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क्रिकेट के जूनून ने तोड़ी सरहद की दीवारें; भारत के फैन के लिए आई पकिस्तान से मदद!

एशिया कप में चाचा शिकागो के साथ सुधीर गौतम

क्रिकेट में ‘सुपरफैन’ होने का एक कमाल का कॉन्सेप्ट है। एक इंसान जो टीम और खिलाड़ियों के लिए पूरी तरह से समर्पित है, यहां तक कि उसकी ज़िन्दगी उन्हीं के इर्द- गिर्द घूमती है। और कभी-कभी वे बहुत निराश हो जाते हैं अगर उनका पसंदीदा खिलाड़ी उन्हें क्रिकेट मैदान पर देखने को ना मिले।

सुपरफैन का यह नेटवर्क आपस में भी दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है और वे एक-दूसरे की मदद के लिए आगे भी आते हैं, कभी-कभी तो सरहदों के पार से भी।

ऐसा ही एक नाम है सुधीर गौतम!

सचिन तेंदुलकर के साथ सुधीर गौतम
फोटो सोर्स – इंडियन एक्सप्रेस

अगर आपने कभी भी टीवी पर भारतीय टीम का क्रिकेट मैच देखा है तो आपको एक आदमी तिरंगे में रंगा हुआ, तिरंगा लहराता हुआ दिखेगा, जिसके सीने पर 10 नंबर लिखा होता है। यही हैं सुधीर, भारतीय क्रिकेट टीम और खासकर मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के सुपरफैन।

अभी तक इंडियन टीम ने जितने भी मैच खेले हैं सुधीर ने उनका कोई मैच नहीं छोड़ा है। हालांकि, इस बार शायद यह हो जाता लेकिन ऐसे में एक पाकिस्तानी सुपरफैन ने उनकी मदद की।

टाइम्स नाओ की रिपोर्ट के मुताबिक, सुधीर शायद इस एशिया कप में टीम इंडिया के लिए चीयर नहीं कर पाते क्योंकि वे दुबई जाने की टिकट और वहां रहने-खाने का खर्चा नहीं उठा सकते थे।

उन्होंने तो लगभग उम्मीद ही छोड़ दी थी। ऐसे में पाकिस्तान के चाचा शिकागो उर्फ़ बशीर, जो कि पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के सुपरफैन हैं, उनकी मदद के लिए आगे आये।

चाचा शिकागो (फोटो सोर्स – आउटलुक)

यह बात भारत-पाकिस्तान के मैच को और भी दिलचस्प बनाती है कि दोनों देश पिछले साल की चैंपियंस ट्रॉफी के बाद पहली बार फिर एक बार आमने-सामने खेलें।

चाचा शिकागो, दूबई जाने के लिए एक दम तैयार थे और अपने सभी प्लान बना चुके थे। उन्होंने इसी बारे में बातचीत करने के लिए सुधीर को फ़ोन किया तो उन्हें पता चला कि इस बार शायद सुधीर नहीं जायेंगे क्योंकि वे इतना खर्चा नहीं उठा सकते थे।

ऐसे में चाचा शिकागो सुधीर के लिए ‘जीनी’ बन गए और उन्होंने सुधीर का दुबई जाने और रहने आदि का पूरा खर्चा उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने वादा किया कि वे सुधीर की ख्वाहिश पूरी करने के लिए सारी चीज़े संभाल लेंगें।

सुधीर 6 साल की उम्र से ही सचिन तेंदुलकर के बहुत बड़े फैन रहे हैं। उन्होंने 14 साल की उम्र में पढ़ाई छोड़ दी। वे टीम इंडिया का कोई मैच मिस नहीं करते यहां तक कि टीम इंडिया का मैच टीवी पर देखने के लिए उन्होंने अपनी शादी भी टाल दी थी।

वे हर जगह टीम के लिए जाते, चाहे फिर टीम विश्व में कहीं भी खेले। सचिन का यह फैन अक्सर टीम के जीतने पर फेंस फांदकर मैदान में कूद जाया करता था। लेकिन जब एक बार सचिन ने उसे ऐसा न करने के लिए कहा तो उसने यह आदत छोड़ दी।

सुधीर बहुत किस्मत वाला है कि उसे हर बार चाचा शिकागो के जैसे बहुत से दयालु लोग मिल जाते हैं, जो उसके सपने को पूरा करने में उसकी मदद करते हैं। सुधीर ने बताया कि जो ट्रिप उसे 1 लाख रूपये से ऊपर की पड़ती वह अब उसके लिए बिल्कुल मुफ्त है।

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संपादन – मानबी कटोच


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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है. निशा की कविताएँ आप https://kahakasha.blogspot.com/ पर पढ़ सकते हैं!

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