'प्लास्टिक-मुक्त' समाज की दिशा में उड़ीसा के केंदुझर जिला प्रशासन ने बहुत ही अहम कदम उठाया है। कुछ समय पहले ही, प्रशासन ने फ़ैसला किया है कि अब से किसी भी प्रशासनिक मीटिंग्स, सेमिनार और वर्कशॉप आदि के दौरान खाने-पीने के लिए प्लास्टिक के कप, गिलास या फिर प्लेट्स आदि का इस्तेमाल नहीं होगा।
बल्कि प्रशासन ने इसकी जगह 'साल' के पत्तों से बनने वाले इको-फ्रेंडली प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने का निर्णय किया है। किसी भी मीटिंग या अन्य किसी आयोजन के दौरान चाय और स्नैक्स पेपर कप और साल के पत्तों से बनी प्लेट और दोने/कटोरी में सर्व किये जायेंगें।
यह पहल यहाँ के जिला अधिकारी, आशीष ठाकरे ने अपनी टीम के साथ मिलकर शुरू की है। उन्होंने बताया,
'ममता घर' के अलावा प्रशासन द्वारा जिले में 8 डिजिटल डिस्पेंसरी भी सेट-अप की गयीं हैं। पहले यहाँ के लोगों को मेडिकल सुविधाओं के लिए लगभग 30-40 किमी दूर जाना पड़ता था पर अब उनके अपने इलाके में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
इन डिजिटल डिस्पेंसरी में अनुभवी नर्स, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट और सभी ज़रूरी डिजिटल उपकरण मौजूद हैं। एक्सपर्ट डॉक्टर्स से मरीजों का फ्री-ऑनलाइन विडियो कंसल्टेशन करवाया जाता है और उनके टेस्ट, चेक-अप और दवाइयां, सब मुफ़्त होता है।
अपनी इन सब योजनाओं के चलते केन्दुझर जिला प्रशासन न सिर्फ़ उड़ीसा के बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणा है। अंत में आईएएस ठाकरे सिर्फ़ यही कहते हैं,
"हम कुछ अलग नहीं कर रहे हैं। हमारा काम जनता की सेवा है और इसके लिए हमें जो भी कदम उठाने होंगे, हम उठायेंगें।"
संपादन: भगवती लाल तेली
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