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मणिपुर में बना पहला चिल्ड्रन-फ्रेंडली पुलिस स्टेशन, प्ले स्टेशन के साथ काउंसलिंग की सुविधा भी!

हाल ही में मणिपुर के पहले चिल्ड्रन-फ्रेंडली (बच्चों के अनुकूल बने) पुलिस स्टेशन का उद्घाटन किया गया। मणिपुर के चुराचांदपुर जिले के महिला पुलिस स्टेशन में इसे शुरू किया गया है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ख़ास पुलिस स्टेशन का उद्घाटन मणिपुर कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ़ चाइल्ड राइट्स (एमसीपीसीआर) की अध्यक्ष सुमतिबाला निंगथौजम ने किया। जिला बाल संरक्षण यूनिट से एक पुरुष और एक महिला सामाजिक कार्यकर्ता को कार्यालय के साथ काम करने के लिए नियुक्त किया गया है।

इस कार्यक्रम के दौरान, एमसीपीसीआर अध्यक्ष ने कहा कि भारत में सबसे ज़्यादा आबादी बच्चों की है और उन्हें सुरक्षित रखने की ज़रूरत है, क्योंकि वे देश का भविष्य हैं। साथ ही, उन्होंने बताया कि राज्यभर में इस तरह के और भी पुलिस स्टेशन खोले जायेंगें।

साल 2008-2012 के बीच मणिपुर अलायन्स फॉर चाइल्ड राइट्स द्वारा जारी किये गए आंकड़ों के अनुसार भारत के कई राज्यों से लगभग 349 बच्चों को बचाया गया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक मानव-तस्करी संबंधित अपराधों में मुंबई के बाद मणिपुर का नाम आता है।

इसलिए राज्य में इस तरह के पुलिस स्टेशन खोलने की योजना पर बहुत समय से काम चल रहा था। कोई भी बच्चा, चाहे वह पीड़ित हो या बाल-अपराधी, सबसे पहले पुलिस के सम्पर्क में आता है और उस समय जो भी प्रक्रिया होती है, उसका बच्चे के दिमाग पर बहुत गहरा असर पड़ता है। ऐसे में यह बहुत ज़रूरी है कि पुलिस पूछताछ के पारंपरिक तरीकों को पूरी तरह से बदल कर बहुत संवेदनशील तरीके से बच्चों के साथ पेश आये।

बच्चों के अनुकूल बने इस पुलिस स्टेशन में बच्चों के लिए मिनी प्ले स्टेशन के साथ-साथ कॉउंसलिंग की भी सुविधा है।

(संपादन – मानबी कटोच)

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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है. निशा की कविताएँ आप https://kahakasha.blogspot.com/ पर पढ़ सकते हैं!

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