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राजस्थान : अब देख सकेंगे उन युद्ध-स्थलों को जहाँ कभी लड़े थे अकबर, महाराणा जैसे वीर!

हाल ही में, राजस्थान के भरतपुर शहर में भारतीय विरासत होटल एसोसिएशन (आईएचएचए) के 7 वें वार्षिक सम्मेलन में दक्षिण पश्चिमी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल चेरीश मैथसन ‘बैटलफील्ड पर्यटन’ पर एक सत्र को संबोधित कर रहे थे। जिसके दौरान उन्होंने कहा कि राजस्थान में “युद्धक्षेत्र पर्यटन” विकसित करने की क्षमता है क्योंकि राज्य का इतिहास ऐतिहासिक लड़ाईयों से भरा हुआ है, जो इसकी विरासत और संस्कृति का एक अभिन्न अंग है।

उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की सुविधा के लिए सही आधारभूत संरचना विकसित की जाये तो बहुत से लोग इस तरह के पर्यटन के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि इस योजना पर बहुत ध्यान से काम करना होगा। सबसे पहले हमें इस युद्धक्षेत्र पर्यटन को पर्यटन की उप-श्रेणी के तौर पर समझना होगा।

उन्होंने हल्दीघाटी और चित्तौड़ में लड़ी गयी महत्वपूर्ण लड़ाइयों के जिक्र भी इस सेशन में किया। उन्होंने बताया कि इस योजना को एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जाये।

इसके अलावा युद्धक्षेत्र पर्यटन में लोगों की रूचि बढ़ाने के लिए इन क्षेत्रों में होटल, परिवहन और अन्य सुविधाओं आदि का निर्माण कर लोगों के लिए सुलभ बनाना होगा।

यदि राजस्थान के युद्धों की बात की जाये तो इनमें प्रमुख हैं – जालोर की लड़ाई (1310-11), जो अलाउद्दीन खिलजी और कान्हड़ देव के बीच लड़ी गई थी। शाममल की लड़ाई, जिसमें शेरशाह सूरी ने जैता और कुम्पा को पराजित किया था। इसके अलावा मारवाड़ और अकबर के बीच हुए युद्ध भी प्रसिद्द हैं।


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Written by निशा डागर

Blessed with a talkative nature, Nisha has done her masters with the specialization in Communication Research. Interested in Development Communication and Rural development, she loves to learn new things. She loves to write feature stories and poetry. One can visit https://kahakasha.blogspot.com/ to read her poems.

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