in

दिल्ली : जूस, चिप्स, चाय, कॉफ़ी, वेफर्स, इन सबसे होता है गोल्डी सिंह की टैक्सी में सवारियों का स्वागत!

पने बहुत बार कैब सर्विसेज ली होंगी पर दिल्ली के गोल्डी सिंह की टैक्सी की बात बहुत ही अलग है। इस टैक्सी में सवारी करने पर आपको ‘गुरु का लंगर’ मिलता है। इस लंगर में आपको मिनरल पानी की बोतल, जूस, चिप्स, चाय, कॉफ़ी, वेफर्स आदि मुफ्त में मिलता है। साथ ही, टैक्सी में एक पोस्टर है जिस पर लिखा है ‘देख भाई, गाने बजेंगे पंजाबी, स्पीड रहेगी फिफ्टी, प्लीज डोन्ट माइंड, फील कूल ऐंड बी हैप्पी।’

इस टैक्सी में आपको इस सबके साथ मोबाइल चार्जिंग पॉइंट भी मिलता है। टैक्सी के मालिक और ड्राईवर गोल्डी सिंह दिल्ली के पंजाबी बाग़ के निवासी हैं और उनका असली नाम संत सिंह है।

अपनी अनोखी टैक्सी सर्विस के अलावा गोल्डी सिंह अपने यूट्यूब चैनल के लिए भी काफी प्रसिद्द हैं। लगभग 15 हज़ार लोग उन्हें यूट्यूब पर फॉलो करते हैं। अपने चैनल पर वे अलग-अलग विडियो डालते हैं, कभी ड्राईवरों के लिए ड्राइविंग टिप्स तो कहीं स्ट्रीट फ़ूड का रिव्यु तो कभी अपने साथ सवारी करने वाले लोगों के साथ मजेदार बातें।

गोल्डी सिंह यूट्यूब चैनल

लेकिन एक कैब ड्राईवर आखिर इतना सबकुछ मुफ्त में क्यों देगा? यह सवाल सबके जहन में उठता ही है। तो हम आपको बता दें कि गोल्डी सिंह सिख धर्म की दसवंद की सीख का पालन करते हैं, यानी अपनी कमाई का दसवां हिस्सा लोगों की सेवा के लिए देना।

अपनी कमाई के उसी हिस्से से उनकी गाड़ी की आगे की सीट पर छोटा चिलर है और गाड़ी की डिक्की पानी, कोल्ड ड्रिंक, लेमन सोडा, चिप्स, चाय या कॉफी बनाने के सामान से भरी पड़ी है। ऐसा नहीं है कि गोल्डी सिंह बहुत समृद्ध परिवार से हैं।

Promotion

उनके ऊपर 7 लोगों का जिम्मा है और इतने बड़े परिवार में वे अकेले कमाने वाले हैं। लेकिन साथ ही सच्चे सिख भी हैं और पूरे दिल से दसवंद का पालन करते हैं।

गोल्डी ने अपने जीवन में बुरा वक़्त भी देखा जब पीठ में चोट लगने के कारण उनकी अच्छी-खासी नौकरी छूट गयी थी और उन्हें काफी दिन घर पर रहना पड़ा। कुछ समय बाद उन्होंने किराए पर गाड़ी लेकर चलाना शुरू किया लेकिन इसमें भी उन्हें कोई बचत नहीं हुई और घर चलाना मुश्किल हो गया।

गोल्डी कहते हैं कि ऐसे में उनके माता-पिता ने उन्हें संभाला और उन्हें अपनी टैक्सी खरीदने के लिए जैसे-तैसे कर पैसे दिए। अपनी टैक्सी लेने के बाद गोल्डी ने जी-जान से मेहनत शुरू की। उन्होंने टैक्सी को इस तरह बनवा लिया ताकि वे दसवंद का पालन भी कर पायें।

गोल्डी ने बताया, “जब भी कोई कस्टमर मेरी कैब में बैठता है, सबसे पहले मैं जैसे घर में मेहमान आते हैं वैसे ही उनसे पानी पूछता हूँ, उसके बाद उन्हें बाकी चीजें ऑफर करता हूँ। लोगों को मेरा यह काम काफी अलग लगता है।” उन्होंने कहा कि ऐसी कैब शायद ही दिल्ली में कोई चलाता हो।

लोग उनकी तारीफ करते हैं और उनके साथ सेल्फी तक क्लिक कराते हैं। इस सबसे गोल्डी को सिर्फ मोटिवेशन मिलती है लोगों के लिए कुछ करने की। गोल्डी ने कहा कि लाइफ का मकसद सबको खुश रखने का है। छोटी-सी जिंदगी में अगर बड़े काम नहीं किए तो सब बेकार है।


यदि आपको इस कहानी से प्रेरणा मिली है या आप अपने किसी अनुभव को हमारे साथ बांटना चाहते हो तो हमें hindi@thebetterindia.com पर लिखे, या Facebook और Twitter पर संपर्क करे। आप हमें किसी भी प्रेरणात्मक ख़बर का वीडियो 7337854222 पर भेज सकते हैं।

शेयर करे

Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है. निशा की कविताएँ आप https://kahakasha.blogspot.com/ पर पढ़ सकते हैं!

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

कानून और समाज से लड़कर बनी देश की पहली महिला माइनिंग इंजीनियर!

अमृता शेरगिल: भारत की पहली बोल्ड, बेबाक और सबसे महँगी पेंटर!