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बेंगलुरु: घर से शुरू किया फूड बिज़नेस, हर महीने आते हैं 4000 ऑर्डर

बेंगलुरु में रहने वाली शीतल गरोडिया अपना फ़ूड बिज़नेस, ‘होमस्टाइल फ़ूड बाय होमशेफ शीतल’ चला रही हैं और हर महीने उन्हें लगभग 4000 ऑर्डर मिलते हैं।

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कहते हैं कि अगर आप में हुनर है और कुछ करने की चाह है तो कोई भी आपको अपनी एक अलग पहचान बनाने से नहीं रोक सकता है। जरूरी नहीं कि आपने जो पढ़ाई की है, आप उसी में अपना करियर बनाएं बल्कि कई बार आपकी कोई हॉबी भी आपको आगे बढ़ा सकती है। जैसा कि बेंगलुरु में रहने वाली शीतल गरोडिया के साथ हुआ। कोलकाता में पली-बढ़ी शीतल ने फैशन डिजाइनिंग की हुई है लेकिन, आज वह अपने घर से ही बतौर ‘होम-शेफ’ काम कर रही हैं। उनके फ़ूड बिज़नेस का नाम है- होमस्टाइल फ़ूड बाय होमशेफ शीतल। जिसके जरिए, वह लोगों को अलग-अलग तरह के व्यंजन बनाकर उपलब्ध कराती हैं। 

द बेटर इंडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया, “मैंने पढ़ाई के बाद एक फैशन हाउस में काम किया था और फिर शादी हो गयी। 2009 में मेरे पति को नौकरी के लिए, बेंगलुरु शिफ्ट होना पड़ा और उनके साथ मैं भी यहां आ गयी। यहां भी कुछ सालों तक मैं एक प्री-स्कूल में पढ़ा रही थी। लेकिन फिर, अपनी बेटी के जन्म के समय मैंने नौकरी छोड़ दी।” 

जैसे-जैसे उनकी बेटी थोड़ी बड़ी हुई तो शीतल को लगने लगा कि उन्हें फिर से काम करना चाहिए। वह कहती हैं कि वह घर पर खाली नहीं बैठ सकती। इसलिए, उन्होंने सोचना शुरू कर दिया कि ऐसा क्या काम है, जो वह घर पर रहते हुए भी कर सकती हैं। और यहां से शुरुआत हुई उनके फ़ूड बिज़नेस की। 

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शीतल गरोडिया, होम शेफ

व्हाट्सएप से शुरू किया काम: 

वह आगे बताती हैं, “मुझे खाना बनाने का शौक भी था और मेरे हाथ का खाना लोगों को पसंद भी आता था। इसलिए, मैं जब कुछ काम करने के बारे में सोच रही थी तो मुझे लगा कि मैं खाने से संबंधित ही कुछ कर सकती हूँ। फिर हम जिस अपार्टमेंट में रहते हैं, वहां ऐसे घर पर बना हुआ खाना डिलीवर करने की कोई सुविधा भी नहीं थी। इसलिए, मैंने एक ट्रायल लेने का सोचा और अपने अपार्टमेंट के व्हाट्सएप ग्रुप में ही इस बारे में पोस्ट लिख दिया।” 

साल 2017 में उन्होंने अपने व्यवसाय की शुरुआत एक बंगाली डिश, ‘राधावल्लभी’ से की। आज वह तरह-तरह की डिशेज बनाकर अपने ग्राहकों को खिला रही हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास पूरे दिन का मेन्यू रहता है- नाश्ता, लंच, स्नैक्स और डिनर। उन्होंने दो व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हुए हैं, जिनमें लगभग 400 सदस्य हैं। वह हर दिन अपना मेन्यू ग्रुप में पोस्ट करती हैं कि उस दिन वह क्या-क्या बना रही हैं। मेन्यू को देखकर लोग उन्हें अपना ऑर्डर देते हैं। वह बताती हैं कि सुबह से रात तक के खाने के लिए, उन्हें हर दिन 50 से ज्यादा ऑर्डर मिलते हैं। वीकेंड पर यह संख्या और ज्यादा बढ़ जाती है। 

