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बिना ट्रेनिंग शुरू की टेरेस गार्डनिंग, अब बिना मिट्टी उगाती हैं 230 तरह की फल-सब्जियां

बिना ट्रेनिंग शुरू की टेरेस गार्डनिंग, अब बिना मिट्टी उगाती हैं 230 तरह की फल-सब्जियां

बेंगलुरु की जिंसी सैमुअल ने खेती में बिना किसी औपचारिक ट्रेनिंग के, अपनी छत पर हाइड्रोपोनिक और एक्वापोनिक विधि से 230 तरह की फल-सब्जियां उगाती है। साथ ही, झींगा तथा तिलापिया मछलियों का भी होता है प्रजनन।

बेंगलुरु की भीड़भाड़ वाली सड़कों और ट्रैफिक के बीच, रिचर्ड्स टाउन में जिंसी सैमुअल का घर है। पहली ही नज़र में, जिंसी के घर की छत पर आपको एक सुंदर सा रंगीन बगीचा दिखेगा। जिसमें बैंगनी और बरगंडी से लेकर हरे रंग तक आपको दिख जायेंगे। नज़दीक से देखने पर आपको पता चलेगा कि यह कोई समान्य बगीचा नहीं है। यहाँ फूलों, हर्बल पौधों तथा सब्जियों के बीच झींगा और तिलापिया मछली भी हैं, जो इसे काफी अलग बनाती है। जिंसी ने अपने पौधों को हाइड्रोपोनिक्स और एक्वापोनिक्स जैसी नई विधियों (Hydroponic And Aquaponic Farming) का उपयोग करके उगाया है। इस विधि में बिना मिट्टी के पौधे उगाए जाते हैं।

Hydroponic And Aquaponic Farming
गार्डन में उगे मूली और टमाटर

किया हाइड्रोपोनिक्स और एक्वापोनिक्स विधि का प्रयोग

पिछले साल मार्च के महीने में पूरे देश में लॉकडाउन लगा था। रोज़मर्रा की चीज़ें खरीदने के लिए सुपरमार्केट के बाहर, बड़ी संख्या में लोगों को कतार में देखना एक आम दृश्य बन गया था। यही वह समय था, जब जिंसी के पति, बेनसन सैमुअल ने उन्हें अपना खाना खुद उगाने का सुझाव दिया था। जिंसी कहती हैं, “लॉकडाउन के दौरान, हमें किराने की दुकानों पर लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था, जो एक थका देने वाला काम था। मेरी सास और मैं हमेशा बागवानी के शौकीन रहे हैं लेकिन, लॉकडाउन हमारे लिए एक गेम-चेंजर साबित हुआ।”

हालांकि, जिंसी और उनके पति के पास कृषि में कोई औपचारिक ट्रेनिंग नहीं है। जिंसी के पास एमबीए की डिग्री है और बीपीओ में काम करने का पेशेवर अनुभव है। उन्होंने एक क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफार्म चलाने के साथ-साथ, खाद्य सेक्टर में भी काम किया है। वहीं, उनके पति ने टेक्नोलोजी इंडस्ट्री में काम किया है।

चूंकि जिंसी और उनके पति, दोनों ही अपना रोजगार कर रहे थे और उनके पास सब्जी उगाने आदि की कोई पूर्व ट्रेनिंग नहीं थी। इसलिए, उन्होंने उन संभावित तरीकों का अध्ययन करने के लिए समय निकालना शुरू किया, जिनका वे उपयोग कर सकते थे। दो कारणों से, उन्हें हाइड्रोपोनिक्स और एक्वापोनिक्स विधि ने आकर्षित किया।

खेती की इन दोनों विधियों को चुनने के पीछे दो महत्वपूर्ण कारण थे। सबसे पहला, सीमित स्थान उपलब्ध होना और दूसरा, पारंपरिक मिट्टी आधारित बागवानी की तुलना में विकास की दर।

