निष्पक्ष और सटीक खबरे पढने के लिए इस एप को डाउनलोड करे !

यदि आप UPSC या किसी भी ऐसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे है जिसमे सामान्य ज्ञान का बहुत महत्त्व है या फिर आप उनमे से है जिन्हें मिर्च मसाला लगायी हुई सनसनीखेज खबर नहीं बल्कि असली समाचार से मतलब है तो आपको तुरंत एक एप अपने फ़ोन में डाउनलोड कर लेना चाहिये – CivilsDaily !

यदि आप UPSC या किसी भी ऐसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे है जिसमे सामान्य ज्ञान का बहुत महत्त्व है या फिर आप उनमे से है जिन्हें मिर्च मसाला लगायी हुई सनसनीखेज खबर नहीं बल्कि असली समाचार से मतलब है तो आपको तुरंत एक एप अपने फ़ोन में डाउनलोड कर लेना चाहिये – CivilsDaily !

२७ वर्षीय रोहित पांडे यूँही एक दिन सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे अपने एक मित्र से बात कर रहे थे। इस मित्र ने बताया कि जो भी अखबार या पत्रिका वे पढ़ते है या टीवी पर जो भी न्यूज़ चैनल देखते है वो किसी न किसी राय से प्रभावित होती है। बयानों और मतों की भीड़ में असली खबर का पता ही नहीं लगता। ये बात उन लोगो के लिए एक भारी समस्या का कारण है जिन्हें किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करनी हो या सिर्फ मूल खबर जानने की चाह हो।

इस संवाद के बाद रोहित और उनके एक दोस्त शिखर सचन ने मिलकर एक एप बनाया जिसकी मदद से UPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए छात्र आसानी से तैयारी कर पायें।

Civilsdaily news app
रोहित पांडे

इस एप का नाम रखा गया सिविल्सडेली, जो की एक एंड्राइड आधारित मोबाइल एप है। इस एप को उन लोगो के लिए बनाया गया है जिनके लिए खबरे जानना एक ज़रूरत है न की मनोरंजन का माध्यम।

सिविल्सडेली मूल रूप से मुख्य समाचारों का एक समूह है जिसमे आपको न तो किसीके विचार मिलेंगे और न ही राय। यह सिर्फ वास्तविक खबर पर आधारित जानकारी है जिसे लोग आसानी से समझ पाते है।

Civilsdaily news app

“इन दिनों खबर कम और खबरों के आसपास का शोर ज्यादा दिखाया जाता है। हर अखबार, हर न्यूज़ चैनल की अपनी एक राय होती है जिसके इर्द गिर्द इन खबरों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जाता है। हमने इन खबरों को खोजना शुरू किया और उन्हें विशेष बिन्दुओं में बांटा ताकि लोगो को वास्तविकता का आसान शब्दो में पता चले”, रोहित ने बताया।

शिखर और रोहित द्वारा मार्च २०१५ में शुरू किये गए इस एप को अब तक १ लाख से भी ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके है और अब इसका हिंदी संस्करण भी उपलब्ध है।cv1

कई बार ऐसा होता है कि कोई पुरानी खबर होती है जिसके सन्दर्भ में जानकारियाँ आती रहती है और क्यूंकि हम उस खबर के मुद्दे को ही नहीं जानते इसलिए हमे वह खबर समझ नहीं आती। सिविल्सडेली में न्यूज़-कार्ड के ज़रिये इन खबरों की एक कड़ी तैयार की जाती है जिससे कि आप किसी भी समय इस खबर को पढ़े, आपको मूल मुद्दे का पता होता है।

सीविल्सडेली की टीम में रोहित को मिलाकर कुल तीन सदस्य है और इसमें कई पत्रकार स्वेच्छा से भी खबरे देते है।

