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    बाबा बुल्ले शाह दा टूथपेस्ट!

    आप ही कहें ये बुल्ला पड़ा पड़ा ‘कमली हाँ’ ‘कमली हाँ’ (मैं पागल हूँ) करता रहता है. उधर बाबा लोग देश समाज के भले के लिए पता नहीं क्या क्या कर रहे हैं! More

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    इतवार के इतवार ज़िन्दगी!

    आज तुम्हारा 29वाँ जन्मदिन है, सुबह से ऑफ़िस में भागादौड़ी, तनाव है. कल रात सब देर तक काम कर रहे थे. मेरा सर ज़ोर से फट रहा है. ऊपर से चिन्ता है कि तुम्हारे लिए तोहफ़ा लेना है. More

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    इक इश्क़ की कहानी !

    क्या प्रेम हर जगह एक सा होता है? क्या सभी एक सी गहराई (और ऊँचाई) से प्यार कर पाते हैं? सुनिए सरदार जाफ़री की एक नज़्म नग़मा सहर की ज़ुबानी! More

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    हम वही काट रहे हैं जो बोया है!

    (अ)सभ्यता का आरम्भ/ का अंत’ ! 2016 के आँकड़ों के अनुसार औरतों के ख़िलाफ़ जुर्मों को देखें तो 3.27 लाख केस रिपोर्ट हुए थे. अपने देश में प्रतिदिन 106 बलात्कार की घटनायें होती है. ये तो वो हैं जो केस सामने आते हैं. हमारी संस्कृति में जिसके साथ ग़लत हुआ है उसे गन्दा समझा जाता है तो बहुत […] More

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    जोनो-गोनो-मोनो अधिनायको जोयो हे..

    जीवन के प्रत्येक मोड़ पर एक नयी ऊर्जा से भर देने वाला हमारा राष्ट्रगीत हर भारतवासी की रगों में संचरित है. हममें से कौन है जिसकी आँखों में कभी आँसू नहीं आ गए होंगे इसे सुन/गाकर. हममें से कौन है जिसके लहू में उबाल न आया हो, मुट्ठियाँ न तनी हों. More

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    फिर छिड़ी रात बात फूलों की….

    अब इसे मख़दूम की चाहत में देखें या राजकुमारी इंदिरादेवी जी से मिलने के लिए या फिर उस राज़ के लिए.. आपको सादगी का भी और शहंशाही का भी और एक मज़ेदार ग़ज़ल सुनने का भी लुत्फ़ आएगा। More

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    हुस्न-ए-समधन [उर्फ़: शौक़-ए-समधी]

    ये लोकगीत न जाने कब से चले आ रहे हैं और न जाने किसने उन्हें लिखा है. लेकिन ‘समधन का सरापा’ यानी समधन के हुस्न का नखशिख वर्णन नज़ीर अकबराबादी ने अलग ही अंदाज़ में किया है. More

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    उफ़, उफ़्फ़ – ‘द’ टॉम ऑल्टर!

    टॉम ऑल्टर की तरबियत (शिक्षा) उर्दू ज़ुबान में मसूरी में हुई. वे ख़ालिस भारतीय थे और अपने को अंग्रेज़ कहे जाने पर उन्हें अच्छा नहीं लगता था. कितना कुछ तो उन्हें ज़ुबानी याद था. More

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    मनोज बाजपेयी के गर्दिश के दिनों की साथी : रश्मिरथी!

    गर्दिश के दिनों में ताकत कहाँ से आती है भला?
    जवाब में अमूमन लोग कहते हैं भगवान से, इश्क़ से, नशे से……लेकिन मनोज बाजपेयी कहते हैं ‘रश्मिरथी’ से!  More