तो आप ज़रूर मास्क पहनें और मास्क पहनने का सही फायदा तभी है जब आप नियमित रूप से अपने हाथ किसी साबुन से धो रहे हैं या फिर अल्कोहल बेस्ड सैनीटाइज़र का इस्तेमाल कर रहे हैं।

यदि आपको जुकाम-खांसी जैसी बीमारी नहीं है, तब भी आप अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ट्रैवल करते हुए या फिर बाहर आते-जाते समय, सामान्य कपड़े का मास्क पहन सकते हैं। यह मास्क आपको धूल-मिट्टी और प्रदुषण से बचाएगा। साथ ही, आपके मन में एक संतुष्टि रहेगी कि आपने प्रीकॉशन लिया हुआ है।

आप किसी पुराने कपड़े से यह मास्क घर पर बना सकते हैं। यदि आपके पास इतना समय नहीं है और न ही साधन उपलब्ध हैं कि आप मास्क बनाने बैठे, तो सबसे अच्छा विकल्प है कि आप ऑनलाइन यह फैब्रिक फेस मास्क मंगवा सकते हैं।

Anti dust Face Mask

कार्निवल पर उपलब्ध यह फेस मास्क, पुराने कपड़ों को अपसायकल करके बनाया गया है। ये मास्क सूती कपड़ों के हैं और इनमें स्ट्रेचेबल डोरी लगी है जिसे आप अपने कानों के हिसाब से एडजस्ट करके लगा सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि इस मास्क को पहनने से कानों के पीछे और नाक पर कोई निशान नहीं पड़ेगा।

यह मास्क एक ही साइज़ में आता है और यह सबको फिट हो जाएगा। इस मास्क को पहनने से कोई भी धूल-मिट्टी के कण और अन्य प्रदूषक तत्व आपके नाक-मुंह में नहीं जाएंगे।

आज ही ऑनलाइन खरीदें यह अपसायकल्ड एंटी-डस्ट फेस मास्क!

इस फेस मास्क को खरीदने की खास बात यह है कि इसे आप धोकर फिर से इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही, इस मास्क को बनाने के पीछे का उद्देश्य सस्टेनेबिलिटी है, वरना मास्क तो नए कपड़े से भी बनाए जा सकते हैं। लेकिन जब हम पुराने कपड़ों को नया रूप देकर फिर से इस्तेमाल करते हैं तो हम अपने पर्यावरण के लिए सही फैसला करते हैं।

इससे पुराने कपड़े कचरे में नहीं जाएंगे और लैंडफिल में नहीं पहुंचेंगे। पर्यावरण को बचाने के साथ-साथ हम उन ज़रूरतमंद महिलाओं की मदद भी कर रहे हैं, जो ये मास्क बना रहीं हैं। हमारी एक खरीद से उन महिलाओं की मदद होगी।

आप आज ही यह मास्क अपने परिवार और दोस्तों के लिए खरीद सकते हैं। खरीदने के लिए यहाँ पर क्लिक करें!

संपादन – अर्चना गुप्ता


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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है.

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