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अच्छी ख़बरें

9 से 5 की नौकरी को किया Bye, पैशन को किया Hi! चाय बेचकर हर साल कमाते हैं 7 लाख रूपये

By पूजा दास

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के रहने वाले अंकित नागवंशी, एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। लेकिन, नौकरी छोड़ कर उन्होंने Tea Business शुरू किया और बन गए ‘इंजीनियर चायवाला’।

मुंबई: मुफ्त 'डिजिटल हियरिंग एड' प्रदान कर, संवारा 1300 से ज्यादा दिव्यांग बच्चों का जीवन

By निशा डागर

मुंबई की रहने वाली ऑडियोलॉजिस्ट और स्पीच थेरेपिस्ट, देवांगी दलाल ने साल 2004 में, ईएनटी सर्जन, डॉ. जयंत गाँधी के साथ मिलकर 'जोश फाउंडेशन' की शुरुआत की। जिसके जरिए, वे 1300 से ज्यादा जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त में 'डिजिटल हियरिंग एड' उपलब्ध करा चुके हैं।

वड़ा पाव का 100 करोड़ का बिजनेस, मिलिए मुंबई के इस उद्यमी से

By पूजा दास

मुंबई की मशहूर फूडचेन ‘जंबोकिंग बर्गर' के मालिक, धीरज गुप्ता बता रहे हैं, कैसे उन्होंने 'मेक इन इंडिया' पर ध्यान केंद्रित करते हुए, एक स्ट्रीटफूड वड़ा पाव को रीब्रांड किया और फूड बिजनेस में आगे बढ़े।

कैंसर से छूटा अपनों का साथ, पर नहीं मानी हार, अब किसानों को जोड़ रहे जैविक खेती से

By निशा डागर

अमृतसर, पंजाब के रहने वाले 60 वर्षीय गुणबीर सिंह ने किसानों को जैविक खेती से जोड़ने और उनकी मदद करने के लिए ‘दिलबीर फाउंडेशन' की शुरुआत की।

ओडिशा की मधुमिता अग्रवाल बनीं, भारतीय EV मैन्युफैक्चरिंग कंपनी की पहली महिला को-फाउंडर

By पूजा दास

करोड़ों का राजस्व अर्जित करने वाली टेक्नोलॉजी और इनोवेशन कंसल्टिंग फर्म ‘IPexcel’ की स्थापना के बाद, ओडिशा की मधुमिता अग्रवाल अब अपने पति दिनकर अग्रवाल के साथ, एक इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी ‘OBEN’ का नेतृत्व कर रही हैं।

चंडीगढ़: घर से शुरू किया स्ट्रॉबेरी बिजनेस, 1100 ग्राहकों तक पहुंचाते हैं ताजा स्ट्रॉबेरी

By निशा डागर

चंडीगढ़ के रहने वाले भाई-बहन, वृत्ति नरूला और पार्थ नरूला ने लॉकडाउन के दौरान, अपने खेतों में उगी जैविक स्ट्रॉबेरी को लोगों तक पहुंचाना शुरू किया था। आज अपने ब्रांड नाम ‘फ्रेशविल’ के जरिए, वे ताजा स्ट्रॉबेरी के साथ-साथ, जैम, क्रश, स्लश जैसे खाद्य उत्पाद भी लोगों को उपलब्ध करा रहे हैं।

बिना ट्रेनिंग शुरू की टेरेस गार्डनिंग, अब बिना मिट्टी उगाती हैं 230 तरह की फल-सब्जियां

By पूजा दास

बेंगलुरु की जिंसी सैमुअल ने खेती में बिना किसी औपचारिक ट्रेनिंग के, अपनी छत पर हाइड्रोपोनिक और एक्वापोनिक विधि से 230 तरह की फल-सब्जियां उगाती है। साथ ही, झींगा तथा तिलापिया मछलियों का भी होता है प्रजनन।

असम: नौवीं पास शख्स ने किसानों के लिए बनाई, कम लागत की 15 से ज्यादा फूड प्रोसेसिंग मशीनें

By निशा डागर

डिब्रूगढ़, असम के रहने वाले 56 वर्षीय चाय किसान, दुर्लभ गोगोई ने 15 से ज्यादा फूड प्रोसेसिंग मशीनें बनाई हैं। जिनमें चाय, धान, हल्दी, अगर और अदरक जैसी फसलों को प्रोसेस करने वाली मशीनें शामिल हैं।

E-Waste to Eco-Art: बेकार पड़े गैजेट्स से बना दी पेंटिंग, ज्वेलरी, घड़ी जैसी चीजें

By निशा डागर

बेंगलुरु में रहने वाले 58 वर्षीय विश्वनाथ मल्लाबादी एक इको-आर्टिस्ट हैं, जो पिछले आठ सालों से इलेक्ट्रॉनिक कचरे को अपसायकल करके ज्वेलरी, पेंटिंग, मिनी बिल्डिंग, डमी रोबोट आदि बना रहे हैं।

मिठाइयां यूपी की, स्वाद तमिलनाडु का, खुश्बू पहुंची विदेशों तक

By पूजा दास

तमिलनाडु के तंजावुर में साल 1949 में बनी ‘बॉम्बे स्वीट्स’ नामक दुकान में, रोजाना लगभग चार हजार ग्राहक आते हैं। यहां 200 प्रकार की मिठाइयां और सात तरह के स्वादिष्ट स्नैक्स मिलते हैं।