Hydroponic And Aquaponic Farming
जिंसी का टेरेस गार्डन सेटअप

जिंसी कहती हैं, “हाइड्रोपोनिक सिस्टम आसानी से एक शहरी घर में स्थापित किया जा सकता है। मैंने मिट्टी में और हाइड्रोपोनिक्स विधि से, पौधे उगाने की तुलना की है। मैंने पाया है कि हाइड्रोपोनिक्स विधि में पौधे तेजी से बढ़ते हैं क्योंकि, पर्यावरण अधिक नियंत्रित होता है। जैसा कि आपके पॉलीहाउस में होता है। पौधों पर कीट नहीं लगते और उनके हमले का डर भी नहीं होता है। साथ ही, आप पौधों के लिए पोषक तत्व भी नियंत्रित कर सकते हैं। यह मिट्टी आधारित बागवानी की तुलना में बेहतर परिणाम देता है।”

हाइड्रोपोनिक्स में, एक पोषक जलीय घोल को पौधों की जड़ों के माध्यम से डाला जाता है ताकि पौधे को ज़्यादा से ज़्यादा बढ़ने के लिए जरूरी स्त्रोत प्रदान किए जा सकें। इस बारे में विस्तार से बताते हुए जिंसी कहती हैं, “हाइड्रोपोनिक सिस्टम में, पानी का एक टैंक होता है, जिसमें पौधों की जरूरत और पानी के उपयोग के अनुपात में, आप पोटैशियम और नाइट्रोजन जैसे बुनियादी पोषक तत्व इसमें मिलाते हैं।”

वहीं एक्वापोनिक्स, एक्वाकल्चर और हाइड्रोपोनिक सिस्टम का एक मेल है। यह किसी तत्व के अपशिष्ट का उपयोग, दूसरे को लाभ पहुंचाने के लिए करता है और इस प्रकार यह एक प्राकृतिक इको सिस्टम की तरह काम करता है। उनके घर में एक्वापोनिक सिस्टम कैसे काम करता है, इस बारे में वह कहती हैं, “आप इस सिस्टम में खाने वाली मछलियाँ पाल सकते हैं, इससे अगर आप चाहें तो आपको मछली का मांस भी मिल सकता है। इसके बाद, उपचार के लिए पानी एक खनिज टैंक से गुजरता है। इस पानी का उपयोग सब्जियों को उगाने के लिए किया जाता है। यह बार-बार चलने वाली प्रक्रिया है।”

संक्षेप में, हाइड्रोपोनिक्स और एक्वापोनिक्स विधि में मिट्टी के बदले पानी का इस्तेमाल किया जाता है और कीटों और पौधों पर कीड़े-मकोड़ों का हमला रोकने के लिए पॉलीहाउस जैसे नियंत्रित पर्यावरण का उपयोग करते हैं।

सीखा ट्रायल और गलतियों से

अपना पॉलीहाउस स्थापित करने से पहले, जिंसी सैमुअल और बेनसन सैमुअल ने जगह के बारे में बेहतर समझ विकसित करने की योजना बनाई और इसके लिए उन्होंने शहर में उन कंपनियों से संपर्क किया, जो हाइड्रिला और गार्डन गुरु जैसे हाइड्रोपोनिक और एक्वापॉनिक्स सिस्टम की आपूर्ति करते हैं। मई 2020 में उन्होंने इस सिस्टम की स्थापना कर अपनी गार्डनिंग यात्रा की शुरुआत की।

हालाँकि, सिस्टम स्थापित करना केवल पहला कदम था। जैसे ही उन्होंने सब्जियां और फल लगाना शुरू किया, उन्हें जल्द ही समझ में आ गया कि अपना भोजन उगाने के लिए एक निश्चित स्तर की योजना और नियमित देखभाल की आवश्यकता होती है।

जिंसी कहती हैं, “जब मैंने शुरुआत की तो मैंने लगभग 96 गमलों में पालक उगाया। जल्द ही, मेरे पास इतने पालक हो गए कि मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि इनके साथ क्या करना है? लेकिन समय के साथ, हमें समझ आया कि बेहतर योजना बनाई जा सकती है।”

आज, जिंसी अपने 500 वर्ग फुट की छत पर लगभग 200 से 230 किस्मों के पौधे उगाती है। झींगा और तिलापिया मछली जैसे जलीय जीवों के प्रजनन के साथ, जिंसी अपनी छत पर बैंगन, चेरी टमाटर, पालक, गोभी, मूली, पुदीना, भिंडी जैसी सब्जियां और लाल लैटस, आइसबर्ग लैटस और ब्रोकली जैसी विदेशी सब्जियां उगा रही हैं।

