अनुभव बच्चे

भारत-पकिस्तान सीमा पर बसे तीन बच्चो की दोस्ती की कहानी!

हते है बच्चे भगवान् का रूप होते है। और भगवान् की कभी किसीसे कोई दुश्मनी नहीं होती; उनके लिए सब एक जैसे होते है। भारत- पकिस्तान की दुश्मनी की खबरों के बीच ऐसे ही कुछ बच्चो की कही कुछ बाते हर किसी के दिलों को छु रही है।

इन बच्चो की ये मासूम बातें फेसबुक पर ‘ह्युमंस ऑफ़ पकिस्तान‘ नामक एक पेज ने साझा की है। फेसबुक के इस पोस्ट में दो स्कूल जाने वाले बच्चो ने सीमा पार रह रहे अपने हिन्दुस्तानी दोस्त का ज़िक्र किया है।

ये बच्चे आपस में कभी नहीं मिले। पर स्कूल से घर वापस जाते हुए ये तीनो, रोज़ साथ मिलकर एक खेल खेलते है। ये खेल उस नदी में पत्थर फेंकने का है, जो दोनों देशो के बीच बहती है। खेल के नियम बिलकुल सरल है; जिसका पत्थर जितनी दूर फेंका जायेगा, जीत उसी की होगी।

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“हमारा एक दोस्त है, जो नदी के उस पार रहता है। वो भी हर रोज़ इसी वक़्त स्कूल से वापस आता है। वो वहां खड़े होकर नदी में पत्थर फेंकता है। हम भी इस तरफ से पत्थर फेंकते है। जिसका पत्थर सबसे दूर पहुंचता है वो जीत जाता है। हम ये खेल रोज़ खेलते है।”

-“तुम्हारे दोस्त का नाम क्या है?”

“हमे नहीं पता। नदी के पानी के शोर की वजह से एक दुसरे से बात करना मुश्किल होता है। बस हम इतना जानते है कि वो हिन्दुस्तानी- कश्मीरी है, क्यूंकि वो नदी के उस पार रहता है।”

इस पोस्ट को सोशल मिडिया पर करीब 19,000 लोगो ने साझा किया है। ये बात शायद इस बात का सबूत है कि शायद अब भी हम सभी इन बच्चो की तरह अमन ही चाहते है।

 

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मानबी कटोच
मानबी बच्चर कटोच एक पूर्व अभियंता है तथा विप्रो और फ्रांकफिंन जैसी कंपनियो के साथ काम कर चुकी है. मानबी को बचपन से ही लिखने का शौक था और अब ये शौक ही उनका जीवन बन गया है. मानबी के निजी ब्लॉग्स पढ़ने के लिए उन्हे ट्विटर पर फॉलो करे @manabi5
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