उगाती हैं 100 किस्मों के कमल व 65 किस्मों की लिली, कंद बेचकर कमाती हैं हजारों रुपये

Neetu flower tuber business (1)

केरल की नीतू सुनीश ने अपने शौक़ के लिए कमल और लिली के फूलों को लगाना शुरू किया था। आज उनके घर पर 100 से ज्यादा किस्मों के कमल और 65 किस्मों की लिली मौजूद हैं, जिसके ट्यूबर यानी कंद को बेचकर वह महीने के 10 से 30 हजार रुपये कमा रही हैं।

जिन लोगों को पेड़-पौधे उगाने का शौक़ होता है, वे अक्सर नई किस्मों के फलों और फूलों के पौधे लगाते रहते हैं। तीन साल पहले केरल की नीतू सुनीश का वॉटर लिली और कमल के फूल लगाने का शौक़ शुरू हुआ था, जिसके बाद उन्होंने आस-पास के तालाबों, नर्सरी और दोस्तों से मांगकर कई किस्मों के फूल उगाने शुरू किए। देसी फूलों के साथ-साथ उन्होंने हाइब्रिड फूलों को लगाना भी शुरू किया। आज उनके पास 100 से ज्यादा किस्म के हाइब्रिड कमल और तकरीबन 65 वॉटर लिली के पौधे हैं। उनके इतने बड़े कलेक्शन को देखने के बाद, उनके कई दोस्त, उनसे इसके ट्यूबर मांगते थे। तभी उन्हें लगा की यह एक अच्छा साइड बिज़नेस बन सकता है। 

द बेटर इंडिया से बात करते हुए नीतू कहती हैं, “आजकल ज्यादा से ज्यादा लोग पारिवारिक समारोहों या फिर त्योहारों में नकली फूलों की जगह ताज़े फूल सजाना पसंद करते हैं। वहीं, इन हाइब्रिड किस्म के फूलों के पौधे जल्दी तैयार हो जाते हैं। इसलिए इसकी डिमांड भी काफी ज्यादा है।”

टीचर से बनीं बिजनेसवुमन

Neetu is growing lotus & water lily in Home Garden
Neetu’s Home Garden

पेशे से टीचर रहीं नीतू के पति NHPC Ltd में मैनेजर के पद पर काम करते हैं। इसलिए उन्हें अपने पति के तबादले के कारण, शहर बदलना पड़ता था और यही कारण था कि उन्होंने दस साल पहले नौकरी छोड़कर कुछ ऑनलाइन बिज़नेस करने का फैसला किया। वह तकरीबन आठ साल से कपड़ों का ऑनलाइन बिज़नेस कर रही हैं। 

लेकिन अपनी बेटी की पढ़ाई के कारण, उन्होंने कुछ साल पहले केरल में अपने माता-पिता के साथ स्थायी रूप से रहने का फैसला किया। वहां उन्हें घर पर गार्डनिंग करने का मौका मिला। वह कहती हैं, “मैं तीन सालों से कमल और लिली उगा रही हूँ। पहले मैं पास के तालाब से इन फूलों को लाकर लगाती थी। लेकिन मुझे ऑनलाइन इसके हाइब्रिड किस्मों के बारे में पता चला, जिसके बाद मैंने सबसे पहली बार ओडिशा से ट्यूबर मंगाकर इसे लगाया।”

ट्यूबर इन फूलों की जड़ या कंद को कहते हैं, जिससे कई छोटी-छोटी जड़ें उगती हैं। एक ट्यूबर से एक पौधा बनता है, लेकिन जब यह पौधा बड़ा हो जाता है, तब इसकी रिपॉटिंग की जाती है। 

Neetu started business of lotus & lily tubers
Lotus Tubers

धीरे-धीरे वह कई किस्मों के फूलों के ट्यूबर ऑनलाइन मंगाकर उगाने लगीं। मात्र एक साल में ही उनका कलेक्शन काफी बड़ा हो गया। आज उनके पास कमल की Lady Bingley, Foreigner, Bucha, White Peony Lotus, Little Rain, Buddha Seat, Green Apple, Pink Cloud, Snow White, Peak of Pink और लिली की Poonsup, Morodabay, Sanamchai, Rishi, Riya जैसी कई किस्में उपलब्ध हैं। 

सोशल मीडिया से शुरू किया बिज़नेस  

नीतू कहती हैं, “इन पौधों की रिपॉटिंग करते समय, हमें तीन से चार ट्यूबर मिल जाते हैं, जिससे हम नए पौधे उगा सकते हैं। मेरे कलेक्शन को देखने के बाद, मेरे कई दोस्त मुझसे ट्यूबर मांगते थे। तभी मुझे इसके बिज़नेस का ख्याल आया।”

उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने सुन्दर-सुन्दर फूलों की तस्वीरें अपलोड करना शुरू किया, जिसके बाद देशभर से लोग उनसे ट्यूबर की मांग करने लगे। वह, इन फूलों के ट्यूबर और इसकी छोटी-छोटी जड़ों को कुरियर के माध्यम से देशभर में पहुँचाती हैं। उन्हें कोलकाता, पुणे और मुंबई से नियमित ऑर्डर मिलते रहते हैं। उनके पास उपलब्ध हाइब्रिड किस्मों के ट्यूबर की कीमत बाज़ार में 300 से 15000 रुपये तक है। नीतू अपने कस्टमर्स को ये ट्यूबर्स मार्केट प्राइज़ पर ही देती हैं।

Lotus in Neetu's garden
Lotus in Neetu’s garden

दूसरों को भी सिखाया लोटस कल्टिवेशन

नीतू अपने घर की छत से ही इस बिज़नेस को चला रही हैं। उनसे प्रभावित होकर उनकी एक मित्र विनीता मनोज ने भी पिछले लॉकडाउन के दौरान लिली और कमल उगाना शुरू किया। इसके बाद अभी वह भी इसका बिज़नेस कर रही हैं। विनीता कहती हैं, “मुझे सबसे पहली बार कमल उगाने के लिए हाइब्रिड ट्यूबर नीतू ने ही दिए थे, जिसके बाद वह समय-समय पर मुझे इससे जुड़ी सलाह देती रहती हैं। फिलहाल, मैं बिहार से भी ट्यूबर मंगा रही हूँ। ऑनलाइन इस बिज़नेस से अच्छी कमाई हो जाती है। सीजन में मैं आराम से 30 हजार रुपये तक कमा लेती हूँ।” 

अंत में नीतू कहती हैं कि गार्डेनिंग का शौक़ रखने वाला हर इंसान, इसे आराम से कर सकता है। इसमें ज्यादा देखभाल की जरूरत भी नहीं होती। आप नीतू से ट्यूबर खरीदने ले लिए उन्हें उनके इंस्टाग्राम पेज या 9961936210 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

संपादनः अर्चना दुबे

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