अपने मेन्यू के बारे में बात करते हुए वह बताती हैं कि उनके सभी व्यंजन शाकाहारी होते हैं। साथ ही, वह अलग-अलग प्रान्त जैसे राजस्थान, पंजाब, मुंबई आदि के व्यंजन भी बनाती हैं। जिससे कि अपने घरों से दूर रह रहे लोगों को भी, उनके अपने व्यंजनों का स्वाद मिल सके। उनकी एक ग्राहक प्रियंका मेहतानी कहती हैं, “मैं मुंबई से हूँ और काफी समय से बेंगलुरु में रहती हूँ। मैं यहां पर सबसे ज्यादा ‘मुंबई का खाना’ याद करती हूँ। लेकिन, जब से शीतल जी के बारे में पता चला है तो यह समस्या भी दूर हो गयी है। वह दही वड़ा, वडा पाव और दाबेली जैसे सभी व्यंजन बहुत ही स्वादिष्ट बनाती हैं। साथ ही, वह बहुत ही साफ़-सफाई से काम करती हैं तो उनसे ऑर्डर करते समय, एक बार भी झिझक नहीं होती हैं।” 

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बनाती हैं तरह-तरह के व्यंजन

प्रियंका पिछले एक साल से लगातार शीतल को व्यंजनों के ऑर्डर दे रही हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें शीतल के बारे में एक फ़ूड ग्रुप से ही पता चला, जहां उन्होंने शीतल की एक पोस्ट देखी थी। इसके बाद, उन्होंने उनका खाना एक बार ट्राई करने के बारे में सोचा और अब वह हर हफ्ते उनसे कुछ न कुछ ऑर्डर करती रहती हैं। 

शीतल कहती हैं कि उन्हें महीने में लगभग चार हजार ऑर्डर आ जाते हैं। उनके व्यंजनों का मूल्य 50 रुपए से शुरू होता है। वह कहती हैं, “जहां, स्नैक्स के लिए 50-60 रुपए मूल्य है तो वहीं लंच के लिए 100 से 200 रुपए तक का मूल्य है। मैं हमेशा खाने की कीमत यही सोचकर तय करती हूँ कि यह लोगों को बहुत ज्यादा न लगे। इसमें से, मुझे मुनाफा भी हो जाता है और ग्राहकों को भी उनके हिसाब से खाना मिलता है।” 

गुणवत्ता से नहीं करती हैं समझौता: 

शीतल आगे कहती हैं कि वह सभी काम अपने घर से ही करती हैं। इसमें उनका परिवार उनकी पूरी मदद करता है। साथ ही, उन्होंने तीन महिलाओं को भी काम पर रखा हुआ है। वह बताती हैं, “मेरे पति हर काम में मेरी मदद करते हैं। अगर मैं किचन में व्यस्त हूँ तो वे बच्चों को संभाल लेते हैं। पिछले एक साल से, वह भी घर से ही काम कर रहे हैं तो अब कई बार खाना बनाने में भी मदद कर देते हैं।” शीतल कहती हैं कि उनका बिज़नेस सबसे ज्यादा व्हाट्सएप ग्रुप और उनके ग्राहकों की वजह से बढ़ा है। 

जो उनका खाना एक बार खाते हैं, वे अपने दोस्तों को भी इसे ऑर्डर करने के बारे में जरूर कहते हैं। इसी तरह उनके ग्राहक बढ़ रहे हैं। साथ ही, वह कहती हैं कि खाने के व्यवसाय में सबसे ज्यादा जरूरी है गुणवत्ता। अगर किसी ग्राहक को आपके यहां से, एक बार भी खाना सही नहीं जाता है तो आप न सिर्फ उस ग्राहक को खोएंगे बल्कि उसके जरिए, आने वाले कई और ग्राहकों को भी खो देंगे। इसलिए, शीतल हर चीज बहुत देख-परख कर इस्तेमाल करती हैं। उन्होंने कहा, “शुरूआत में, सामान के लिए भटकना पड़ जाता था। जैसे पहले मक्के का आटा कहीं आसपास नहीं मिलता था तो परेशानी होती थी। लेकिन, अब काम इतना बढ़ गया है कि दूकानदार खुद ही सभी सामान पहुंचा देते हैं। क्योंकि, उन्हें भी अब अच्छा बिज़नेस मिल रहा है।” 