Civilsdaily news app

रोहित बताते है कि, “प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्र ज़्यादातर द हिन्दू, जागरण, इंडियन एक्सप्रेस, मिंट इत्यादि जैसे अखबारों को पढ़ते है इसलिए हमारी टीम इन्ही अखबारों से खबरों को खोजकर उन्हें सरल बनाकर लिखती है।“

खबरों को राय- मुक्त और सरलता से पेश करने के अलावा इस एप का एक और जो बहुत महत्वपूर्ण पहलु है, वो है उन लोगो को खबरों को जड़ से समझाना जो रोज़ अखबार नहीं पढ़ पाते। यह काम इन्फोग्राफिक्स की मदद से किया जाता है।

Untitled design (1)

 

 

पर सिविल्सडेली की टीम इस मुहीम को सिर्फ एप तक ही सीमित नहीं रखना चाहती। उनका मानना है कि यह समस्या सिर्फ उन लोगो तक सिमित नहीं है जो इन्टरनेट का इस्तेमाल कर सकते है बल्कि उन गरीब तबके के छात्रों को भी इस सुविधा की ज़रूरत है जो कंप्यूटर या एंड्राइड फ़ोन नहीं रख सकते। ऐसे ही छात्रों की सहायता के लिए कुछ स्वयं सेवी संस्थाओ की मदद से इन खबरों के न्यूज़-कार्ड्स को पीडीएफ रूप में इन छात्रों में बांटा जायेगा।

इसके अलावा हिंदी संस्करण का निर्माण भी उन लोगो को ध्यान में रखते हुए किया गया है जो अंग्रेजी में प्रबल नहीं है।

cv1 (1)

रोहित कहते है, “हमने अंग्रेजी माध्यम में पढने वाले बच्चो को ध्यान में रखते हुए इस एप का आविष्कार किया था। पर धीरे धीरे हमे पता चला कि प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने वाले कई छात्र हिंदी माध्यम से भी होते है। कई ऐसे होते है जो छोटे शहरो और गाँवों में रहने की वजह से अच्छे अखबार तथा पत्रिकाओं का लाभ नहीं उठा सकते और उन्हें सस्ते सामान्य ज्ञान की औसतन पुस्तकों से ही काम चलाना पड़ता है। इन छात्रों के लिए हमने इस एप का हिंदी संस्करण भी अब शुरू कर दिया है।”

हिंदी में भी बिलकुल सही समाचार आप तक पहुँचाने के लिए सिविल्सडेली की टीम अंग्रेजी की खबरों को ही हिंदी में अनुवादित करती है। इस एप को कम से कम डाटा में इस्तेमाल किया जा सकता है ताकि छात्र इसे कही से भी इस्तेमाल कर सके। इसके अलावा आप इन न्यूज़-कार्ड्स को बुकमार्क करके रख सकते है जिससे आप इन्हें बिना इन्टरनेट के भी कही से भी पढ़ सकते है।

आइआइटी गुवाहाटी से इंजीनियरिंग कर चुके रोहित ने इस एप पर काम करने के लिए अक्टूबर २०१४ में अपनी स्थायी नौकरी छोड़ दी थी। अब वे कुछ निवेशको की मदद से अपने इस सपने को और आगे बढ़ाना चाहते है।

दिल्ली में बसे सिविल्सडेली की इस टीम को पिछले एक साल में बहुत ही अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और अपने हिंदी संस्करण के लिए भी उन्हें इसी की उम्मीद है।

इस एप को  यहाँ से डाउनलोड करे अथवा उनकी वेबसाइट  पर भी आप इन खबरों को पढ़ सकते है।

यदि आपको ये कहानी पसंद आई हो या आप अपने किसी अनुभव को हमारे साथ बांटना चाहते हो तो हमें contact@thebetterindia.com पर लिखे, या Facebook और Twitter (@thebetterindia) पर संपर्क करे।

We at The Better India want to showcase everything that is working in this country. By using the power of constructive journalism, we want to change India – one story at a time. If you read us, like us and want this positive movement to grow, then do consider supporting us via the following buttons.

Please read these FAQs before contributing.

X