Search Icon
Nav Arrow

डॉक्टर की सूझ-बूझ से बची हवाई जहाज में, दो साल के बच्चे की जान!

Advertisement

जब डॉ गुरु ने सुना कि उन्ही की फ्लाइट में किसी बच्चे को अस्थमा का अटैक आया है, तो उन्होंने जल्दी से एक प्लास्टिक की बोतल का इनहेलर बनाया। इस उपकरण से उस बच्चे को समय पर काफी आराम पहुचा।
धरती से २०० फीट की ऊँचाई पर जब एक दो साल के बच्चे को अस्थमा का दौरा पड़ा, तब उसके माँ बाप के लिए एक चिंता की स्थिति उत्पन्न हो गयी क्यूंकि गलती से उन्होंने उसकी दवाई अपने चेक इन लगेज के साथ रख दी थी।
प्लेन में मौजूद इनहेलर बड़े लोगो के लिए था, जिसे बच्चे को देना संभव नहीं था।

उस बच्चे के लिए ये सफ़र बहोत तकलीफदेह और लम्बा हो जाता अगर उसके साथ मौजूद इस डॉक्टर ने एक इनहेलर बना कर उसकी जान न बचायी होती।

Screen Shot 2015-09-28 at 11.18.15 am
स्पेन से यू एस जा रहे इस विमान में मौजूद डॉक्टर थे, डॉ खुर्शीद गुरु जो न्यू यॉर्क स्थित रोसवैल पार्क कैंसर इंस्टिट्यूट के निदेशक हैं।
जब इन्हें पता चला कि विमान में एक बच्चे को अचानक ही दौरा पड़ा है, तो उन्होने जल्दी से एक प्लास्टिक की बोतल, कप, टेप और ऑक्सीजन टैंक से एक इनहेलर बना डाला।

दरअसल उन्होंने बड़ों के ही इनहेलर को बच्चो के काम में आने वाले निम्बुलैसेर में तब्दील कर दिया। निम्बुलैज़र एक ऐसी मशीन है जो अस्थमा की दवाई को भाप में बदल देती है, जिसे एक मास्क की मदद से बच्चो द्वारा आसानी से लिया जा सकता है।

Screen Shot 2015-09-28 at 11.18.00 am
उन्होंने बड़ो द्वारा उपयोग में लायी जाने वाले इनहेलर को बोतल के मुह में लगा कर दूसरी तरफ से ऑक्सीजन मास्क लगा दिया ताकि बच्चा दोनों को साथ ही ले पाए। बच्चे के लिए इसे और आसान बनाने के लिए डॉ गुरु ने एक कप लिया और उसमे छेद कर दिया। फिर इसे बोतल के ऊपर लगा दिया ताकि बच्चे के मुह और नाक से लगा कर इसे रखा जा सके।

Advertisement

उन्होंने बच्चे के माता पिता से इस कप को बच्चे के मुह पर लगा कर थोड़ी देर रखने को कहा, और आधे घंटे के बाद बच्चे के भीतर ऑक्सीजन की मात्र सामान्य हो गयी।

khurshid1
डॉ गुरु ने कहा कि हर परिवार को इस घटना से सबक लेकर हमेशा अपनी दवाई अपने साथ रखनी चाहिए क्यूंकि ऐसी स्थिति कभी भी और कहीं भी आ सकती है। डॉ. गुरु  ने पहले भी कई  हाई टेक रोबोटों की मदद से रोगियों का इलाज किया है।

All pics: Twitter

Advertisement
close-icon
_tbi-social-media__share-icon