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कुमार देवांशु देव

7वीं पास माँ की 'मदद और न्याय' की सीख ने बनाया अधिकारी, पढ़िए एक IPS की संघर्ष भरी कहानी

नागपुर स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो में पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवारत आईपीएस निर्मला देवी मूल रूप से तमिलनाडु के कोयंबटूर के अलंदुराई गाँव की रहने वाली हैं।

बेंगलुरु: रिटायरमेंट के बाद शुरू की बागवानी, अब छत पर हैं 200 से अधिक पेड़-पौधे

रिटायरमेंट के बाद 63 वर्षीया राजेश्वरी ने अपने गार्डनिंग के शौक को पूरा करने का मन बनाया और अपने छत पर बागवानी शुरू कर दी, आज उनके टेरेस गार्डन में 200 से अधिक पौधे हैं।

बिहार: पशुपालन और खेती के अनोखे मॉडल को विकसित कर करोड़ों कमा रहा यह किसान

बिहार के बेगूसराय जिला के कोरैय गाँव के रहने वाले 30 वर्षीय ब्रजेश कुमार पढ़ाई पूरी करने के बाद, सीबीएसई में सीसीई कंट्रोलर के तौर पर काम कर रहे थे। लेकिन, कुछ अलग करने की चाहत में उन्होंने साल 2013 में अपनी नौकरी छोड़ दी।

गुड़गाँव: माँ-बेटी की जोड़ी ने लॉकडाउन के दौरान बेच डाले 400+ टब होममेड आइसक्रीम

गुड़गाँव की रहने वाली रितू गुप्ता और मृदु गुप्ता की, माँ-बेटी की जोड़ी ने, अपनी आइसक्रीम की लालसा को दूर करने के लिए होममेड आइसक्रीम बनाने का बिजनेस शुरू कर दिया। वह अपने ‘एमजी होममेड आइसक्रीम’ के तहत अब तक 400 टब से अधिक आइसक्रीम बेच चुके हैं।

कर्नाटक: बेकार प्लास्टिक से 10 दिनों में बनाया घर, हर तरफ हो रही है प्रशंसा

रीसाइकल्ड प्लास्टिक से बनाए इस घर में एक बड़ा कमरा होने के साथ ही, एक स्टोर रूम, बाथरूम, रसोई, और आँगन भी हैं। इसे बनाने में करीब 1,500 किलोग्राम प्लास्टिक का उपयोग किया गया है।

हरियाणा का वह छात्र जिसने 16 साल की उम्र में कर दिया साँसों से बोलने वाली मशीन का आविष्कार

हरियाणा के पानीपत के रहने वाले अर्श शाह दिलबगी ने महज 16 साल की उम्र में ‘टॉक’ नाम से एक ऐसे यंत्र को बना डाला था, जो एमियोट्रॉफ़िक लैटरल स्कलिरॉसिस और पार्किंसन रोग जैसी बीमारियों की वजह से अपनी आवाज खो बैठे लोगों को साँसों के जरिए बोलने में मदद कर सकती है।

UPSC में नहीं हुए सफल, तो तीन दोस्तों ने शुरू कर दी मिलिट्री मशरूम की खेती, लाखों है कमाई

राजस्थान के गंगानगर जिले के रावल मंडी गाँव के रहने वाले संदीप बिश्नोई, अभय बिश्नोई और मनीष बिश्नोई ने साल 2018 में नैनीताल स्थित अम्ब्रोस फूड फर्म से मिलिट्री मशरूम की खेती की ट्रेनिंग ली और मार्च 2019 में अपने गाँव में 12 लाख रुपए की लागत से अपने वेंचर ‘जेबी कैपिटल’ को स्थापित किया और मिलिट्री मशरूम की खेती करने लगे।