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गुणवत्ता और स्वाद को रखती हैं बरकरार

शीतल हमेशा अपने ग्राहकों को कुछ न कुछ नया ऑफर करती रहती हैं। जैसे- सर्दियों में वह खासतौर पर मक्के की रोटी, सरसों का साग और गाजर का हलवा बनाती हैं। कई बार ग्राहकों के हिसाब से भी वह काम करती हैं। उनका मानना है कि अगर आपके ग्राहक आपसे संतुष्ट हैं तो आपको अपने मन में भी संतोष मिलेगा। इसलिए, वह हमेशा ग्राहकों के फीडबैक पर ध्यान देती हैं। वह कहती हैं, “हर महीने मुझे 30-40% तक का मुनाफा हो जाता है और चार सालों में मेरा बिज़नेस 10% तक बढ़ा है।” 

आगे वह कहती हैं कि कोरोना महामारी के दौरान उनके ऑर्डर काफी बढ़े हैं। क्योंकि, अब बहुत से लोग घर पर बना हुआ स्वादिष्ट और पौष्टिक खाना ही खाना चाहते हैं। डिलीवरी के लिए उन्होंने ‘डंज़ो’ (Dunzo) कंपनी से साझेदारी की हुई है। वह कहती हैं कि यह सिर्फ बाहर के ऑर्डर के लिए है। क्योंकि उनके अपार्टमेंट से उन्हें जो ऑर्डर मिलते हैं, वह ज्यादातर लोग खुद ही अपने बर्तनों में ले जाते हैं। 

कुछ टिप्स: 

अगर कोई महिला या युवा, अपने घर से खाने का बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं तो शीतल उन्हें सलाह देती हैं कि आप छोटे स्तर से अपना काम शुरू करें। पहले एक ट्रायल लें और देखें कि आप लोगों को क्या अलग दे सकते हैं। 

*खाने की गुणवत्ता और स्वाद हमेशा बरकरार रखें। कभी भी खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्रियों की गुणवत्ता से समझौता न करें। 

*मार्केटिंग के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे- व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और फेसबुक आदि का इस्तेमाल करें। 

*हमेशा ग्राहकों को कुछ नया देने की कोशिश करें और उनसे फीडबैक लेते रहें। 

*नियमित रूप से काम करें, चाहें ऑर्डर कम हों या ज्यादा। लेकिन, अगर आप एक बार शुरू करके बीच में ब्रेक लेंगे और फिर शुरू करेंगे तो इससे आपके ग्राहक कम होंगे। इसलिए काम में स्थिरता रखें। 

*हमेशा कुछ न कुछ नया सीखते रहें। जरूरी नहीं कि आप सिर्फ खाने की नयी डिशेज सीखें। कुछ अलग हुनर जैसे- सोशल मीडिया पर कैसे खुद को प्रमोट करें, अपने खाने की अच्छी तस्वीरें कैसे लें और आप अपने बिज़नेस में क्या नया कर सकते हैं आदि। 

*परेशानियां हर काम में आती हैं इसलिए, कभी भी हार नहीं मानें बल्कि संयम रखें और आगे बढ़ते रहें। 

अगर आप बेंगलुरु में रहते हैं और शीतल का बनाया खाना टेस्ट करना चाहते हैं तो उन्हें उनके इंस्टाग्राम पेज पर संपर्क कर सकते हैं। अगर आप उनसे व्यवसाय संबंधित कोई सलाह लेना चाहते हैं तब भी आप उनसे संपर्क कर सकते हैं। 

संपादन – प्रीति महावर

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