in

गाँधीनगर में बैठे डॉक्टर ने किया अहमदाबाद में ऑपरेशन; जानिए कैसे!

डॉ तेजस पटेल टेली-रोबोटिक सर्जरी के दौरान

हाल ही में, गुजरात के अहमदाबाद में कार्डियक सर्जन डॉ. तेजस पटेल ने एक मरीज़ की टेली-रोबोटिक सर्जरी की। यह पूरे विश्व की सबसे पहली टेली-रोबोटिक सर्जरी थी।

टेली-रोबोटिक सर्जरी मरीज़ से दूर किसी भी जगह से रोबोट के ज़रिये उपकरणों को नियंत्रित करके की जाती है। यह कंप्यूटर टेक्नोलॉजी और उन्नत रोबोटिक्स द्वारा सक्षम है।

अहमदाबाद के एपेक्स हार्ट इंस्टिट्यूट में चीफ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ पटेल ने 32 किलोमीटर दूर गांधीनगर के अक्षरधाम मंदिर से रोबोट को एक मरीज की सर्जरी करने के लिए निर्देश दिए। यह मरीज़ एक महिला थी, जिनकी आर्टरी ब्लॉक हो गयी थी। इस प्रोजेक्ट की सफ़लता से दिल और स्ट्रोक की बीमारियों वाले मरीज़ों के लिए डॉक्टरों तक पहुंचना आसान हो जायेगा, ख़ासकर ग्रामीण इलाकों में जहाँ इन सुविधाओं की अक्सर कमी होती है।

सर्जरी के दौरान की एक तस्वीर

मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों को गुणवत्ता और विशेष स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए इस तकनीक पर काम करेगी।

Promotion

हालांकि, डॉ. पटेल पहले भी रोबोटिक सर्जरी करते रहे हैं लेकिन यह पहली बार है कि ऑपरेशन थिएटर से बाहर और इतनी दूर से दुनिया में कोई सर्जरी हुई हो। “यह प्रक्रिया 20 एमबीपीएस कनेक्टिविटी की स्पीड पर भी हो सकती थी। इस तकनीक से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों के जीवन में बदलाव लाया जा सकता है,” डॉ पटेल ने कहा

हालांकि, उन्होंने माना कि यह तकनीक थोड़ी महँगी है लेकिन यह भी भरोसा दिलाया कि आने वाले सालों में आम परिवार इसकी सुविधा आसानी से ले पायेंगें।

हम उम्मीद करेंगे कि जल्द ही यह तकनीक पूरे भारत में फैले और साधारण लोगों तक पहुंचे।

मूल लेख: रिनचेन नोरबू वांगचुक


यदि आपको इस कहानी से प्रेरणा मिली है या आप अपने किसी अनुभव को हमारे साथ बांटना चाहते हो तो हमें hindi@thebetterindia.com पर लिखे, या Facebook और Twitter पर संपर्क करे। आप हमें किसी भी प्रेरणात्मक ख़बर का वीडियो 7337854222 पर भेज सकते हैं।

Promotion

देश में हो रही हर अच्छी ख़बर को द बेटर इंडिया आप तक पहुँचाना चाहता है। सकारात्मक पत्रकारिता के ज़रिए हम भारत को बेहतर बनाना चाहते हैं, जो आपके साथ के बिना मुमकिन नहीं है। यदि आप द बेटर इंडिया पर छपी इन अच्छी ख़बरों को पढ़ते हैं, पसंद करते हैं और इन्हें पढ़कर अपने देश पर गर्व महसूस करते हैं, तो इस मुहिम को आगे बढ़ाने में हमारा साथ दें। नीचे दिए बटन पर क्लिक करें -

₹   999 ₹   2999

Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है.

1971 युद्ध का वह सुरमा जिसे जिवित रहते हुए मिला था परमवीर चक्र!

भारतीय सैनिकों को दुश्मन की नज़र से बचाएगा आईआईटी कानपूर का यह आविष्कार!