जिंसी कहती हैं, “जब हमने लॉकडाउन के दौरान इस सिस्टम को शुरू किया तो इसने हमें एक उद्देश्य दिया, इसने हमें व्यस्त रखा और यह बहुत ही रोमांचक अनुभव था। हम सबकुछ अपने हाथों से ही सेट कर रहे थे, जिससे हमारे हाथ भी गंदे हो जाते थे। मगर अपने भोजन को खुद उगा कर खाना, यह अपने आप में एक अद्भुत अनुभव था।”

Hydroponic And Aquaponic Farming
जिंसी अपने गार्डन में

जैसा कि उगाई गई सब्जियों के प्रत्येक चक्र के साथ, जिंसी को अनुभव प्राप्त हुआ, उन्होंने जल्द ही महसूस किया कि उनके द्वारा उगाई गई सब्जियां उनके परिवार की खपत के लिए जरूरत से अधिक है। इसी कारण, उन्होंने पड़ोसियों और शहर में ही एक ऑर्गेनिक स्टोर को अतिरिक्त उपज बेचना शुरू कर दिया। जो उनकी उच्च गुणवत्ता वाली उपज से बेहद खुश है। अतिरिक्त उपज बेचकर, वह प्रति माह लगभग तीन हजार से चार हजार रुपये कमाती है।

जिंसी की घर में उगाई गई सब्जियां, बाज़ार में मिलने वाली सब्जियों से काफी अलग हैं। जब पड़ोसी और घर पर आने वाले मेहमान चेरी चखते हैं तो वे इसके ताजा और रसदार स्वाद से हैरान हो जाते हैं।

अपनी सब्जियां उगाने से न केवल उनके परिवार के खाने की गुणवत्ता और स्वाद में सुधार हुआ है बल्कि वह पौष्टिक भोजन खाने के लिए भी प्रोत्साहित हुई हैं।

जिंसी के गार्डन के चेरी टमाटर और बैंगन

जिंसी कहती हैं, “मेरे पति पूरी तरह से मांसाहारी थे। हमारी शादी को 13 साल हो गए और इन सालों में वह सब्जियां छूते भी नहीं थे। लेकिन जब हमने अपना खाना उगाना शुरू किया तो उन्होंने सब्जियां खाना भी शुरू कर दिया और यह एक बहुत बड़ा बदलाव है।”

ग्राहकों और पड़ोसियों की मांग पर, वह लोगों के घरों में हाइड्रोपोनिक और एक्वापोनिक सिस्टम स्थापित करने में मदद करती हैं और इस क्षेत्र में नए लोगों के लिए ‘हॉबी किट’ बनाती हैं ताकि इन दोनों सिस्टम को स्थापित करने में, उन्हें मार्गदर्शन मिल सके।

जिंसी का मानना है कि शुरुआत छोटे स्तर पर करनी चाहिए। फिर देखना चाहिए कि आपके लिए कौन सी चीजें उपयोगी साबित हो रही हैं और जैसे-जैसे आप प्रक्रिया को अच्छे से सीखते जाते हैं वैसे-वैसे आप इसका विस्तार कर सकते हैं।

हरे-भरे पौधे

हालांकि, काम के कारण जिंसी और उनके पति काफी व्यस्त रहते हैं लेकिन, वे अपने बगीचे की रोजाना जांच करती हैं। जिंसी कहती हैं, “बीज को लगाकर और उन्हें बढ़ते और परिपक्व होते देखकर मुझे बहुत ख़ुशी मिलती है।”

मूल लेख- उर्षिता पंडित

संपादन- जी एन झा

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पूजा दास

पूजा दास पिछले दस वर्षों से मीडिया से जुड़ी हैं। स्वास्थ्य और फैशन से जुड़े मुद्दों पर नियमित तौर पर लिखती रही हैं। पूजा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है और नेकवर्क 18 के हिंदी चैनल, आईबीएन7, प्रज्ञा टीवी, इंडियास्पेंड.कॉम में सक्रिय योगदान दिया है। लेखन के अलावा पूजा की दिलचस्पी यात्रा करने और खाना बनाने में है।
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