जंगलों में 3 दिन की दौड़-भाग के बाद इस साहसी महिला एसपी ने पकड़ा खतरनाक सीरियल किलर को!

ह सब शुरू हुआ जब अचानक मध्य-प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार और झारखंड में ट्रक चालकों के मृत शरीर बरामद होने शुरू हुए। सबसे पहले एक ट्रक चालक का शरीर अमरावती में मिला और उसके बाद हर जगह से ऐसी खबरे आने लगी।

आश्चर्य की बात थी कि ये सभी मृत शरीर या तो ट्रक चालकों के थे या फिर उनके साथ काम करने वाले उनके चेलों के। और यही बात इन सभी मामलों की कड़ी को जोड़ती थी।

पुलिस एक समय पर एक ही मृत शरीर की छानबीन कर रही थी, ऐसे में उनके लिए हर एक बिंदु को जोड़ना मुश्किल था और उसके अलावा ये सभी मामले बहुत पुराने थे, जिन पर कोई चर्चा नहीं हो रही थी।

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार इन सभी हत्याओं के पीछे का अपराधी आदेश खमरा था। एक शांत स्वाभाव का आदमी, जो दिन के समय भोपाल की गलियों में अपनी एक छोटी सी दूकान पर दर्जी का काम करता, और रात के दौरान, ट्रक चालकों को मारने, लूटने और उनकी हत्या करने जैसे अपराधों को अंजाम देता।

आदेश शायद खतरनाक हत्यारे अशोक खमरा से प्रभावित था, जिसने 2010 में अपनी गिरफ्तारी पर लगभग 100 हत्याएं करने का जुर्म क़ुबूल किया था। इस अपराधी को पुलिस ने पकड़ा और कोर्ट में पेशी के ले जा रहे थे। लेकिन वह पुलिस की गिरफ्त से भाग निकला और उसके बाद उसकी कोई खबर सामने नहीं आयी।

रिपोर्ट में खमरा के हत्या करने के ढंग के बारे में बताया गया है। खमरा और उसके साथी सबसे पहले ट्रक चालकों को अपनी अच्छाई और दोस्ती से अपने जाल में फंसाते थे। किसी भी ट्रक ड्राइवर के पास संदेह की कोई वजह ही नहीं होती और इसलिए वे उनके चंगुल में फंस जाते। खमरा के साथी ट्रक लुटते और खमरा उनका गला दबाता या फिर उन्हें जहर खिलाकर मार डालता था। फिर, ये लोग ट्रक चालकों के बदन से सभी कपड़े उतार लेते ताकि कोई भी उनकी पहचान न कर सके। और उनके शरीर को पहाड़ी इलाकों में फेंक देते।

लेकिन इस बार खमरा की किस्मत ने उसे धोखा दिया और पुलिस ने आख़िरकार उत्तर प्रदेश में सुल्तानपुर के जंगलों से उसे पकड़ लिया। शहर की एसपी बिट्टू शर्मा (एक तायक्वोंडो ब्लैक बेल्ट और जूडो में एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता) ने देर रात को खमरा को बन्दुक की नोक पर पकड़ा।

शर्मा और एसपी लोढ़ा राहुल कुमार इन हत्याओं की जांच कर रहे थे और उसे पकड़ने में कामयाब रहे। उसे पकड़ने के बाद भी, उन्हें उसके अपराधों की गिनती के बारे में नहीं पता था।

हालांकि, गिरफ्तारी के बाद खमरा ने अपने जुर्मों का सुराग पुलिस को दिया और कबूला कि अब तक उसने 33 लोगों की हत्याएं की हैं।

हालांकि, उसके परिवार, रिश्तेदार व पड़ोसियों को यकीन ही नहीं हो रहा है कि खमरा ऐसा कुछ कर सकता है। क्योंकि उनके मुताबिक वह बहुत ही शांत और नेक इंसान था।

लेकिन जांच-पड़ताल के दौरान पता चला कि यह अपराधी एक सीरियल किलर है। उसके एक साथी जयकरन ने बताया कि जब भी वे उससे पूछते कि वह उन्हें क्यों मारता है तो वह हंसकर कहता, “वे यहाँ मुश्किल ज़िन्दगी जी रहे थे, मैं उन्हें मुक्ति दे रहा हूँ और उन्हें दर्द से आज़ाद कर रहा हूँ।”

खैर, भोपाल पुलिस और एसपी बिट्टू शर्मा का धन्यवाद, जिनके चलते अब मध्य प्रदेश के इस क्षेत्र में किसी भी ट्रक चालक को खमरा या उसकी गैंग से कोई खतरा नहीं है।

मूल लेख: रेमंड इंजीनियर 

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बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है.
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