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आलू के छिलके से कंपोस्ट खाद बनाने की तरकीब, बता रहे हैं एक्सपर्ट

आलू के छिलके से कंपोस्ट खाद बनाने की तरकीब, बता रहे हैं एक्सपर्ट

मध्य प्रदेश के रहने वाले टेरेस गार्डन एक्सपर्ट, दीपक कुशवाहा बता रहे हैं आलू के छिलके से कंपोस्ट बनाने का सरल तरीका।

भोजन के बिना जीवन की कल्पना करना मुश्किल है। जिस तरह मानव और अन्य प्राणियों को ज़िंदा रहने तथा बढ़ने के लिए पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है, ठीक उसी तरह, पेड़-पौधों के लिए भी पोषक तत्व ज़रूरी होते हैं। हम कई बार देखते हैं कि पौधों को खुली जगह में रखने और रोज़ाना पानी देने के बाद भी, वे ठीक से बढ़ते नहीं या मुरझा जाते हैं। इसका एक कारण पौधों तक पोषक तत्वों का न पहुँचना हो सकता है। पौधों तक पोषक तत्व पहुँचाने का सबसे आसान तरीका, कंपोस्ट खाद है। आज हम आपको बता रहे हैं कि किस तरह बेहद आसान तरीके से, आलू के छिलकों से कंपोस्ट खाद (Compost From Potato Peels) बनाई जा सकती है।

Compost From Potato Peels

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में रहने वाले टेरेस गार्डन एक्सपर्ट, दीपक कुशवाहा ने द बेटर इंडिया के साथ, आलू के छिलकों से कंपोस्ट खाद बनाने का तरीका साझा किया है। वह कहते हैं, “अक्सर पौधों के लिए हम मिट्टी का प्रबंध तो कर लेते हैं लेकिन, इस बात पर ध्यान नहीं देते कि पौधों तक सही मात्रा में पोषक तत्व पहुँच रहे हैं या नहीं। अगर ज़रूरी पोषक तत्व पौधों तक नहीं पहुँच पाते हैं तो उनकी वृद्धि रुक जाती है और पैदावार में कमी आ जाती है।”

Compost From Potato Peels

पौधों तक पोषक तत्व पहुँचाने का एक आसान तरीका कंपोस्ट खाद है। दीपक कहते हैं, “कंपोस्ट खाद के उपयोग से पौधे तेजी से बढ़ते हैं और फूल और फलों की पैदावार भी अच्छी होती है।” 

Compost From Potato Peels

पिछले दो साल से दीपक टेरेस गार्डनिंग कर रहे हैं। अब सब्जियों के लिए बाजार पर दीपक की निर्भरता काफी कम हो गई है। बैंगन, टमामट, लौकी, करेला जैसी कई सब्जियां, दीपक अब घर पर ही उगाते हैं। हाल ही में, दीपक ने टमाटर के एक पौधे से 15 से 20 किलो की उपज प्राप्त की है। अप्रैल 2020 में, दीपक ने पौधों के रखरखाव की जानकारी के लिए टेरेस ऐंड गार्डनिंग नामक एक यूट्यूब चैनल भी बनाया है। मात्र तीन महीने में उनके एक लाख से ज्यादा सबस्क्राइबर्स हैं।

दीपक पौधों के लिए कंपोस्ट घर में ही तैयार करते हैं। वह कहते हैं कि इससे कई फायदे हैं। यह खाद बनाना आसान और सस्ता होने के साथ ही, इसे बनाने के लिए किसी विशेष तकनीक की ज़रूरत नहीं होती है। कंपोस्ट बनाने के लिए ज़रूरी सामग्री हमारे आस-पास ही मिल जाती है। इसके अलावा, कंपोस्ट से पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुँचता है। जैसे कि यह प्रकृति में मौजूद चीजों के इस्तेमाल से बनाई जाती है। कंपोस्ट खाद से तैयार अनाज व सब्ज़ियों का स्वाद अच्छा होता है। 

दीपक बताते हैं कि कंपोस्ट बनाने के लिए न तो ज़्यादा मेहनत लगती है और न ही ज्यादा खर्च आता है। हम अपने किचन से निकलने वाले कचरे से खाद बनाकर, पौधों तक जरूरी पोषक तत्व पहुँचा सकते हैं। वह कहते हैं कि कंपोस्ट बनाने का एक सबसे सरल तरीका आलू के छिलके हैं। आलू के छिलके, रोज ही हमारे किचन से निकलते हैं और हम उन्हें बेकार समझ कर फेंक देते हैं। 

दीपक कहते हैं, “ आलू के छिलके पौधों के विकास के लिए बहुत जरूरी हैं। इन आलू के छिलकों में भरपूर मात्रा में न्यूट्रिएंट्स होते हैं जैसे- पोटाशियम, मैग्नीशियम फॉसफोरस और विटामिन। ये सभी न्यूट्रिएंट्स हमारे पौधों के विकास को कई गुना बढ़ा देते हैं। यह कंपोस्ट किसी भी पौधे में और किसी भी मौसम में दिए जा सकते हैं।”

आलू के छिलकों से कंपोस्ट बनाने का तरीका

दीपक कहते हैं कि कंपोस्ट बनाने के लिए आपको तीन चीज़ों की ज़रूरत होती है। आलू के छिलके, पानी और एक डब्बा या कंटेनर।

1. एक कंटेनर में करीब एक मुट्ठी आलू के छिलके लें। अब इसमें 1 लीटर पानी मिलाएं। 

2. कंटेनर बंद कर दें। इस मिक्सचर को तीन से चार दिन के लिए अलग रख दें। 

3. हर 24 घंटे पर कंटेनर खोलें और एक चम्मच से इस घोल को अच्छी तरह से मिलाए।

4. तीन से चार दिन बाद इसे छन्नी से छान लें। 

5. अब छाने गए पानी में बराबर मात्रा में सादा पानी मिलाएं।

6. पौधों में देने के लिए, कंपोस्ट पूरी तरह से तैयार है।

इस पूरी विधि को आप इस विडियो में भी देख सकते हैं।

तो फिर देर किस बात की, आज से आलू के छिलकों को कचरे में नहीं बल्कि कंटेनर में रखिए, कंपोस्ट बनाईए और पौधों में डालिए। इससे पौधे भी अच्छी तरह बढ़ेंगे और आपका गार्डन भी खूबसूरत दिखेगा।

हैपी गार्डनिंग

संपादन- जी एन झा

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पूजा दास

पूजा दास पिछले दस वर्षों से मीडिया से जुड़ी हैं। स्वास्थ्य और फैशन से जुड़े मुद्दों पर नियमित तौर पर लिखती रही हैं। पूजा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है और नेकवर्क 18 के हिंदी चैनल, आईबीएन7, प्रज्ञा टीवी, इंडियास्पेंड.कॉम में सक्रिय योगदान दिया है। लेखन के अलावा पूजा की दिलचस्पी यात्रा करने और खाना बनाने में है।
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